अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जसमीत कौर सलूजा का बेटियों के सम्मान और सशक्तीकरण का संदेश
महेश कुमार बिड़ला मीडिया प्रभारी मांडल भीलवाड़ा
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ—हर बेटी को आगे बढ़ाओ”
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला पतंजलि योग समिति, ब्यावर की जिला प्रभारी जसमीत कौर सलूजा ने बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तीकरण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटियां देश का भविष्य हैं और उन्हें शिक्षा, सुरक्षा तथा समान अवसर प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
जसमीत कौर सलूजा ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प है। प्रत्येक बेटी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि परिवार और राष्ट्र की शक्ति समझना चाहिए। बाल विवाह, लिंगभेद और बेटियों के प्रति भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सभी को आगे आना होगा।
बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में योग की महत्ता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से बालिकाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है।
जसमीत कौर सलूजा ने कहा कि प्रत्येक बेटी को सम्मान, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य देना हमारा सामूहिक संकल्प होना चाहिए। बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर देकर ही एक शिक्षित, सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
संदेश
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, हर बेटी को आगे बढ़ाओ।
बेटी का सम्मान, राष्ट्र का अभिमान।”