जिलाधिकारी ने की राजस्व मामलों में प्रगति की समीक्षा
------------------------------
जिला में दाखिल-खारिज में 98 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को निष्पादित किया गया है
=========================
दाखिल-खारिज के 35 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के अंदर विधिवत रूप से निष्पादित करें: डीएम
-----------------------------
सभी अंचल अधिकारियों को राजस्व कर्मचारीवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने का डीएम ने दिया निदेश
-------------------------------
समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव द्वारा आज राजस्व मामलों की समीक्षा की गई। उन्होंने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, अभियान बसेरा, भूमि नापी, भूमि विवाद निराकरण, अतिक्रमण उन्मूलन, भू-अर्जन, भूमि उपलब्धता एवं हस्तानांतरण सहित विभिन्न मामलों में अंचलवार अद्यतन प्रगति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न अंचलों में दाखिल-खारिज के 75 दिनों से अधिक समय के 3,687 मामले लंबित हैं। यह खेदजनक है। उन्होंने अंचल अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर दाखिल-खारिज के 75 दिनों से अधिक समय के सभी मामलों को नियमानुसार निष्पादित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को यह भी निदेश दिया कि नए आवेदनों में से एक भी आवेदन एक्सपायर्ड नहीं होना चाहिए। पुराने एक्सपायर्ड आवेदनों को नियमानुसार शीघ्र निष्पादित करते हुए नए आवेदनों को समय-सीमा के अंदर शत-प्रतिशत निष्पादित करने का निदेश दिया गया। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निदेश दिया कि प्राप्त आवेदनों की संख्या की तुलना में निष्पादित आवेदनों की संख्या समानुपातिक रूप से अधिक रखें ताकि बैकलॉग न रहे।
जिलाधिकारी द्वारा सभी अंचल अधिकारियों को परिमार्जन प्लस की दोनों श्रेणियों- डिजिटायज्ड जमाबंदी में सुधार एवं लेफ्ट आउट जमाबंदी- में सीओ स्तर पर लंबित 10,674 मामलों को 7 दिन के अंदर विधिवत निष्पादित करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला में विभिन्न योजनाओं यथा आंगनवाड़ी केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, पंचायत सरकार भवनों इत्यादि के लिए जमीन की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कैम्प मोड में नियमों के तहत जमीन खोजकर शीघ्र अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) उपलब्ध कराने का निदेश दिया। डीएम ने अपर समाहर्ता को निदेश दिया कि भूमि चिन्हित करने के कार्य का अनुश्रवण करें। अंचलाधिकारियों द्वारा प्रखंड स्तरीय विभागीय पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए भूमि को चिन्हित करने के कार्य में तेजी लाई जाए। अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को आ रही समस्याओं का समाधान करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में गुणात्मक सुधार के प्रति सजग एवं गंभीर रहें। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को राजस्व कर्मचारीवार प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करने का निदेश दिया। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले राजस्व कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यों में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आज की बैठक में डीएम ने खारिज-दाखिल एवं परिमार्जन प्लस में आवेदनों के निष्पादन की स्थिति, मामलों के लंबित रहने के कारण एवं अन्य मानकों पर गहन समीक्षा की।
समीक्षा में पाया गया कि दाखिल-खारिज के 847109 प्राप्त आवेदनों में से 830486 आवेदनों को निष्पादित किया गया है जो प्राप्त आवेदनों का 98.04 प्रतिशत है। आवेदनों के अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी आवेदनों का ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करने का आदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि समीक्षा में पाया गया कि ऑनलाइन म्यूटेशन के जिला में 120 दिन से अधिक 566 आवेदन तथा 75 दिन से अधिक 3687 आवेदन लंबित है। डिफेक्ट चेक में राजस्व कर्मचारी के स्तर पर 6,272 आवेदन लंबित है। उन्होंने इस पर गंभीर खेद व्यक्त करते हुए अपर समाहर्ता को सबसे ख़राब प्रदर्शन करने वाले 10 राजस्व कर्मचारियों को चिन्हित कर उनका वेतन रोकने एवं स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया। साथ ही अंचल अधिकारियों को डिफेक्ट चेक के लंबित आवेदनों को सात दिनों के अंदर तथा म्यूटेशन के लंबित आवेदनों को नियमानुसार शीघ्रता निष्पादित करने का निर्देश दिया।
==================
समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी ने कहा कि अनेक अंचलाधिकारियों द्वारा विभिन्न मानकों पर अच्छा कार्य किया जा रहा है। हम उनकी सराहना करते हैं। सभी अंचल अधिकारी सरकार के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करें तथा जनहित के कार्यों को समय से निष्पादित करें।
==================
------------------------------------
जिलाधिकारी द्वारा सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को निदेश दिया गया कि दाखिल-खारिज के अपील मामलों एवं बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम (बीएलडीआरए) के तहत मामलों का समय-सीमा के अंदर विधिवत निष्पादन के साथ ही अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत सभी अंचलों का निरीक्षण करें एवं राजस्व कार्यों का अनुश्रवण कर सरकार के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराएँ। जिलाधिकारी ने सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को भूमि विवाद निराकरण (बीएलडीआरए), म्यूटेशन अपील एवं अभियान बसेरा के मामलों में विशेष रूचि लेते हुए त्वरित निष्पादन करने का निदेश दिया।
-----------------------------------
जिलाधिकारी ने अंचलवार समीक्षा करते हुए कहा कि जिन-जिन अंचलों में दाखिल-खारिज के बहुत अधिक मामले 75 दिनों से अधिक समय से लंबित है वहाँ अंचल अधिकारी कर्मचारीवार विस्तृत समीक्षा करें तथा विशेष प्रयास कर कार्यों में तेजी लाएं।
भूमि सुधार उप समाहर्ताओं एवं अंचल अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व प्रशासन आपका कोर कार्य है। आप सभी को इसी भावना से काम करना चाहिए। फिर भी ऐसा संज्ञान में आता है कि आम लोगों को असुविधा हो रही है। लोगों को काफी शिकायतें हैं। यह खेदजनक है। सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुपालन में शिथिलता के विरूद्ध जिला प्रशासन की शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) है। उन्होंने कहा कि आज की तिथि में दाखिल-खारिज के लंबित मामलों की संख्या 16,244 है। उन्होंने निदेश दिया कि समय सीमा से अधिक एक भी आवेदन लंबित नहीं रहनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन के आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर निष्पादन नहीं करने, नापीवाद एवं अतिक्रमणवाद का विधिवत संचालन नहीं करने पर दोषी अधिकारियों पर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि दाखिल-खारिज के आवेदनों को अस्वीकृत करने में विशेष सावधानी बरतें तथा सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न माध्यमों यथा समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक चैनल्स, लोक शिकायत एवं जनता से साक्षात्कार के क्रम में यह पता चलता है कि दाखिल खारिज आवेदनों का ससमय निष्पादन नहीं किया जाता है एवं बिना उचित कारण के आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बहुत आपत्तिजनक है। बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 एवं बिहार भूमि दाखिल खारिज अधिनियम, 2011 में दाखिल खारिज आवेदनों के निष्पादन की अवधि एवं विधि का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। डीएम ने कहा कि दाखिल खारिज आवेदनों को प्रत्येक स्तर पर यथा दाखिल खारिज आवेदनों के निष्पादन की कार्रवाई करने वाले प्रत्येक कर्मी/पदाधिकारी द्वारा तय अवधि एवं विधि द्वारा निष्पादित किया जाएगा तथा बिना स्पष्ट/उचित कारण के आवेदनों को अस्वीकृत नहीं किया जाएगा। सभी अंचल अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि दाखिल खारिज आवेदनों को निष्पादित करने के क्रम में मानकों का अनुपालन करें। साथ ही आवेदनों को निष्पादित करने के क्रम में किसी कर्मी/पदाधिकारी द्वारा बिना स्पष्ट कारण के यदि अस्वीकृत किया जाता है तथा तय समय-सीमा से अधिक समय लिया जाता है तो ऐसी स्थिति में अविलंब इस संबंध में जिम्मेदार कर्मी एवं पदाधिकारी को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई करें। अपर समाहर्ता को अनुश्रवण करने के लिए निदेशित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि खारिज-दाखिल एवं परिमार्जन प्लस में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभिन्न मानकों पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारी इस माह के अंत तक अपेक्षित सुधार ले आएँ।
डीएम ने कहा कि सभी अंचलाधिकारी राजस्व कर्मचारीवार नियमित समीक्षा करें। साथ ही सभी भूमि-सुधार उप समाहर्ता अंचलाधिकारियों के कार्यों का लगातार अनुश्रवण करें।
डीएम ने राजस्व-कार्यों में संलग्न अधिकारियों को प्रतिबद्धता एवं तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया।
इस बैठक में समाहर्ता के साथ अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचलों के अंचलाधिकारी एवं अन्य भी उपस्थित थे।