*सूखे नशे के प्रकोप के खिलाफ एबीवीपी ने बलिया एसडीओ को सौंपा ज्ञापन, सख्त कार्रवाई की मांग*
*बलिया में सूखे नशे के खिलाफ एबीवीपी की हुंकार, एसडीओ को सौंपा मांग पत्र*
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बलिया इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ), बलिया को एक मांग पत्र सौंपा। यह ज्ञापन बलिया अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों एवं शहरी इलाकों में तेजी से पांव पसार रहे ‘सूखे नशे’ जैसे स्मैक, गोगो, प्रतिबंधित नशीली दवाओं, सिरप और सुलेशन के प्रकोप पर पूर्णतः स्थायी प्रतिबंध लगाने तथा नशा कारोबारियों पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग को लेकर दिया गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की भयावह स्थिति से एसडीओ को अवगत कराते हुए बताया कि आज बलिया का युवा वर्ग इस जानलेवा नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य अंधकारमय बना रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास तथा सुनसान स्थानों पर इन नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और पूरे क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले की गंभीरता पर आक्रोश व्यक्त करते हुए एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दयानिधान गिरी ने कहा कि बलिया अनुमंडल क्षेत्र में सूखे नशे का जाल इतनी तेजी से फैल रहा है कि इसने हमारे युवा वर्ग और छात्र-छात्राओं के भविष्य को सीधे तौर पर निगलना शुरू कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस अवैध सिंडिकेट को ध्वस्त नहीं किया, तो विद्यार्थी परिषद चुप नहीं बैठेगी और युवाओं के सुरक्षित भविष्य तथा समाज के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर व्यापक एवं उग्र आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगी। वहीं संगठन के विचारों को प्रमुखता से रखते हुए एबीवीपी बेगूसराय दक्षिण के खेलो भारत जिला सह संयोजक धनंजय प्रियांशु ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अवैध बिक्री होने से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा खतरे में है और क्षेत्र की कई मेडिकल दुकानों में बिना डॉक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित नशीली दवाएं बेची जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि पुलिस प्रशासन को तुरंत विशेष निगरानी दल गठित कर शैक्षणिक परिसरों के पास गश्ती बढ़ानी चाहिए, दवा दुकानों की औचक जांच करनी चाहिए और इस गिरोह के मुख्य सप्लायरों को चिह्नित कर अविलंब सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की कि नशीले पदार्थों की बिक्री एवं आपूर्ति करने वाले गिरोहों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, क्षेत्र की दवा दुकानों में बिना डॉक्टर की पर्ची के बेची जाने वाली प्रतिबंधित दवाओं की नियमित जांच हो, शैक्षणिक संस्थानों और संवेदनशील इलाकों के आसपास पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए, अनुमंडल स्तर पर नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के इलाज व पुनर्वास हेतु एक स्थायी नशा मुक्ति एवं परामर्श केंद्र स्थापित किया जाए, तथा प्रशासन व सामाजिक संगठनों के सहयोग से पंचायत और वार्ड स्तर पर सघन नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाया जाए। ज्ञापन स्वीकार करते हुए एसडीओ बलिया ने मामले को अत्यंत संवेदनशील माना और प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पुलिस और प्रशासनिक टीम को तुरंत सक्रिय कर इस अवैध धंधे में संलिप्त लोगों के खिलाफ जल्द ही कड़ी व ठोस कार्रवाई की जाएगी।