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Ramchandra Rajput

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प्रधान समेत 3 गिरफ्तार
मनोज कुमार होंगे उरई सदर के तहसीलदार 

जनहित में चार तहसीलदारों के तबादले, जिलाधिकारी ने जारी किए आदेश

 प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने के उद्देश्य से किया गया स्थानांतरण

उरई (जालौन)।जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जनहित एवं शासकीय कार्यहित को दृष्टिगत रखते हुए जनपद के चार तहसीलदारों के स्थानांतरण संबंधी आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार तहसीलदार कालपी अभिनव तिवारी का स्थानांतरण तहसीलदार जालौन के पद पर किया गया है। वहीं तहसीलदार उरई श्रीश कुमार मिश्रा को तहसीलदार कालपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तहसीलदार मनोज कुमार को तहसीलदार उरई तथा तहसीलदार (न्यायिक) उरई गौरव कुमार को तहसीलदार माधौगढ़ के पद पर तैनात किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में यह भी निर्देशित किया गया है कि संबंधित तहसीलदार अपनी नवीन तैनाती वाली तहसील में प्रशासनिक एवं न्यायिक दायित्वों के साथ-साथ तहसीलदार (न्यायिक) के रिक्त पद का कार्य भी नियमित तैनाती होने तक संपादित करेंगे।
जालौन डीएम का आदेश रद्द इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारी को चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए निर्देश
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*जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बवाल, बीजेपी नेता समेत कई लोगों पर डॉक्टरों से अभद्रता का आरोप*

जालौन। उरई के जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क पर हुए पैसे के लेन-देन के विवाद में घायल युवकों का मेडिकल कराने पहुंचे लोगों और अस्पताल कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामले में बीजेपी नेता और उनके साथ मौजूद कुछ लोगों पर डॉक्टरों व कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार करने तथा अस्पताल का मेडिकल रजिस्टर फाड़ने के आरोप लगे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेडिकल परीक्षण और रेफर लिखने को लेकर इमरजेंसी वार्ड में काफी देर तक हंगामा होता रहा। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों पर मेडिकल रिपोर्ट अपनी मांग के अनुसार तैयार करने का दबाव बनाया गया। विरोध होने पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
घटना के दौरान इमरजेंसी में मौजूद कर्मचारियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर डॉ. अनुपम मिश्रा ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही उरई कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है तथा जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में नाराजगी का माहौल है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल परिसर में ड्यूटी के दौरान भी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाइट: डॉ. अनुपम मिश्रा, जिला अस्पताल उरई।
पुलिस चौकी के पास से ट्रॉली चोरी! 
आखिर चोर बेखौफ या पुलिस गश्त बेअसर?

 जनपद जालौन के हदरुख क्षेत्र में पुलिस चौकी के समीप से ट्रॉली चोरी होने का दावा सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
 हालांकि, यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार, हदरुख निवासी प्रवीण सिंह की ट्रॉली जालौन रोड स्थित हदरुख पुलिस चौकी के पास खड़ी थी। दावा किया जा रहा है कि बुधवार देर रात करीब 1:30 बजे अज्ञात चोर ट्रॉली लेकर फरार हो गए। यदि यह दावा सही है, तो सवाल उठता है कि जब पुलिस चौकी के आसपास खड़े वाहन सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करें?

स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना से इलाके में चिंता का माहौल है। 
पीड़ित द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात कही जा रही है। 
बताया जा रहा है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।

सबसे बड़ा सवाल यह है—क्या चोरों के हौसले पुलिस की मौजूदगी से भी ज्यादा बुलंद हो चुके हैं, या फिर रात्रि गश्त में कहीं न कहीं चूक हुई है?

समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

आपकी क्या राय है? 
क्या पुलिस चौकी के आसपास भी चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल नहीं है?
 अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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"मुंबई में बड़े कपड़ा व्यापारी रहे शिवचरण रामरत्न गुप्ता (74) की हरियाणा के सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम में मौत हो गई। वे पिछले तीन साल से आश्रम में रह रहे थे। दो साल पहले उनकी पत्नी का भी इसी आश्रम में निधन हुआ था। मंगलवार को आश्रम प्रबंधन ने उनकी मौत की सूचना उनकी तीनों बेटियों को दी। हालांकि, तीनों ने दूरी और समय का हवाला देते हुए अंतिम संस्कार में आने से मना कर दिया।

"आश्रम संचालक आनंद कुमार के अनुसार, बेटियों ने ऑनलाइन 5100 रुपए भेजकर अंतिम संस्कार सोनीपत में ही कराने के लिए कहा। जब मुखाग्नि देने की बात उठी तो उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए पूरी प्रक्रिया दिखाने को कहा। आनंद कुमार ने बताया कि अपने पिता के प्रति संतानों का ऐसा व्यवहार उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। उनके मुताबिक, वीडियो कॉल पर पिता का चेहरा देखते ही एक बेटी के मुंह से सिर्फ इतना निकला, "पापा..."।

"आनंद कुमार ने बताया कि जब बेटियों से कहा गया कि वे 20 तारीख से पहले आकर अपने पिता की अस्थियां ले जाएं, तो मुंबई में रहने वाली सबसे छोटी बेटी ने जवाब दिया, "20 तारीख से पहले देखते हैं।"

"आश्रम संचालक के अनुसार, अंतिम संस्कार के दौरान भी बेटी फोन पर लगातार जानकारी लेती रही। उन्होंने बताया कि जब चिता को अग्नि दी जा रही थी, तब बेटी ने पूछा, "अभी और कितना टाइम लगेगा?" इस पर उसे बताया गया कि मुखाग्नि दी जा चुकी है और 10-15 मिनट में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद बेटी ने कहा, “सारा काम अच्छे से हो गया ना, मुझे सारी वीडियो भेज देना।”
हमीरपुर : एनएच-34 पर  महोबा डिपो की रोडवेज बस और डीजल टैंकर की भीषण टक्कर में तीन की मौत,
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आर.एस. प्रजापति ने तीन मौतों की पुष्टि की,
हादसे में 20 से अधिक यात्री घायल, जिला अस्पताल में चल रहा उपचार,
तीन गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए कानपुर किया गया रेफर,
सुमेरपुर थाना क्षेत्र के कुंडौरा गांव के पास बुधवार शाम हुआ था हादसा,
पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के साथ दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटा।
उरई बघौरा बाईपास पर युवकों में विवाद, गाली-गलौज के बाद जमकर मारपीट!

 बघौरा बाईपास पर युवकों के बीच विवाद के बाद गाली-गलौज और मारपीट का मामला सामने आया है। 
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
 हालांकि विवाद की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

बताया जा रहा है कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ मामले की जांच में जुट गई।
 मामले में जानकारी लेने के लिए चौकी इंचार्ज से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।

यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर है।
 मारपीट के कारण और घटना में शामिल युवकों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

 अब सवाल—बघौरा बाईपास पर आखिर किस बात को लेकर हुआ विवाद?

 आपकी क्या राय है? 
कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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जालौन में पुलिस जांच पर उठे सवाल, शिकायतकर्ता ने SP से फिर लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

पत्नी द्वारा फोटो एडिट कर वायरल करने, मारपीट, मोबाइल व ₹12 हजार छीनने के आरोप; शिकायतकर्ता ने जांच रिपोर्ट पर जताई आपत्ति

जालौन 
थाना सिरसाकलार क्षेत्र निवासी अक्षय कुमार पुत्र चन्द्रपाल ने पुलिस अधीक्षक जालौन को प्रार्थना पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक 15 जुलाई 2026 को उसकी पत्नी की फोटो एडिट कर आपत्तिजनक तरीके से व्हाट्सऐप पर वायरल की गई। जानकारी होने पर उसने 112 नंबर पर सूचना देने के साथ थाना सिरसाकलार में शिकायत की।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद रास्ते में उसकी पत्नी सोनम यादव सहित कुछ अन्य लोगों ने उसके साथ कथित रूप से मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान उसका मोबाइल फोन और जेब में रखे ₹12 हजार भी ले लिए गए।

मामले में पुलिस स्तर पर जांच की गई, लेकिन शिकायतकर्ता ने जांच प्रक्रिया और रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े कर दिए। उसका कहना है कि जांच के दौरान उसके पक्ष को उचित तरीके से नहीं सुना गया और उसके परिवार को पूरी जानकारी दिए बिना रिपोर्ट लगा दी गई।

शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराई जाए और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

दस्तावेजों में पुलिस द्वारा जांच किए जाने का उल्लेख है, जबकि शिकायतकर्ता ने जांच को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। अब मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचने के बाद निष्पक्ष जांच की मांग ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हालांकि, प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इन दस्तावेजों से नहीं होती है। दूसरे पक्ष और पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

सच को सामने आने में वक्त जरूर लगता है,
मगर निष्पक्ष जांच से ही इंसाफ मिलता है।
थाना कदौरा के ग्राम ताहरपुर के निवासी जगराम कुशवाहा उम्र करीब 70 वर्ष और सगनू राईन उम्र करीब 70 वर्ष के बीच भैंसों को बान्धने को लेकर विवाद हो गया जिसमें जगराम कुशवाहा द्वारा आक्रोश में आकर सगनु राईन के प्राइवेट अंगों पर लात मार दी गयी । जिससे वो बेहोश हो गये वहां से उन्हे उपचार हेतु सीएचसी कदौरा लाया गया। जहां चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस द्वारा पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है। मृतक के परिजनों से तहरीर प्राप्त कर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने की कार्यवाही की जा रही है।अन्य वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है। 

 क्षेत्राधिकारी कालपी द्वारा दी गयी बाइट।
उरई ARTO कार्यालय में लाइसेंस के नाम पर ‘खेल’ का आरोप! सरकारी फीस से हजारों ज्यादा वसूली की शिकायत, सवालों के घेरे में व्यवस्था

 क्या बिना दलाल के आम आदमी का काम आसानी से नहीं होता?

 सरकारी शुल्क तय होने के बावजूद ₹2,000 से ₹4,200 तक अतिरिक्त रकम लेने के आरोपों में कितनी सच्चाई?

 CCTV फुटेज और संबंधित रिकॉर्ड की जांच हो तो क्या सामने आएगा पूरा नेटवर्क?

 जनपद के एआरटीओ कार्यालय उरई में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कार्यों को लेकर कथित अवैध वसूली की शिकायत ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कार्यालय के बाहर सक्रिय बताए जा रहे निजी व्यक्तियों और अंदर मौजूद कुछ कर्मचारियों के बीच कथित सांठगांठ के चलते आवेदकों से सरकारी शुल्क से अतिरिक्त रकम वसूली जा रही है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर निर्धारित सरकारी शुल्क के अतिरिक्त ₹2,000 से ₹3,000 तक की रकम मांगी जाती है। 
वहीं कुछ मामलों में कुल भुगतान ₹3,500 से ₹4,200 तक पहुंचने का दावा किया गया है। 
शिकायतकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर सक्रिय बताए गए कुछ निजी व्यक्तियों के नाम भी शिकायत में दर्ज कराए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

 रिन्यूवल से लेकर हैवी लाइसेंस तक सवाल

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बिना किसी बिचौलिए के सीधे कार्यालय पहुंचने वाले आवेदकों से भी कथित रूप से मेडिकल प्रमाणपत्र सहित विभिन्न प्रक्रियाओं के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक रकम मांगे जाने की शिकायत है।
 हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण में देरी होने पर भी अतिरिक्त धनराशि लिए जाने का दावा किया गया है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर शासन ने हर लाइसेंस सेवा की फीस निर्धारित कर रखी है तो आवेदकों से अतिरिक्त रकम किस आधार पर मांगी जा रही है?

 CCTV और रिकॉर्ड की जांच से खुल सकता है राज?

शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि एआरटीओ कार्यालय परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग, आवेदन संबंधी अभिलेख, फीस रसीदें और संबंधित प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 
उनका दावा है कि कार्यालय में आने-जाने वाले संदिग्ध निजी व्यक्तियों की गतिविधियों की जांच से भी तस्वीर साफ हो सकती है।

बिना दलाल फाइल सख्त, भुगतान पर रास्ता आसान?

कुछ आवेदकों ने यह भी आरोप लगाया है कि बिना किसी बिचौलिए के आवेदन करने पर दस्तावेजों की छोटी-छोटी कमियों को लेकर फाइल वापस कर दी जाती है, जबकि कथित रूप से अतिरिक्त भुगतान करने पर वही प्रक्रिया आसानी से आगे बढ़ने की बात कही जाती है। हालांकि इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

यही वजह है कि अब सबसे बड़ा सवाल परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से है—क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी या मामला केवल शिकायतों तक सीमित रह जाएगा?

यदि आरोप गलत हैं तो जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यदि शिकायतों में सच्चाई मिलती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों न हो?

जनता के पैसे और सरकारी व्यवस्था से जुड़ा मामला है, इसलिए पारदर्शी जांच जरूरी है।
सवाल वही है—सरकारी शुल्क से ज्यादा रकम लेने के आरोपों की सच्चाई आखिर जांच में कब सामने आएगी?

 आपकी क्या राय है?
 क्या एआरटीओ कार्यालय में लाइसेंस प्रक्रिया की CCTV और अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? 
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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अपना दल उरई
SDM और तहसीलदार उरई की सराहनीय कार्य
गायों का हजम कैसे कर पाओगे
कोतवाली जालौन पुलिस  द्वारा लूट की घटना का सफल अनावरण

जालौन

व्यापारी संग हुई छीनेती की घटना का पुलिस ने किया खुलासा,

पांच शातिर चोर पुलिस ने किए अरेस्ट,

चोरी की घटना में प्रयुक्त दो बाइकें बरामद,

80 हजार रुपए नगद भी पुलिस ने किए बरामद

जालौन कोतवाली पुलिस को मिली सफलता 

घटना में संलिप्त 05 अभियुक्तगण  गिरफ्तार 

 अपर पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा दी गयी बाइट।
सुमित राजपूत बहर और देवेन्द्र महाराज शिक्षक के <nis:link nis:type=tag nis:id=अवनी nis:value=अवनी nis:enabled=true nis:link/> जूस सेंटर <nis:link nis:type=tag nis:id=राठ nis:value=राठ nis:enabled=true nis:link/> के उद्घाटन अवसर पर रहना हुआ...
Congratulations Brothers
कुछ ही दिनों में चोरी का पर्दाफाश, जालौन पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा

जालौन पुलिस  कोतवाली जालौन पुलिस एवं स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने चोरी की घटना का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से चोरी की घटना से संबंधित 80 हजार रुपये नकद और दो अदद मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं।

पुलिस के मुताबिक 28 जुलाई 2026 की रात वादी दिलीप कुमार अग्रवाल के घर के सामने स्कूटी पर रखे बैग से अज्ञात चोरों ने रुपये चोरी कर लिए थे। 
बैग में रखी नकदी चोरी होने की सूचना पर कोतवाली जालौन में मु.अ.सं. 164/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

घटना के बाद पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए टीम गठित कर जांच शुरू की। 03 अगस्त 2026 को कोतवाली जालौन पुलिस एवं स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

1. वासिल पुत्र नाजिम, उम्र करीब 19 वर्ष, निवासी मोहल्ला राजपाट, कस्बा व थाना जालौन।

2. सजल फरीदी पुत्र मोहम्मद सोहेल फरीदी, उम्र करीब 19 वर्ष, निवासी मोहल्ला राजपाट, कस्बा व थाना जालौन।

3. सुफियान उर्फ लक्की पुत्र अनसार, उम्र करीब 22 वर्ष, निवासी मोहल्ला शाहगंज, कस्बा व थाना जालौन।

4. फरहान पुत्र नसीब, उम्र करीब 19 वर्ष, निवासी मोहल्ला तोपखाना, कस्बा व थाना जालौन।

5. शान पुत्र अकील अली, उम्र करीब 22 वर्ष, निवासी मोहल्ला मुल्लामनोर, कस्बा व थाना जालौन।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने 28 जुलाई की रात मिलकर चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि चोरी की गई रकम में से उन्हें 82 हजार रुपये मिले थे, जिसमें से 2 हजार रुपये उन्होंने खर्च कर दिए।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 80,000 रुपये एवं दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी कर आगे की विधिक कार्रवाई की गई।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कुछ आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास दर्ज है।
 वासिल के खिलाफ कोतवाली जालौन में पूर्व के मुकदमे दर्ज होने की बात पुलिस दस्तावेज में दर्ज है, जबकि अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।

पुलिस की इस कार्रवाई को चोरी की घटना के बाद कुछ ही दिनों में सफल खुलासे के तौर पर देखा जा रहा है। 
कार्रवाई में कोतवाली जालौन पुलिस के साथ स्वाट/सर्विलांस टीम की अहम भूमिका बताई गई है।

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उरई में THE MANGO SPA को लेकर गंभीर सवाल, वायरल वीडियो के दावे से मचा हड़कंप

बॉडी मसाज सेंटर की सेवाओं पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल, उपलब्ध वीडियो की जांच की मांग; 
संचालक का पक्ष सामने आना बाकी

उरई शहर में संचालित स्पा एवं बॉडी मसाज सेंटरों की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। 
THE MANGO SPA ORAI नाम से प्रचारित प्रतिष्ठान को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। 
मामले से संबंधित एक वीडियो उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है, हालांकि उसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और वीडियो को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

उपलब्ध प्रचार सामग्री में प्रतिष्ठान का नाम THE MANGO SPA ORAI – BEST SPA IN ORAI बताया गया है। 
इसमें Relaxing Massage, Aroma Therapy, Body Rejuvenation, Stress Relief और Complete Wellness जैसी सेवाओं का प्रचार किया गया है। 
प्रचार सामग्री में प्रोफेशनल थेरेपिस्ट, स्वच्छ वातावरण, प्राकृतिक ऑयल, एरोमा थेरेपी तथा पुरुष एवं महिला के लिए अलग व्यवस्था जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख है।

वीडियो ने बढ़ाए सवाल, जांच से ही सामने आएगी सच्चाई

स्थानीय लोगों की ओर से दावा किया जा रहा है कि संबंधित सेंटर से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें काउंटर पर मौजूद व्यक्ति और ग्राहक के बीच बातचीत रिकॉर्ड होने की बात कही जा रही है। 
बातचीत को लेकर भी तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं।

हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
 इसलिए उसमें कही गई बातों को फिलहाल प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। 
निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वीडियो वास्तविक परिस्थितियों को दर्शाता है या नहीं।

वीडियो को सार्वजनिक करने के बजाय संबंधित पुलिस अथवा प्रशासनिक अधिकारी के समक्ष उपलब्ध कराकर उसकी जांच कराना उचित होगा, ताकि किसी व्यक्ति की निजता और प्रतिष्ठा प्रभावित न हो।

नाम और प्रचार सामने, अब सत्यापन की बारी

प्रचार सामग्री में THE MANGO SPA ORAI के नाम के साथ संपर्क नंबर और उरई में स्थान का विवरण भी प्रदर्शित किया गया है। 
ऐसे में प्रशासन के सामने सीधा सवाल है कि संबंधित प्रतिष्ठान का पंजीकरण, स्थानीय अनुमति, कर्मचारियों का सत्यापन और संचालन संबंधी नियमों का अनुपालन किस स्तर पर है?

यदि सेंटर नियमानुसार संचालित हो रहा है तो जांच के बाद स्थिति साफ हो सकती है। 
वहीं यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

सिर्फ एक सेंटर नहीं, पूरे शहर में हो जांच

मामले ने शहर में संचालित अन्य स्पा सेंटरों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। 
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन केवल शिकायत वाले एक प्रतिष्ठान तक सीमित न रहे, बल्कि उरई में संचालित सभी स्पा एवं मसाज सेंटरों का नियमानुसार सत्यापन कराए।

पुलिस-प्रशासन से बड़े सवाल—
THE MANGO SPA ORAI का वैधानिक पंजीकरण और अनुमति किस विभाग से है?

सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों का सत्यापन कराया गया है या नहीं?

प्रचार सामग्री में किए जा रहे दावों की वास्तविकता क्या है?

उपलब्ध वीडियो की निष्पक्ष जांच होगी या नहीं?

क्या शहर के अन्य स्पा सेंटरों का भी सत्यापन कराया जाएगा?

नियमों का उल्लंघन मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

संचालक का पक्ष भी जरूरी
इस पूरे मामले में THE MANGO SPA ORAI के संचालक/प्रबंधन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। 
आरोपों की निष्पक्षता के लिए उनका पक्ष लेना और उसे प्रकाशित करना भी जरूरी होगा।
 फिलहाल सामने आए आरोपों को आरोप ही माना जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य।

अब असली सवाल यह है कि क्या उरई प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए उपलब्ध वीडियो, प्रतिष्ठान के दस्तावेजों और संचालन की वास्तविक स्थिति की जांच कराएगा?

जांच हुई तो दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा।

क्या उरई शहर में संचालित सभी स्पा सेंटरों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए?
क्या हमारे पास उपलब्ध वीडियो की पुलिस द्वारा जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए?
क्या प्रशासन को ऐसे प्रतिष्ठानों का नियमित सत्यापन करना चाहिए?

 आपकी क्या राय है, कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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जालौन के नदीगांव थाना क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव रखकर कोंच-नदीगांव मार्ग पर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने 5 नामजद समेत 10–12 अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सूचना पर चार थानों की पुलिस और क्षेत्राधिकारी परमेश्वर प्रसाद मौके पर पहुंचे, परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया और हालात को नियंत्रित किया जालौन पुलिस
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दिनदहाड़े महिला से चेन स्नेचिंग की वारदात आई सामने

दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने महिला के गले से सोने की चेन छीनी 

जालौन जिले में बदमाशों के हौसले लगातार बुलंद नजर आ रहे हैं। ताजा मामला जालौन कोतवाली क्षेत्र के नगर क्षेत्र से सामने आया है, जहां दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने एक महिला को निशाना बनाते हुए उसके गले से सोने की चेन छीन ली और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो गई।
बताया जा रहा है कि महिला किसी कार्य से बाजार क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी बाइक पर सवार दो बदमाश तेजी से उसके पास पहुंचे और झपट्टा मारकर गले में पहनी सोने की चेन छीन ली। महिला जब तक कुछ समझ पाती, तब तक बदमाश मौके से फरार हो चुके थे। घटना के बाद पीड़िता ने शोर मचाया, जिस पर आसपास मौजूद लोग एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि पूरी वारदात पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस बदमाशों की पहचान करने में जुटी हुई है।
पीड़ित महिला ने घटना को लेकर पुलिस को लिखित तहरीर दे दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी तथा सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
दिनदहाड़े हुई इस चेन स्नैचिंग की घटना ने एक बार फिर नगर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
लोकपाल ने रिकवरी के दिए आदेश, फिर भी कार्रवाई ठंडे बस्ते में! सुरपतिपुरा पंचायत पर समाधान दिवस में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

₹1.63 लाख की वसूली आज तक नहीं, फर्जी विकास कार्यों और सरकारी धन के दुरुपयोग के लगाए गंभीर आरोप

माधौगढ़ (जालौन)। सम्पूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को ग्राम पंचायत सुरपतिपुरा का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। पंचायत में कथित वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी विकास कार्यों और लोकपाल द्वारा दिए गए ₹1.63 लाख की रिकवरी के आदेश के बावजूद कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि जब जांच में गड़बड़ी साबित हो चुकी है और प्रधान, ग्राम सचिव सहित तीन लोगों से वसूली के आदेश भी जारी हो चुके हैं, तो आखिर अब तक न वसूली हुई और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। कई कार्य केवल कागजों में पूरे दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया, जबकि धरातल पर उनकी वास्तविक स्थिति कुछ और है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि लोकपाल की जांच में अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं, तो प्रशासन अब तक दोषियों पर कार्रवाई करने में क्यों पीछे है। ग्रामीण मानसिंह सहित कई लोगों ने कहा कि पंचायत में हुए कई अन्य विकास कार्य भी जांच के दायरे में लाए जाएं। उनका आरोप था कि ग्राम निधि के खर्च में व्यापक गड़बड़ियां हुई हैं और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग का सच सामने आ सके। ग्रामीणों के तीखे आरोपों के बीच उपजिलाधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रशासन किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लेगा। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि उनके पास ठोस साक्ष्य हैं तो वे शपथ पत्र के साथ जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें, जिससे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराई जा सके। समाधान दिवस में उठे इस मुद्दे ने एक बार फिर सुरपतिपुरा ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच रिपोर्ट और रिकवरी आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं होती है, तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की सरकारी मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन लोकपाल के आदेशों को अमल में लाकर दोषियों से वसूली कराता है या यह मामला भी केवल फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा।
Ramchandra Rajput (@raazrajpoothr) | Public App