बड़ी खबर: रूद्रप्रयाग में बारूद के ढेर पर बाजार! आखिर किसके संरक्षण में चल रही हैं पटाखों की दुकानें?
बिना लाइसेंस, बिना अनुमति पटाखों की बिक्री के आरोप! पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, व्यापार संघ की चुप्पी भी चर्चा में!!
आखिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है रूद्रप्रयाग का प्रशासन? जब पटाखों की दुकानों के संचालन के लिए लाइसेंस और सुरक्षा संबंधी अनुमति जरूरी है, तो फिर नियमों को ताक पर रखकर दुकानें कैसे खुल रही हैं?
सवाल पुलिस से भी हैं और व्यापार संघ से भी!
क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इन दुकानों की जानकारी नहीं है? क्या सुरक्षा नियमों की जांच सिर्फ कागजों तक सीमित है? और व्यापारियों के हितों की बात करने वाला व्यापार संघ इस गंभीर मुद्दे पर खामोश क्यों है?
हादसा होने के बाद कार्रवाई नहीं, हादसे से पहले जवाबदेही तय होनी चाहिए!
जिला प्रशासन और पुलिस तत्काल जांच कर अवैध रूप से संचालित दुकानों पर कार्रवाई करें तथा सभी दुकानों के लाइसेंस, अनुमति और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच सुनिश्चित करें।
रूद्रप्रयाग की जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!
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