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बड़ेरा उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल जनपद जालौन के डकोर विकासखंड स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय, ग्राम बड़ेरा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गुरुवार को सुबह जब मीडिया टीम विद्यालय पहुंची तो मौके पर जो स्थिति दिखाई दी, उसने सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए। विद्यालय का निर्धारित समय सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे है, लेकिन निरीक्षण के दौरान विद्यालय समय से पहले बंद मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार उस समय विद्यालय में केवल एक शिक्षक आए थे और कुछ देर बाद विद्यालय बंद कर चले गए। इसके बाद विद्यालय में कोई शिक्षण कार्य होता नहीं मिला। मौके पर मौजूद विद्यालय में कार्यरत एक वृद्ध महिला ने कैमरे पर दावा किया कि विद्यालय अक्सर समय पर नहीं खुलता और कई बार समय से पहले बंद कर दिया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ शिक्षिकाएं पढ़ाने की बजाय आराम करती हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है, लेकिन वायरल वीडियो और मौके पर दिखाई गई स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय में तैनात शिक्षक - शाहिद परवीन खान – इंचार्ज प्रधानाध्यापक - नीरज देवी – सहायक अध्यापक - प्रगति पाठक – सहायक अध्यापक यदि विद्यालय वास्तव में समय से पहले बंद किया गया, तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्चों की पढ़ाई का जिम्मेदार कौन है? सरकारी वेतन लेने वाले शिक्षक आखिर अपने कर्तव्यों का पालन क्यों नहीं कर रहे? क्या शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी है? यदि पहले भी ऐसी शिकायतें मिल चुकी हैं तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या किसी प्रभावशाली संरक्षण के कारण नियमों की अनदेखी की जा रही है? अब देखना होगा कि बेसिक शिक्षा विभाग, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर जांच कराते हैं या नहीं। नोट: यह समाचार वायरल वीडियो, स्थानीय लोगों के बयानों तथा मीडिया टीम द्वारा मौके पर देखी गई स्थिति के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। आपकी क्या राय है? क्या ऐसे विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। #Jalaun #Orai #Dakor #Badera #BasicShiksha #School #Education #BreakingNews #ViralVideo #UPNews #Teachers #GovernmentSchool #UttarPradesh #BEO #DMJalaun #SchoolInspection #HindiNews #PublicVoice #Accountability #EducationSystem

Jalaun, Jalaun | Jul 9, 2026

MORE NEWS

फैमिली रेस्टोरेंट में महिला रक्षा कल्याण विभाग और पुलिस की बड़ी छापेमारी, 4 युवतियां और 2 युवक मिले, संचालक फरार — कई सवालों के घेरे में पूरा मामला

 उरई कोतवाली क्षेत्र के कोंच रोड स्थित खत्री बगिया के पास संचालित द यूनिक फैमिली रेस्टोरेंट में शुक्रवार को महिला कल्याण विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। 
शिकायत के आधार पर हुई इस कार्रवाई में रेस्टोरेंट के अंदर चार युवतियां और दो युवक मिले। 
प्रारंभिक जांच में दो युवतियों की उम्र संदिग्ध (संभावित नाबालिग) होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद उन्हें महिला थाना पुलिस के साथ सत्यापन और पूछताछ के लिए भेजा गया। 
वहीं दो बालिग युवतियों का विवरण दर्ज करने के बाद उन्हें जाने दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व महिला कल्याण विभाग की प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रतीक्षा सिंह ने किया। 
सूचना मिलते ही महिला थाना पुलिस और उरई कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। 
सभी से अलग-अलग पूछताछ की गई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई गई।

बताया जा रहा है कि छापेमारी की सूचना मिलते ही रेस्टोरेंट संचालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
 इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रेस्टोरेंट के पास संचालन संबंधी सभी आवश्यक लाइसेंस, अभिलेख और नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
 पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों का रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी खंगाल रही है।

अब उठ रहे हैं कई बड़े सवाल...

 क्या फैमिली रेस्टोरेंट की आड़ में कुछ और भी चल रहा था?

 शिकायत आखिर किसने और किन आधारों पर की?

 अगर सब कुछ सामान्य था तो संचालक कार्रवाई के दौरान मौके से फरार क्यों हो गया?

 दो युवतियों की उम्र संदिग्ध क्यों पाई गई? 
क्या नियमों का पालन नहीं हो रहा था?

 क्या शहर के अन्य रेस्टोरेंट, कैफे और गेस्ट हाउस में भी इसी तरह की जांच होनी चाहिए?

 क्या प्रशासन अब पूरे जिले में विशेष अभियान चलाकर ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच करेगा?

जांच पूरी होने तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं

फिलहाल पुलिस और महिला कल्याण विभाग मामले के हर पहलू की जांच कर रहे हैं। 
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 
इसलिए इस समय किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के संबंध में अवैध गतिविधियों का अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

हालांकि इस कार्रवाई के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
 स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो प्रशासन को केवल एक प्रतिष्ठान ही नहीं, बल्कि जिले के सभी रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, कैफे और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करानी चाहिए, ताकि कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 आपकी क्या राय है?

क्या जालौन जिले में सभी रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और कैफे की नियमित जांच होनी चाहिए? 
क्या ऐसे मामलों में प्रशासन को और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए?
 अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

(नोट: यह समाचार उपलब्ध जानकारी और प्रारंभिक जांच पर आधारित है। 
मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।)

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फैमिली रेस्टोरेंट में महिला रक्षा कल्याण विभाग और पुलिस की बड़ी छापेमारी, 4 युवतियां और 2 युवक मिले, संचालक फरार — कई सवालों के घेरे में पूरा मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के कोंच रोड स्थित खत्री बगिया के पास संचालित द यूनिक फैमिली रेस्टोरेंट में शुक्रवार को महिला कल्याण विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। शिकायत के आधार पर हुई इस कार्रवाई में रेस्टोरेंट के अंदर चार युवतियां और दो युवक मिले। प्रारंभिक जांच में दो युवतियों की उम्र संदिग्ध (संभावित नाबालिग) होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद उन्हें महिला थाना पुलिस के साथ सत्यापन और पूछताछ के लिए भेजा गया। वहीं दो बालिग युवतियों का विवरण दर्ज करने के बाद उन्हें जाने दिया गया। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व महिला कल्याण विभाग की प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रतीक्षा सिंह ने किया। सूचना मिलते ही महिला थाना पुलिस और उरई कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सभी से अलग-अलग पूछताछ की गई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई गई। बताया जा रहा है कि छापेमारी की सूचना मिलते ही रेस्टोरेंट संचालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रेस्टोरेंट के पास संचालन संबंधी सभी आवश्यक लाइसेंस, अभिलेख और नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों का रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी खंगाल रही है। अब उठ रहे हैं कई बड़े सवाल... क्या फैमिली रेस्टोरेंट की आड़ में कुछ और भी चल रहा था? शिकायत आखिर किसने और किन आधारों पर की? अगर सब कुछ सामान्य था तो संचालक कार्रवाई के दौरान मौके से फरार क्यों हो गया? दो युवतियों की उम्र संदिग्ध क्यों पाई गई? क्या नियमों का पालन नहीं हो रहा था? क्या शहर के अन्य रेस्टोरेंट, कैफे और गेस्ट हाउस में भी इसी तरह की जांच होनी चाहिए? क्या प्रशासन अब पूरे जिले में विशेष अभियान चलाकर ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच करेगा? जांच पूरी होने तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं फिलहाल पुलिस और महिला कल्याण विभाग मामले के हर पहलू की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए इस समय किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के संबंध में अवैध गतिविधियों का अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। हालांकि इस कार्रवाई के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो प्रशासन को केवल एक प्रतिष्ठान ही नहीं, बल्कि जिले के सभी रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, कैफे और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करानी चाहिए, ताकि कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। आपकी क्या राय है? क्या जालौन जिले में सभी रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और कैफे की नियमित जांच होनी चाहिए? क्या ऐसे मामलों में प्रशासन को और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। (नोट: यह समाचार उपलब्ध जानकारी और प्रारंभिक जांच पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।) #Jalaun #Urai #JalaunNews #BreakingNews #BigBreaking #MahilaKalyanVibhag #PratikshaSingh #MahilaThana #UraiKotwali #UPPolice #PoliceRaid #RestaurantRaid #TheUniqueFamilyRestaurant #KonchRoad #KhatriBagiya #WomenSafety #CrimeNews #Investigation #UPNews #HindiNews #Exclusive #GroundReport #LatestNews #Trending #ViralNews #LawAndOrder #PublicReaction #CommentNow #StayAlert #LocalNews

Jalaun, Jalaun | Jul 10, 2026

*जालौन: उरई रोड पर स्कूली बस खाई में गिरी, कई बच्चे घायल*

*जालौन।* उरई रोड स्थित अकोड़ी गांव के पास शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जयपुरिया स्कूल, उरई की स्कूली बस छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी।

हादसे के बाद बस में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद राहगीरों और ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और बस में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। 

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में कई बच्चे घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। कुछ बच्चों को मामूली चोटें आई हैं जबकि कुछ की हालत स्थिर बताई जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बस को खाई से बाहर निकलवाया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बस की तेज रफ्तार या चालक को झपकी आना हादसे की वजह हो सकती है।

हादसे के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल है। स्कूल प्रशासन और जिला प्रशासन ने घायल बच्चों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

*जालौन: उरई रोड पर स्कूली बस खाई में गिरी, कई बच्चे घायल* *जालौन।* उरई रोड स्थित अकोड़ी गांव के पास शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जयपुरिया स्कूल, उरई की स्कूली बस छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हादसे के बाद बस में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद राहगीरों और ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और बस में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में कई बच्चे घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। कुछ बच्चों को मामूली चोटें आई हैं जबकि कुछ की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बस को खाई से बाहर निकलवाया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बस की तेज रफ्तार या चालक को झपकी आना हादसे की वजह हो सकती है। हादसे के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल है। स्कूल प्रशासन और जिला प्रशासन ने घायल बच्चों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Jalaun, Jalaun | Jul 10, 2026

उरई के राठ रोड स्थित कथित केमिकल फैक्ट्री से स्थानीय लोगों में नाराजगी, जांच की मांग

उरई (जालौन)। शहर के राठ रोड क्षेत्र में संचालित एक कथित केमिकल फैक्ट्री को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर शिकायतें उठाई हैं। मोहल्लावासियों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकल युक्त धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है और आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासियों का यह भी आरोप है कि फैक्ट्री में उपयोग के बाद निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट (वेस्ट) को खुले में जमीन पर बहा दिया जाता है, जिससे वह आसपास के क्षेत्र में जमा हो जाता है। लोगों का कहना है कि इससे जमीन प्रभावित हो रही है और आसपास घूमने वाले पशु उस दूषित पानी को पीकर बीमार पड़ रहे हैं।
मोहल्लावासियों का कहना है कि इस समस्या के कारण क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनका सवाल है कि आखिर घनी आबादी के बीच ऐसी फैक्ट्री का संचालन कैसे हो रहा है और यदि रासायनिक अपशिष्ट का निस्तारण किया जा रहा है तो क्या इसके लिए पर्यावरण संबंधी निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
नोट: यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित फैक्ट्री प्रबंधन एवं प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

उरई के राठ रोड स्थित कथित केमिकल फैक्ट्री से स्थानीय लोगों में नाराजगी, जांच की मांग उरई (जालौन)। शहर के राठ रोड क्षेत्र में संचालित एक कथित केमिकल फैक्ट्री को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर शिकायतें उठाई हैं। मोहल्लावासियों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकल युक्त धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है और आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का यह भी आरोप है कि फैक्ट्री में उपयोग के बाद निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट (वेस्ट) को खुले में जमीन पर बहा दिया जाता है, जिससे वह आसपास के क्षेत्र में जमा हो जाता है। लोगों का कहना है कि इससे जमीन प्रभावित हो रही है और आसपास घूमने वाले पशु उस दूषित पानी को पीकर बीमार पड़ रहे हैं। मोहल्लावासियों का कहना है कि इस समस्या के कारण क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनका सवाल है कि आखिर घनी आबादी के बीच ऐसी फैक्ट्री का संचालन कैसे हो रहा है और यदि रासायनिक अपशिष्ट का निस्तारण किया जा रहा है तो क्या इसके लिए पर्यावरण संबंधी निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। नोट: यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित फैक्ट्री प्रबंधन एवं प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

Jalaun, Jalaun | Jul 9, 2026

बड़ेरा उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल जनपद जालौन के डकोर विकासखंड स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय, ग्राम बड़ेरा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गुरुवार को सुबह जब मीडिया टीम विद्यालय पहुंची तो मौके पर जो स्थिति दिखाई दी, उसने सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए। विद्यालय का निर्धारित समय सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे है, लेकिन निरीक्षण के दौरान विद्यालय समय से पहले बंद मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार उस समय विद्यालय में केवल एक शिक्षक आए थे और कुछ देर बाद विद्यालय बंद कर चले गए। इसके बाद विद्यालय में कोई शिक्षण कार्य होता नहीं मिला। मौके पर मौजूद विद्यालय में कार्यरत एक वृद्ध महिला ने कैमरे पर दावा किया कि विद्यालय अक्सर समय पर नहीं खुलता और कई बार समय से पहले बंद कर दिया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ शिक्षिकाएं पढ़ाने की बजाय आराम करती हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है, लेकिन वायरल वीडियो और मौके पर दिखाई गई स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय में तैनात शिक्षक - शाहिद परवीन खान – इंचार्ज प्रधानाध्यापक - नीरज देवी – सहायक अध्यापक - प्रगति पाठक – सहायक अध्यापक यदि विद्यालय वास्तव में समय से पहले बंद किया गया, तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्चों की पढ़ाई का जिम्मेदार कौन है? सरकारी वेतन लेने वाले शिक्षक आखिर अपने कर्तव्यों का पालन क्यों नहीं कर रहे? क्या शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी है? यदि पहले भी ऐसी शिकायतें मिल चुकी हैं तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या किसी प्रभावशाली संरक्षण के कारण नियमों की अनदेखी की जा रही है? अब देखना होगा कि बेसिक शिक्षा विभाग, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर जांच कराते हैं या नहीं। नोट: यह समाचार वायरल वीडियो, स्थानीय लोगों के बयानों तथा मीडिया टीम द्वारा मौके पर देखी गई स्थिति के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। आपकी क्या राय है? क्या ऐसे विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। #Jalaun #Orai #Dakor #Badera #BasicShiksha #School #Education #BreakingNews #ViralVideo #UPNews #Teachers #GovernmentSchool #UttarPradesh #BEO #DMJalaun #SchoolInspection #HindiNews #PublicVoice #Accountability #EducationSystem - Jalaun News