जमुई: पुलिस मुठभेड़ में छात्रा के साथ छे^ड़^खा^नी का मुख्य अभियुक्त नंदन के पैर में लगी गोली, भागने में हरेराम भी हुआ घायल: SP
टाउन थाना क्षेत्र के मदन रोड स्थित मड़वा पहाड़ी के पास ना^बा^लि^ग छात्र-छात्रा की घेराबंदी कर उदंड युवकों द्वारा छे^ड़^खा^,नी व अमानवीय घटना करने मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन नाबालिग को निरुद्ध करने के बाद फरार घटना का मुख्य अभियुक्त प्रतापपुर गांव निवासी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि भागने के दौरान हरेराम यादव का पैर फ्रैक्चर हो गया। इस दौरान नंदन यादव के पास से हथियार भी बरामद किया गया है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही वीडियो वायरल करने वाले युवक रामाशीष चौधरी को भी गिरफ्तात किया गया है। अबतक कुल 03 नाबालिग को निरुद्ध कर तीन अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। उक्त जानकारी एसपी विश्वजीत दयाल ने प्रेस वार्ता के दौरान मंगलवार की दोपहर बाद 3:00 बजे दी है।
उन्होंने बताया कि सोमवार को तीन नाबालिग को निरुद्ध कर पूछताछ की गई थी। मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि मामले के मुख्य आरोपित नंदन यादव और हरेराम यादव प्रतापपुर गांव के बहियार में नदी के समीप झाड़ियों में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर एसआइटी ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस की घेराबंदी देखकर एक युवक वहां से भागने लगा। भागने के दौरान गिरने से उसे चोट लगी और उसका एक पैर फ्रैक्चर हो गया। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो दूसरे मुख्य आरोपित नंदन यादव के ठिकाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर नंदन की तलाश शुरू की।
एसपी के अनुसार, पुलिस को देखते ही नंदन यादव ने फायरिंग शुरू कर दी थी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके दाएं पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। दोनों मुख्य आरोपित बालिग हैं। प्रारंभिक जांच में दोनों के बालू और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस दोनों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। साथ ही घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वीडियो वायरल करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल 19 सितंबर की शाम करीब 7:00 बजे मड़वा पहाड़ी के पास उदंड युवकों द्वारा छात्र-छात्रा की गहरा बंदी कर छात्र के साथ छे^ड़^खा^नी वह अमानवीय व्यवहार किया गया था जिसका वीडियो तेजी से इंटरमीडिएट पर वायरल हुआ था और जिला राज्य ही नहीं बल्कि देश स्तर पर भी यह वायरल वीडियो सुर्खियां बनी थी। आगे एसपी ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है। इसी आधार पर साइबर थाना में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, मामले में करीब 120 सोसल साइट और प्रोफाइल को चिन्हित किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
एसपी ने लोगों से अपील की कि नाबालिग पीड़िता से संबंधित वीडियो को न तो स्वयं प्रसारित करें और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को भेजें। वीडियो को साझा करने से पीड़िता की पहचान उजागर हो सकती है और यह कानून के तहत गंभीर अपराध है। प्रेस वार्ता के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दीप्ति मोनाली, टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सुमन, सदर थाना के पुअनि विवेक कुमार, डीआईयू प्रभारी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान मौजूद थे। #jamuibihar #crime #viralpost #jamuipolice #spjamui
Jamui, Jamui | Sep 22, 2026