शुक्रवार दिनांक 09.10.2026 को सवर्ण बैठकी बेगूसराय के बेगूसराय प्रखंड स्थित बभनगामा (खम्हार के पड़ोसी गांव) में रतनमन दुग्ध उत्पादन सहयोग समिति लिमिटेड के सभागार में
मुकेश कुमार
श्री अशोक सिंह (बभनगामा निवासी) की अध्यक्षता में दसवां बैठक संपन्न हुआ। इस बैठकी के आयोजक श्री अनंत कुमार जी और संयोजक डॉ अर्जुन प्रसाद सिंह थे। इसमें कुल 54 हस्ताक्षरित व्यक्ति शामिल हुए। जिसमें अखिल भारतीय सवर्ण अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष- श्री आलोक कुमार सिंह , उपाध्यक्ष- श्री अमित कुमार, कोषाध्यक्ष- श्री अनुराग कश्यप, मीडिया प्रभारी- श्री रमेश सिंह, बभनगामा के सरपंच सह दुग्ध समिति के उपाध्यक्ष - श्री सच्चिदानंद पाठक जी उपस्थित रहे। इसके अलावा नीतेश कुमार, संजीव कुमार शिक्षक, संतोष कुमार, अमरनाथ सिंह, अमन कुमार वैभव एवम् सम्मानित सवर्ण समाज के कई साथियों ने अपना - अपना विचार प्रस्तुत किये।
इसमें कुछ महत्वपूर्ण कुछ निम्न बिंदु हैं।
1. सांसद में 252 सवर्ण सांसद थे जब SC ST Act प्रस्तुत किया गया था। किसी ने प्रतिरोध नहीं किया और खासकर बेगूसराय के सांसद श्री गिरिराज सिंह टेबल थपथपा रहे थे।
2. चुनाव के समय सवर्ण विधायक श्री कुंदन सिंह, सवर्ण सांसद श्री गिरिराज सिंह आदि जब मिलें तो उनसे सवर्ण से संबंधित प्रश्न अवश्य करें।
3. बिहार में सवर्णों की संख्या 1,20,00,000 है और सबको एक मत होकर एक कॉमन अकाउंट खोला जाय। इस अकाउंट में मात्र एक रुपया प्रति व्यक्ति के हिसाब से प्रति माह दान देकर संचालित किया जाय। इस रकम का उपयोग गरीब लड़की की शादी, निःसहाय, विकलांग आदि में व्यय किया जाय।
4. सवर्ण सुरक्षा एक्ट बनाया जाय।
5. गांव में सभी सवर्णों को कम से कम प्रति माह एक बैठकी अवश्य किया जाय।
6. कम से कम प्रखंड स्तर पर प्रत्येक माह एक धरना प्रदर्शन कर अपने मांग को प्रदर्शित किया जाय।
7. SC ST Act आदि से ओबीसी समाज सबसे अधिक पीड़ित हैं। इसलिए उस समाज को भी आगे आना चाहिए और सरकार के नीति का विरोध करना चाहिए।
8. इस संस्था का अधिक से अधिक प्रचार - प्रसार किया जाय।
9. अंत में श्री आमोद कुमार जी उर्फ रामबाबू जी (जो इस दुग्ध समिति के सचिव भी हैं) , उन्हें सम्मानित किया गया और वहां का दायित्व दिया गया।
10. बैठकी समाप्त होने के पश्चात् स्वतंत्र पत्रकार, लेखक, यूट्यूबर और राजनीतिक विश्लेषक श्री अजीत भारती जी के आवास पर जाकर सबने एकता का परिचय दिया। मौके पर उपस्थित अजीत भारती जी के पिता जी से मुलाकात कर मोबाइल से श्री अजीत भारती जी बात की गई।