अयोध्या के संत किशोरी शरण दास जी का महर्षि दधीचि मंदिर में भव्य स्वागत, सनातन धर्म और राष्ट्रहित में त्याग का दिया संदेश
छपरा। विश्व हिंदू परिषद धर्म प्रसार के अंतर्गत हनुमंत जयंती के अवसर पर महर्षि दधीचि आश्रम, उमानाथ दधीचि नगर, दहियावां, छपरा मंदिर परिसर में अयोध्या से पधारे संत श्री किशोरी शरण दास जी महाराज का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।
इस अवसर पर मंदिर समिति के संयोजक एवं धर्म प्रचारक अरुण पुरोहित, सचिव परशुराम राय मुखिया, अध्यक्ष मदन मोहन सिंह, कोषाध्यक्ष विभूति नारायण, समाजसेवी राजेश्वर कुंवर, जयप्रकाश सिंह (बबुआ जी), मंदिर के पुजारी अंशु चौबे एवं सतीश कुमार चौबे ने महाराज श्री का चरण वंदन कर अंगवस्त्र भेंट किया और उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत किशोरी शरण दास जी महाराज ने महर्षि दधीचि के त्याग और तपस्या पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महर्षि दधीचि ने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए अपने शरीर तक का त्याग कर मानवता को परोपकार एवं बलिदान का संदेश दिया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी अस्थियों से वज्र का निर्माण हुआ, जिसके माध्यम से वृत्रासुर का अंत किया गया। महर्षि दधीचि का जीवन त्याग, तपस्या और लोककल्याण की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर मंदिर समिति के संयोजक एवं धर्म प्रचारक अरुण पुरोहित ने बताया कि राष्ट्रसंत गोविंद देव गिरी जी महाराज के संरक्षण तथा दधीचि सेवा ट्रस्ट, इंदौर के अध्यक्ष शंकर लाल शर्मा के नेतृत्व में महर्षि दधीचि मंदिर का निर्माण इसी वर्ष 19 सितंबर को संपन्न हुआ। मंदिर के निर्माण एवं स्थापना कार्यक्रम में देश-विदेश से सैकड़ों श्रद्धालु और गणमान्य लोग दधीचि की तपोभूमि छपरा पहुंचे थे।
अरुण पुरोहित ने समस्त छपरावासियों से महर्षि दधीचि के भव्य मंदिर में पहुंचकर दर्शन करने तथा उनके त्याग, तपस्या और परोपकार से प्रेरणा लेने की अपील की।
कार्यक्रम में दर्जनों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन में धार्मिक श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
Rahui, Nalanda | Nov 5, 2026