शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में हिंदी दिवस पर विशेष व्याख्यान, हिंदी पखवाड़े का आगाज
“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल” के संकल्प के साथ मनाया हिंदी दिवस; वक्ताओं ने हिंदी को रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं से जोड़ा
शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य श्री पी.एस. वरकड़े के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम के साथ ही हिंदी पखवाड़े की शुरुआत हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रसिद्ध पंक्तियों “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल” के स्मरण के साथ हुई। मुख्य वक्ता एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी हिंदुस्तान के माथे की गौरवमयी बिंदी है। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल भावों की अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि वर्तमान समय में रोजगारपरक भाषा के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
डॉ. ठाकुर ने विद्यार्थियों को हिंदी के क्षेत्र में पत्रकारिता, अनुवाद, कंटेंट राइटिंग, डिजिटल मीडिया और शासकीय सेवाओं सहित रोजगार एवं स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी भाषा की संभावनाओं को समझते हुए इसके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ाने का आह्वान किया।
विशिष्ट वक्ता डॉ. बसंती चौहान ने हिंदी के ऐतिहासिक गौरव एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी हमारी पहचान और संस्कार से जुड़ी भाषा है। वहीं डॉ. ज्योति त्रिपाठी ने हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न साहित्यिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से सक्रिय सहभागिता की अपील की।
हिंदी के प्राध्यापक श्री अभिषेक पटेल ने अपने व्याख्यान में हिंदी साहित्य एवं व्याकरण की बारीकियों को सरल एवं सहज तरीके से विद्यार्थियों के सामने रखा।
कार्यक्रम में जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू, प्रकाश झारिया, सचिन कुमार धुर्वे एवं विशाल राजपूत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों में कामाक्षी भवेदी, श्लोक बर्मन, द्वारका प्रसाद परस्ते, पुष्पेंद्र यादव, भूमिका भवेदी, पूनम कछवाहा एवं कृष राय ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम का समापन हिंदी भाषा के संवर्धन तथा दैनिक जीवन में इसके अधिकाधिक उपयोग का संकल्प लेकर किया गया।
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