गढ़बोर में तीन दिन गूंजे चारभुजा नाथ के जयकारे
भजन-कीर्तन से भक्तिरस, छप्पन भोग-महाआरती के बाद विशाल भंडारा; 15 हजार श्रद्धालुओं की प्रसादी
भीलवाड़ा /राजसमन्द (महेन्द्र नागौरी)। गढ़बोर चारभुजा धाम में तीन दिन तक भक्ति और सेवा का भव्य संगम देखने को मिला। श्री चारभुजा मित्र मंडल, भीलवाड़ा के नेतृत्व में रायला के गग्गड़ परिवार की ओर से होटल मेवाड़ (माधव), मांडवाड़ा टोल के पास 19 से 21 सितंबर तक आयोजित धार्मिक आयोजन में चारभुजा नाथ के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
भजन-कीर्तन, ठाकुरजी के आकर्षक श्रृंगार, छप्पन भोग, महाआरती और विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 20 सितंबर को दोपहर 1 बजे महाआरती के साथ छप्पन भोग लगाया गया। इसके बाद विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
तीनों दिन अलग-अलग भजन प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। पं. देवकीराम शास्त्री, सुनील गंधर्व, गोवत्स दिव्याशु दाधीच और जगदीश वैष्णव ने भजनों से श्रद्धालुओं को देर तक बांधे रखा।
भक्ति के साथ सेवा भी
आयोजन में पदयात्रियों की सेवा का विशेष इंतजाम रहा। थकान, मांसपेशियों के दर्द और पैरों में छालों से परेशान यात्रियों के लिए फिजियोथैरेपी व प्राथमिक उपचार की सुविधा दी गई। भोजन-प्रसाद, सोडा-शिकंजी, पानी-पताशे, चाय-कॉफी, इत्र-सुगंध और मेडिकल सुविधा के साथ रात्रि विश्राम के लिए करीब 100 पलंग लगाए गए। आयोजकों के अनुसार तीन दिनों में करीब 15 हजार श्रद्धालुओं की प्रसादी की व्यवस्था की गई।
राहुल गग्गड़, अर्चित मूंदड़ा, संजय लाहोटी, विशाल बाहेती सहित मंडल के पदाधिकारी, सदस्य और स्वयंसेवक व्यवस्थाओं में जुटे रहे। गग्गड़ परिवार के अनुसार आयोजन का उद्देश्य चारभुजा नाथ के प्रति श्रद्धा के साथ भक्ति, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना रहा।