जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल द्वारा रजौन प्रखंड के मानझगंय डरपा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा शिविर में लगाए गए सभी विभागीय स्टॉलों का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों द्वारा आमजनों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से प्राप्त आवेदनों एवं उनके निष्पादन की स्थिति की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान जिला पदाधिकारी ने लाभुकों से संवाद करते हुए कहा कि जिला मुख्यालय से दूरस्थ पंचायतों का चयन कर इस प्रकार के सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए जिला मुख्यालय अथवा प्रखंड कार्यालय तक अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रशासन द्वारा शिविर के माध्यम से लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करने एवं पात्र लाभुकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी पात्रता के अनुसार विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए शिविर में उपलब्ध विभागीय काउंटरों पर आवेदन करें तथा अपनी समस्याओं को संबंधित पदाधिकारियों के समक्ष रखें। जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
सहयोग शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को लाभान्वित किया गया। इस क्रम में 04 लाभुकों को जन्म प्रमाण पत्र, 02 लाभुकों को आवास योजना के तहत आवास की चाभी, 02 लाभुकों को श्रम कार्ड तथा 02 लाभुकों को जी-राम-जी योजना से संबंधित लाभ प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त 03 लाभुकों को राशन कार्ड वितरित किया गया। वहीं जीविका दीदियों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत ₹19 करोड़ 30 लाख का डमी चेक भी वितरित किया गया।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सहयोग शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि सहयोग पोर्टल पर उसी दिन अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि प्राप्त आवेदनों की सतत निगरानी की जा सके तथा उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो सके।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को जानकारी दी गई कि राज्य सरकार द्वारा कायाकल्प योजना के तहत रजौन प्रखंड के तीन जर्जर विद्यालयों को चिन्हित किया गया है। इन विद्यालयों की जर्जर स्थिति को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर मरम्मति की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
जिला पदाधिकारी ने भागलपुर-हंसडीहा मुख्य सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उक्त सड़क की मरम्मति के लिए जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय उच्च पथ के पदाधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है तथा अक्टूबर माह से मरम्मति कार्य प्रारंभ कराने का प्रयास किया जाएगा।
रजौन प्रखंड में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, रजौन को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य ससमय पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। साथ ही, वर्तमान में निजी मकानों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को हर हाल में सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां सरकारी भूमि की अनुपलब्धता के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण लंबित है, वहां संबंधित अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई की जाए।
सहयोग शिविर कार्यक्रम स्थल के निकट पंचायत सरकार भवन निर्माणाधीन स्थिति में पाया गया। इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, रजौन को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन का निर्माण विभागीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जाए तथा निर्माण कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
Banka, Bihar | Sep 16, 2026