पोषण कार्यशाला एवं व्यंजन प्रदर्शन के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ सामूहिक पहल
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महिला एवं बाल विकास विभाग एवं अंतरा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पोषण माह के तहत ‘पोषण कार्यशाला एवं व्यंजन प्रदर्शन कार्यक्रम’ का सफल एवं प्रभावी आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन तक सीमित न रहकर कुपोषण के खिलाफ एक मजबूत सामूहिक पहल के रूप में सामने आया। इसका उद्देश्य समुदाय में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मंजू धर्मेन्द्र कटारे, जनपद अध्यक्ष प्रीति कमल ठाकुर एवं विशिष्ट अतिथियों डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही कार्यक्रम का शुभारंभ सकारात्मक ऊर्जा एवं सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल ने कहा जिले की विभिन्न परियोजनाओं से आई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहनें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अनाज, दालें, हरी सब्जियाँ, मौसमी फल तथा टेक-होम राशन (टीएचआर/आंगनवाड़ी पोषाहार) का उपयोग कर तैयार की गई पौष्टिक रेसिपियों का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक-दूसरे से सीखने और अनुभव साझा करने का अवसर भी है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अंतरा फाउंडेशन की टीम को इस पहल के लिए शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “20 मिनट की कोशिश, पौष्टिक हो हर डिश” गतिविधि रही। इसमें सभी परियोजनाओं को सीमित समय में सर्वोत्तम एवं पौष्टिक व्यंजन तैयार करने की चुनौती दी गई। इस गतिविधि ने न केवल प्रतिभागियों की रचनात्मकता और कौशल को उजागर किया, बल्कि यह भी प्रदर्शित किया कि सीमित संसाधनों में भी स्वादिष्ट, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन तैयार किया जा सकता है।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में अतिथियों द्वारा सभी स्टॉलों का अवलोकन किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए अतिथियों ने उनके कार्य को जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला बताया। इस दौरान मोरिंगा के पराठे, महुआ के लड्डू, पौष्टिक चाट, मूंग दाल के चीले व अप्पे, सहजन की कचौड़ी एवं रायता, सोयाबीन के अप्पे, बेसन की पूरी एवं सहजन के पकौड़े, बफौरी तथा टीएचआर से तैयार किए गए केक एवं इडली जैसे व्यंजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इन व्यंजनों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री एवं टीएचआर का उपयोग करके तैयार किया गया था।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष मंजू कटारे ने कहा गर्भावस्था के दौरान प्रत्येक महिला को अपने स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखना चाहिए। संतुलित एवं पौष्टिक आहार के माध्यम से वह स्वयं और अपने बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान कर सकती है।
जनपद अध्यक्ष प्रीति ठाकुर ने कहा स्थानीय अनाज, दालें, हरी सब्जियाँ, मौसमी फल और टेक-होम राशन (टीएचआर) के सही उपयोग से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरियों तथा बच्चों को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है। बेहतर पोषण महँगे खाद्य पदार्थों पर निर्भर नहीं है, बल्कि सही जानकारी और उपलब्ध संसाधनों के समझदारीपूर्ण उपयोग से भी सुनिश्चित किया जा सकता है।
डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति ने कहा “अंतरा फाउंडेशन समुदाय एवं जमीनी कार्यकर्ताओं, दोनों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से यह सीखने को मिलता है कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करके प्रभावी परिणाम कैसे प्राप्त किए जा सकते हैं।”
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दमोह ग्रामीण परियोजना, द्वितीय स्थान जबेरा परियोजना तथा तृतीय स्थान पथरिया परियोजना ने प्राप्त किया।
1 views | Damoh, Madhya Pradesh | Oct 8, 2026