समाहरणालय परिसर में दिनांक 16 सितंबर 2026 को जिला स्तरीय सहकारी विकास समिति (DCDC) की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में सहकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, पैक्सों के सुदृढ़ीकरण तथा आधुनिकीकरण कार्यों की अद्यतन प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान प्रस्तुत मुख्य आंकड़े एवं उपलब्धियां निम्नवत रहीं:
पैक्स कम्प्यूटरीकरण एवं ऑडिट: जिले के कुल 105 पैक्सों में से अब तक 90 पैक्सों का ऑडिट कार्य पूरा कर लिया गया है, जिसमें विगत बैठक की तुलना में 24 पैक्सों की उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
अन्न भंडारण योजना एवं जनऔषधि केंद्र: 'विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना' के तहत चयनित दो समितियों में रजौन पैक्स का एमओयू (MOU) प्रक्रियाधीन है। वहीं, रजौन पैक्स में जनऔषधि केंद्र की स्थापना हेतु फार्मासिस्ट की उपलब्धता के साथ काउंटर निर्माण आदि का कार्य अंतिम चरण में है।
सहकारिता विभाग की माह जुलाई की समीक्षा के उपरांत विगत दो माह में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिला पदाधिकारी द्वारा जिला सहकारिता पदाधिकारी का वेतन स्थगित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं, मॉडल पैक्सों का चयन होने के बावजूद उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप क्रियाशील नहीं किए जाने के मामले में जिला सहकारिता पदाधिकारी से स्पष्टीकरण की मांग करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के क्रम में फसल सहायता योजना में *कोल बुजुर्ग पंचायत अमरपुर प्रखंड के किसान सलाहकार कुणाल कुमार झा* द्वारा अपने पारिवारिक सदस्यों को कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर लाभ दिलाने का मामला जिला पदाधिकारी के संज्ञान में आया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा संबंधित किसान सलाहकार के विरुद्ध नियमानुसार अनुशंसित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, जिला पदाधिकारी द्वारा यह भी पूछा गया कि उक्त मामले में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी एवं जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया कि फसल सहायता/बीमा योजना में यदि अन्य किसी प्रकार की अनियमितता अथवा फर्जीवाड़े के मामले हैं, तो उनकी भी गहन जांच कर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उर्वरक एवं प्रधानमंत्री कृषि समृद्धि केंद्र: जिले के 104 प्रशिक्षित पैक्सों में से अब तक 57 पैक्सों को अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) निर्गत की जा चुकी है, जिसमें 4 नए पैक्स जुड़े हैं।
डिजिटल सेवाएं एवं CSC: 133 पैक्सों में क्रियाशील कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) के माध्यम से वित्तीय संव्यवहार बढ़कर ₹8.415 लाख तक पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस में जिले की 188 क्रियाशील समितियों में से 5 से अधिक सेवाएं देने वाली समितियों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है।
मल्टी-स्टेट कॉपरेटिव एवं एफपीओ: राष्ट्रीय स्तर की बहुराज्यीय समितियों में NCOL की सदस्यता बढ़कर 28 तथा NCEL की 59 हो गई है। चांदन प्रखंड के भोरसार FPO द्वारा चावल व्यापार सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है, जबकि कार्य में शिथिलता को लेकर रजौन FPO से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मधुमक्खीपालन हेतु बौसी, बाराहाट, बांका एवं धोरैया में नई समितियों के निबंधन की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों को सहकारिता से जुड़ी समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने तथा लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
1 views | Banka, Bihar | Sep 16, 2026