जलझूलनी एकादशी पर काछोला में उमड़ा आस्था का सैलाब
ठाकुरजी के साथ एक दर्जन से अधिक बेवाणों ने किया जलविहार
बेवाणों के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, झांकियों, भवाई और भजनों ने बढ़ाया उत्सव का रंग
असलम रंगरेज | काछोला
काछोला में जलझूलनी एकादशी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। श्री चारभुजा संस्थान एवं ग्रामवासियों के आयोजन में विभिन्न मंदिरों से ठाकुरजी के साथ एक दर्जन से अधिक सजे-धजे बेवाण भव्य शोभायात्रा के रूप में निकले। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
भगवान लक्ष्मीनाथ जी सहित विभिन्न मंदिरों के बेवाण प्रमुख मार्गों से होते हुए प्रताप सागर तालाब पहुंचे। मार्ग में श्रद्धालुओं ने बेवाणों के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
भजनों और झांकियों ने बांधा समां
‘मंच एक, स्वर अनेक—भजनों की गंगा’ कार्यक्रम में बबलू राजस्थानी, ओम वैष्णव, राजूलाल धाकड़, त्रिशा सुथार और दिव्या वैष्णव ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। वहीं बाहुबली हनुमान जी, सांवरिया सेठ, भैरूनाथ जी और माताजी की झांकियों के साथ भवाई नृत्य ने लोगों का ध्यान खींचा।
प्रताप सागर में हुआ जलविहार
तालाब पहुंचने पर ठाकुरजी एवं बेवाणों की पूजा-अर्चना के बाद धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इसके बाद ठाकुरजी के साथ आए एक दर्जन से अधिक बेवाणों ने प्रताप सागर तालाब में जलविहार किया। महाआरती के दौरान “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से तालाब परिसर गूंज उठा।
जलविहार देखने के लिए घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बाद में बेवाणों को कस्बे के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर विराजित किया गया, जहां देर रात तक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
पुलिस ने संभाली व्यवस्था
भीड़ को देखते हुए थाना अधिकारी बालकिशन शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शोभायात्रा मार्ग, बाजार और प्रताप सागर तालाब क्षेत्र में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभाली।