चंबल नहर से भिण्ड में 50,500 हेक्टेयर में होगी रबी सिंचाई, 78.18 किमी बीएमसी नहर की सफाई युद्धस्तर पर
जल संसाधन संभाग भिण्ड में चंबल नहर प्रणाली से जुड़े भिण्ड जिले के किसानों के लिए रबी सीजन की खुशखबरी है। आगामी रबी सिंचाई वर्ष 2026-27 में जल संसाधन संभाग भिण्ड द्वारा 50,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बीएमसी नहर की कच्ची शाखा एवं उपशाखा, जिनकी कुल लंबाई 78.18 किलोमीटर है, की सफाई जेसीबी, सूपा ट्रैक्टर और श्रमिकों की मदद से युद्धस्तर पर की जा रही है। चंबल नहर से भिण्ड की कृषि भूमि सिंचित होती है और रबी में नहरों से पानी दिया जाता है।
नहर मार्ग हुआ अवरोध मुक्त
वर्षा के दौरान नहरों में बहकर आई घास-फूस, लकड़ी की टहनियां, प्लास्टिक बोतलें और अन्य कचरा हटाया जा रहा है, ताकि पानी का प्रवाह बाधित न हो। विभाग का उद्देश्य है कि नहर के अंतिम छोर तक किसानों को समय पर पर्याप्त पानी पहुंचे। नहरों की सफाई के बाद ही सहायक नहरों में पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
इन इलाकों तक फैला नहर जाल
बीएमसी नहर का जाल गोरमी, मेहगांव, धनोली, बरहद, सोनी, अकलोनी, अटेर, जवासा, पुर, भिण्ड, दबोहा, जामना और अकोड़ा क्षेत्रों तक फैला हुआ है। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से सरसों और गेहूं की फसल के लिए नहरों से सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाएगा। जल उपयोगिता समिति की बैठक में नवंबर के दूसरे सप्ताह से पानी देने को सुनिश्चित किया गया है।
बांधों में पर्याप्त जलभंडार
इस बार कोतवाल और पिलुआ बांध पूरी तरह भरे हुए हैं, जिससे सिंचाई के लिए जल उपलब्धता को लेकर किसानों को बड़ी राहत मिली है। जरूरत के अनुसार कोटा से मध्य प्रदेश को 3,900 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें से भिण्ड जिले को पर्याप्त जल आवंटित होगा। कोटा बैराज से चंबल नहर प्रणाली में रबी सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है।
किसानों को राहत
समय पर नहरों की सफाई और पर्याप्त जल आपूर्ति से सरसों-गेहूं की बुवाई के बाद किसानों को सिंचाई में कठिनाई नहीं आएगी। विभाग की तैयारी से रबी सीजन में फसल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और भिण्ड के कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
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Bhind, Madhya Pradesh | Nov 4, 2026