जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल द्वारा आज फुल्लीडुमर प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय राजवाड़ा , रुपेश कुमार सिंह द्वारा विकसित निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र एवं मत्स्य पालन एवं मुर्गी पालन के एकीकृत कृषि मॉडल का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी ने विद्यालय में उपस्थित बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली।
उन्होंने बच्चों से विभिन्न विषयों के संबंध में बातचीत करते हुए उनकी शैक्षणिक प्रगति का जायजा लिया।
विद्यालय में बच्चों की कम उपस्थिति पर जिला पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया कि टोला सेवकों के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जाए, ताकि वे नियमित रूप से अपने बच्चों को विद्यालय भेजें तथा बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।
जिला पदाधिकारी ने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा विद्यालय भवन का रंग-रोगन कराने हेतु संबंधित पदाधिकारी एवं प्रधानाध्यापक को आवश्यक निर्देश दिए।
इसके पश्चात जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यालय के समीप स्थित अर्धनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले पोषक आहार की गुणवत्ता एवं वितरण की जानकारी ली। पोषक आहार उपलब्ध नहीं रहने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की तथा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, फुल्लीडुमर एवं संबंधित सेविका-सहायिका से स्पष्टीकरण पूछने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पोषक आहार उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्र को विद्यालय परिसर में शिफ्ट किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। पंचायती राज विभाग को आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही जिला पदाधिकारी द्वारा पंचायती राज विभाग को आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण एवं संबंधित कार्यों के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए, ताकि निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराया जा सके।
इसके उपरांत जिला पदाधिकारी द्वारा फुल्लीडुमर प्रखंड के उत्तरी कोझी पंचायत अंतर्गत राजवाड़ा ग्राम के प्रगतिशील किसान रुपेश कुमार सिंह द्वारा विकसित मत्स्य पालन एवं मुर्गी पालन के एकीकृत कृषि मॉडल का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने किसान से कृषि एवं पशुपालन से संबंधित गतिविधियों तथा सरकारी योजनाओं के लाभ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिन योजनाओं का लाभ उन्हें अब तक नहीं मिल पाया है, उनके संबंध में जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए पात्रतानुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु निर्देशित किया।
जिला पदाधिकारी ने किसान द्वारा संचालित मुर्गी पालन एवं मत्स्य पालन की गतिविधियों का जायजा लेते हुए इस एकीकृत खेती मॉडल की जानकारी ली। उन्होंने किसान को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने हेतु भी प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी द्वारा परिसर में बरगद का पौधा भी लगाया गया।
विदित हो कि प्रगतिशील किसान रुपेश कुमार सिंह द्वारा फुल्लीडुमर प्रखंड के उत्तरी कोझी पंचायत स्थित राजवाड़ा ग्राम में मुर्गी पालन एवं मत्स्य पालन को एक साथ जोड़कर एकीकृत खेती का बेहतर मॉडल विकसित किया गया है। इस मॉडल के माध्यम से वे कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित कर रहे हैं।
*"मद्यपान से दूरी, स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी।"*
2 views | Banka, Bihar | Nov 5, 2026