हत्याहरण तीर्थ पर भादों के पहले रविवार मेले की तैयारियां तेज, लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क, घाटों की सफाई जारी; तीर्थ सरोवर के जल की स्वच्छता और स्थायी सुविधाओं पर उठे सवाल
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#हरदोई: नैमिषारण्य की 84कोसी परिक्रमा क्षेत्र में स्थित पौराणिक एवं धार्मिक महत्व के कोथावां अंतर्गत हत्याहरण तीर्थ पर भाद्रपद (भादों) मास के पहले रविवार कल लगने वाले विशाल मेले की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। भाद्रपद मास के प्रत्येक रविवार को यहां आस्था का सैलाब उमड़ता है। देश के विभिन्न हिस्सों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु इस पवित्र तीर्थ पर पहुंचकर सरोवर में स्नान और पूजा-अर्चना करते हैं। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मेले को लेकर तीर्थ परिसर में चहल-पहल बढ़ने लगी है। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, चरखी और मिकी माउस लगाए जा रहे हैं। वहीं खान-पान, खिलौने, प्रसाद, पूजा-सामग्री और अन्य जरूरी सामान की दुकानें भी सजने लगी हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की बढ़ती आवाजाही के साथ पूरे क्षेत्र में मेले का माहौल दिखाई देने लगा है।
मेले में भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा घाट और मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किए जाने की तैयारी है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जा रही है। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पीएसी की तैनाती की भी व्यवस्था की जा रही है।
पुलिस की ओर से मेले में जेबकतरों, गिरहकाटों और अराजकतत्वों पर विशेष नजर रखने की तैयारी है। भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील रास्तों पर निगरानी बढ़ाने की बात कही जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्य मार्गों और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने की योजना बनाई गई है। हालांकि मेले की तैयारियों के दौरान फिलहाल प्रमुख मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में अस्थायी निगरानी कैमरे स्पष्ट रूप से नजर नहीं आए।
श्रद्धालुओं के स्नान को देखते हुए मुख्य विशाल तीर्थ कुंड की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से स्नान कर सकें। हालांकि तीर्थ सरोवर में भरे पानी की स्वच्छता को लेकर अभी भी सवाल बने हुए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले में लाखों लोगों के स्नान करने की संभावना को देखते हुए जल की बेहतर ढंग से सफाई और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिन स्थायी व्यवस्थाओं की आवश्यकता बताई जाती रही है, उनमें से कई व्यवस्थाएं अभी तक पूरी तरह अमल में नहीं लाई जा सकी हैं। ऐसे में मेले के दौरान भारी भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुगम आवागमन, स्नान घाटों की सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की चुनौती भी रहेगी।
हत्याहरण तीर्थ का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत प्राचीन माना जाता है। मान्यता है कि त्रेतायुग में लंकापति रावण का वध करने के बाद भगवान श्रीराम पर ब्रह्महत्या का दोष लगा था। गुरु वशिष्ठ के आदेश पर भगवान श्रीराम ने इसी पवित्र तीर्थ सरोवर में स्नान किया था, जिसके बाद वे ब्रह्महत्या के दोष से मुक्त हुए।
शिवपुराण में वर्णित इस तीर्थ को लेकर भी श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। मान्यता है कि भाद्रपद मास के रविवार को यहां तीर्थ सरोवर में स्नान करने से गोहत्या सहित अनजाने में हुए विभिन्न महापापों से मुक्ति मिलती है। यही वजह है कि भादों के प्रत्येक रविवार को यहां दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार हत्याहरण तीर्थ में भगवान राम का नाम स्मरण करने का भी विशेष महत्व है। कहा जाता है कि यहां एक बार 'राम' नाम का जाप करने से हजार नामों के जाप के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी धार्मिक विश्वास और पौराणिक महत्व के चलते प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
पहले रविवार के मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को व्यवस्थित बनाए रखना होगी। स्नान घाटों पर भीड़ का दबाव, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की कतार, वाहनों की आवाजाही और मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था आवश्यक होगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से स्नान घाटों पर विशेष निगरानी, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग तथा पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं मेले में बच्चों के साथ आने वाले परिवारों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखना होगा।
फिलहाल मेले की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं और दुकानें व मनोरंजन के साधन सजने लगे हैं। अब देखना यह होगा कि पहले रविवार को उमड़ने वाले श्रद्धालुओं के सैलाब के बीच प्रशासन सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था को कितनी प्रभावी ढंग से संभाल पाता है।
#रिपोर्ट: पुनीत मिश्रा/बेनीगंज
Hardoi, Hardoi | Aug 29, 2026