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Ramchandra Rajput

@raazrajpoothr
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नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने सड़क, पुल, बिजली, बैंक और संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है. 11 हाइड्रोपावर प्लांट क्षतिग्रस्त हुए हैं और 431 मेगावाट बिजली उत्पादन सिस्टम से बाहर हो गया है. 19 पुल और 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं. 25 से ज्यादा टेलीकॉम साइट प्रभावित हुई हैं, जबकि बैंक और वित्तीय संस्थानों के कई कार्यालय बह गए हैं.  

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शहीद स्मारक पार्क की दीवार गिरने के मामले में पहुंचे ईओ रामअचल कुरील व पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि विजय चौधरी

स्थलीय जायजा लेने के बाद ईओ नेे रखी बात, बोले पूर्व के कार्यकाल में कराया गया था निर्माण।
2018 से 2023 के कार्य काल में हुआ था निर्माण
🇮🇳 आवश्यक सूचना- नेपाल में फ्लैश फ्लड के मद्देनज़र भारतीय नागरिकों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने नेपाल में फ्लैश फ्लड से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

📞 +977 985 131 6807
📞 +977 970 910 7500

प्रभावित भारतीय नागरिक आवश्यकता पड़ने पर इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त आप नेपाल में आई बाढ़ के कारण यदि उत्तर प्रदेश का कोई नागरिक वहाँ फँसा हुआ है या उसे किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता है, तो उनके परिजन तत्काल 1070 पर कॉल कर सूचना दें — राहत आयुक्त कार्यालय, उत्तर प्रदेश

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गहरी संवेदना �

नेपाल में आई भीषण बाढ़ से हुई जनहानि और तबाही की खबर अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है।
इस कठिन घड़ी में बाढ़ पीड़ित परिवारों के साथ हमारी गहरी संवेदनाएँ हैं।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है और लापता लोगों के सकुशल वापस लौटने की कामना करता हूँ। �
राहत एवं बचाव कार्य में जुटे सभी लोगों को नमन।
मानवता सबसे बड़ा धर्म है। ���
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🌧️ तालाब का पानी घरों में घुसा तो दौड़े अफसर, मौके पर पहुंचे एसडीएम; जेसीबी से खुदाई कराकर खुलवाया जलनिकासी का रास्ता

जालौन। ग्राम पंचायत सालाबाद में लगातार हो रही बारिश के चलते तालाब का जलस्तर बढ़ने और पानी की निकासी का रास्ता बंद होने से ग्रामीणों के घरों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। पानी घरों तक पहुंचने से मोहल्लेवासियों में परेशानी बढ़ गई।

समस्या की जानकारी ग्रामीणों ने एसडीएम जालौन को दी। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम जालौन तत्काल मौके पर पहुंचे। उनके साथ तहसीलदार जालौन, चौकी प्रभारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तालाब और जलभराव वाले स्थान का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्या को समझा। निरीक्षण के दौरान जलनिकासी बाधित होने की स्थिति सामने आने पर अधिकारियों ने तत्काल समाधान के निर्देश दिए।

इसके बाद जेसीबी मशीन बुलाकर खुदाई कराई गई और पानी की निकासी के लिए रास्ता तैयार कराया गया। निकासी का रास्ता खुलने के बाद तालाब का पानी बाहर निकलने लगा, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

🌊 बारिश के बीच प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से मिली राहत

ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रशासन के मौके पर पहुंचने और जेसीबी से जलनिकासी कराने से बड़ी परेशानी टल गई। वहीं ग्रामीणों ने भविष्य में जलभराव की समस्या दोबारा न हो, इसके लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है।
Video 5
स्वामी ब्रह्मानंद पुरूस्कार सम्मान 2026
सरसेला गौशाला के पीछे सड़ रहे दर्जनों मृत गोवंश, बदबू से ग्रामीण परेशान—जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल!

कालपी/महेवा, जालौन  ग्राम पंचायत सरसेला की गौशाला के पीछे खुले आसमान के नीचे पड़े मृत गोवंश के शवों ने गौशाला व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
 मौके पर दर्जनों मृत गोवंश पड़े होने की बात सामने आई है।
 कुछ शव हाल के तो कुछ महीनों पुराने प्रतीत हो रहे हैं, जिनसे तेज दुर्गंध फैल रही है।

जिस स्थान पर मृत गोवंश पड़े हैं, वहां ग्रामीणों का लगातार आना-जाना रहता है।
 ग्रामीण अपने जानवर चराने के लिए भी इसी क्षेत्र में पहुंचते हैं। ऐसे में सड़ते शवों से उठ रही भयंकर बदबू और गंदगी से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है तथा संक्रमण फैलने की आशंका भी जताई जा रही है।

मौके की स्थिति देखकर कई शवों का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत नजर आता है। 
कुछ शवों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें लंबे समय से खुले में छोड़ दिया गया है।
 ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में गोवंश की मौत होने के बाद शवों को उचित तरीके से दफनाने के बजाय गौशाला के पीछे खुले स्थान पर डाल दिया जाता है। 
इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

हैरानी की बात यह है कि ग्रामीणों के मुताबिक करीब एक साल पहले भी इसी गौशाला के पीछे इसी तरह मृत गोवंश पड़े होने का मामला सामने आया था, लेकिन अब दोबारा वही दृश्य दिखाई देने से सवाल उठ रहा है कि आखिर पिछली घटना के बाद क्या व्यवस्था सुधारी गई थी?

सवाल सीधे जिम्मेदारों से—
मृत गोवंश के निस्तारण की व्यवस्था कौन करेगा?
क्या शवों को खुले में छोड़ना सरकारी नियमों के मुताबिक है?
मृत गोवंश का रिकॉर्ड कौन रखता है?
गौशाला में लगातार गोवंश की मौत क्यों हो रही है?
और अगर सरकार गोवंश की देखरेख के लिए धन दे रही है तो फिर जमीन पर ऐसी तस्वीर क्यों दिखाई दे रही है?

गाय को माता का दर्जा देने वाली परंपरा में क्या मृत गोवंश को सम्मानजनक तरीके से दफनाना भी जिम्मेदारों की जिम्मेदारी नहीं है?

अब जरूरत है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करे और यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए।

आपके गांव में भी गौशाला है? 
अगर हां, तो उसकी स्थिति कैसी है? 
क्या वहां गोवंश की उचित देखभाल और मृत पशुओं के सम्मानजनक निस्तारण की व्यवस्था है? 
इस मामले में आपकी क्या राय है—कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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कालपी/जालौन। क्षेत्र की सड़कों और हाईवे पर ओवरलोडिंग का अवैध खेल बेखौफ जारी है। UP Police Dg Pachq DM Jalaun 
कार्रवाई और ऑनलाइन चालान से बचने के लिए वाहन स्वामियों व चालकों ने नया पैंतरा अपना लिया है। 
ट्रकों और डंपरों की नंबर प्लेट पर कालिख पोतकर, मिट्टी लगाकर या कपड़ा बांधकर गाड़ियां बेधड़क दौड़ाई जा रही हैं। 
इस गोरखधंधे से जहां एक तरफ शासन को हर माह लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है, वहीं दूसरी ओर आम राहगीरों की जान जोखिम में पड़ रही है।
सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरों को दे रहे चकमा
परिवहन विभाग और पुलिस द्वारा लगाए गए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन  कैमरों से बचने के लिए यह शातिराना तरीका अपनाया जा रहा है। 
नंबर प्लेट छिपे होने के कारण ओवर-स्पीडिंग या ओवरलोडिंग के ई-चालान जनरेट नहीं हो पाते। टोल प्लाजा और प्रमुख चौराहों पर भी ये गाड़ियां आसानी से निकल जाती हैं।
*जालौन के 70 नवचयनित प्राविधिक सहायकों को मिले नियुक्ति पत्र*

*कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती, DM ने दी शुभकामनाएं*

*राम चन्द्र राजपूत जालौन*

*जालौन।* उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार और कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लखनऊ के जुपिटर हॉल, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से UPSSSC द्वारा चयनित कृषि विभाग के 3,446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) और मंडी परिषद के 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जालौन के विकास भवन सभागार में LED के माध्यम से किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, सदर विधायक प्रतिनिधि रविन्द्र प्रताप, कालपी विधायक प्रतिनिधि आशुतोष चतुर्वेदी, विधान परिषद सदस्य प्रतिनिधि मयंक त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि और नवनियुक्त प्राविधिक सहायक मौजूद रहे।

*जालौन को मिले 70 प्राविधिक सहायक*

उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद जालौन में *70 नवचयनित प्राविधिक सहायकों* को नियुक्ति पत्र दिए गए। नियुक्ति पत्र पाकर युवाओं में नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह दिखा। इनकी तैनाती से कृषि विभाग के फील्ड कार्यों में तेजी आएगी और किसानों तक शासन की योजनाओं व तकनीकी जानकारी की पहुंच और प्रभावी होगी।

*DM ने कहा - नौकरी नहीं, जनसेवा है*

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने नवचयनितों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। कृषि प्रधान जनपद जालौन में प्राविधिक सहायकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सभी कर्मी किसानों के साथ संवेदनशीलता और सम्मान से पेश आएं और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों और किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने में युवा अपनी ऊर्जा और तकनीकी दक्षता का उपयोग करें।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी नवनियुक्त सहायकों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उरई विकास प्राधिकरण की 31वीं बोर्ड बैठक सम्पन्न

*नई टाउनशिप के लिए भूमि दर का अनुमोदन, बनेगा जोनल प्लान*

*उरई (जालौन)।* मंडलायुक्त झांसी/अध्यक्ष उरई विकास प्राधिकरण विमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्राधिकरण की 31वीं बोर्ड बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में वर्चुअल माध्यम से सम्पन्न हुई।

बैठक में 30वीं बोर्ड बैठक के प्रस्तावों के अनुपालन की समीक्षा की गई और नए एजेंडा व अवस्थापना निधि से जुड़े प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।

*मुख्य फैसले -*

1.  *नई टाउनशिप:* मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत मौजा बडेरा एवं बड़ागांव में प्रस्तावित नई टाउनशिप के लिए आपसी सहमति से नियमानुसार भूमि क्रय हेतु भूमि दरों का अनुमोदन किया गया।

2.  *जोनल प्लान:* उरई महायोजना-2031 के तहत निर्धारित विकास क्षेत्र का जोनल प्लान बनाने के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दी। जोनल प्लान बनने से विभिन्न भू-उपयोग के तहत मानचित्र स्वीकृत होना आसान हो जाएगा।

3.  *शहर होगा रोशन:* शहर के विभिन्न स्थलों पर सड़क, इंटरलॉक और प्रकाश व्यवस्था (हाईमास्ट) से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।

बैठक में जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष राजेश कुमार पाण्डेय, सचिव परमानन्द यादव, सहयुक्त नियोजक स्मिता निगम, मुख्य लेखाधिकारी सहित बोर्ड सदस्य बृजभूषण सिंह मुन्नू, डॉ. अनिल यादव, दिलीप दुबे और प्राधिकरण के अभियंता व अन्य कर्मी मौजूद रहे।
*स्वामी ब्रह्मानन्द पुरस्कार 2026 से नवाजे गए असम के उत्तम टेरोन*

*ब्यूरो चीफ हमीरपुर*

*शिक्षा के क्षेत्र में असम के उत्तम टेरोन को मिलेगा स्वामी ब्रह्मानंद पुरूस्कार सम्मान*

*राठ (हमीरपुर)।* स्वामी ब्रह्मानन्द पुरस्कार समिति ने मंगलवार को वर्ष 2026 के पुरस्कार की घोषणा कर दी। यह पुरस्कार हर वर्ष स्वामी ब्रह्मानन्द जी के निर्वाण दिवस 13 सितम्बर को शिक्षा और गौ सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले को दिया जाता है। इस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में यह पुरस्कार *पारिजात अकादमी के संस्थापक उत्तम टेरोन, असम* को दिया जाएगा।

पुरस्कार समिति ने बताया कि पंजाबारी, गुवाहाटी निवासी प्राचुर्य बरूआ के प्रस्ताव पर शिक्षा में क्रांति लाने वाले उत्तम टेरोन का चयन किया गया है।

*2003 में 4 छात्रों से शुरू हुई यात्रा, आज 3000 बच्चों का भविष्य बदला*

उत्तम टेरोन की व्यक्तिगत पहल पर 2003 में पामोही में स्थापित पारिजात अकादमी ने केवल 4 छात्रों के साथ एक साधारण गौशाला में अपनी यात्रा शुरू की थी। पिछले दो दशकों में यह संस्था प्रतिवर्ष लगभग 500 सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित बच्चों को मुफ्त शिक्षा, आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन कौशल प्रशिक्षण दे रही है। अब तक लगभग 3000 वंचित बच्चों के जीवन पर अकादमी सकारात्मक प्रभाव डाल चुकी है।

अकादमी के अधिकांश विद्यार्थी गरभंगा आरक्षित वन के 15 से अधिक दूरस्थ गांवों से आते हैं, जो कार्बी, बोडो, गारो, खासी, नेपाली सहित कई स्वदेशी समुदायों के घर हैं। इन गांवों में बुनियादी ढांचे के अभाव को देखते हुए टेरोन ने वहां बालवाड़ी और प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए, ताकि बच्चे अपने ही समुदाय में शिक्षा शुरू कर सकें। बाद में उन्हें पामोही स्थित मुख्य परिसर में निःशुल्क छात्रावास सहित सभी सुविधाएं दी जाती हैं।

इस पहल का परिणाम यह रहा कि जिन बच्चों की शिक्षा तक पहुंच नहीं थी, वे आज उच्च शिक्षा प्राप्त कर सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर रहे हैं और देश-विदेश में सफल करियर बना रहे हैं।

उत्तम टेरोन को पूर्व में पूर्वी भारत महिला संघ सामाजिक सेवा पुरस्कार (2009), सीएनएन-आईबीएन हीरोज पुरस्कार (2011) और कर्मयोगी पुरस्कार (2017) मिल चुका है।

*अब तक इनको मिल चुका है सम्मान*

समिति के अनुसार इससे पहले शिक्षाविद् डॉ. अरुण प्रकाश, सुपर-30 के आनंद कुमार, संत हरवंश सिंह निर्मल जैसलमेर, रणजीत यादव (खाकी वाले गुरुजी), खान सर पटना, फिफ्टी विलेजर्स के संस्थापक डॉ. भरत सारण बाड़मेर को यह पुरस्कार मिल चुका है।

*पुरस्कार स्वरूप* उत्तम टेरोन को सनद के साथ 10 हजार रुपये नगद, स्वामी ब्रह्मानन्द जी की कांस्य प्रतिमा, कांस्य पदक और अंगवस्त्र प्रदान किया जाएगा।
नाबालिग को घर में अकेला देख घुसा युवक! छेड़छाड़ के प्रयास का आरोप, किशोरी ने चप्पलों से की पिटाई—पुलिस को सौंपा

जालौन के कोंच क्षेत्र के गांधी नगर इलाके में एक वायरल वीडियो के आधार पर मामला सामने आया है।
 वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक युवक नाबालिग किशोरी को घर में अकेला देखकर अंदर घुस गया और उसके साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि किशोरी ने हिम्मत दिखाते हुए युवक का विरोध किया और चप्पलों से उसकी पिटाई कर दी। 
इसके बाद मौके पर पुलिस को बुलाकर युवक को पुलिस के हवाले किए जाने की बात सामने आ रही है।

 महत्वपूर्ण: यह खबर फिलहाल वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों के आधार पर है।
 खबर लिखे जाने तक पुलिस या किसी संबंधित अधिकारी की ओर से मामले की आधिकारिक पुष्टि अथवा बयान जारी नहीं किया गया है।
 इसलिए वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अब बड़ा सवाल—वायरल वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है? पुलिस जांच में क्या सामने आएगा?

 आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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*स्वामी ब्रह्मानन्द पुरस्कार 2026 से नवाजे गए असम के उत्तम टेरोन

*शिक्षा के क्षेत्र में असम के उत्तम टेरोन को मिलेगा स्वामी ब्रह्मानंद पुरूस्कार सम्मान*

*राठ (हमीरपुर)।* स्वामी ब्रह्मानन्द पुरस्कार समिति ने मंगलवार को वर्ष 2026 के पुरस्कार की घोषणा कर दी। यह पुरस्कार हर वर्ष स्वामी ब्रह्मानन्द जी के निर्वाण दिवस 13 सितम्बर को शिक्षा और गौ सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले को दिया जाता है। इस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में यह पुरस्कार *पारिजात अकादमी के संस्थापक उत्तम टेरोन, असम* को दिया जाएगा।

पुरस्कार समिति ने बताया कि पंजाबारी, गुवाहाटी निवासी प्राचुर्य बरूआ के प्रस्ताव पर शिक्षा में क्रांति लाने वाले उत्तम टेरोन का चयन किया गया है।

*2003 में 4 छात्रों से शुरू हुई यात्रा, आज 3000 बच्चों का भविष्य बदला*

उत्तम टेरोन की व्यक्तिगत पहल पर 2003 में पामोही में स्थापित पारिजात अकादमी ने केवल 4 छात्रों के साथ एक साधारण गौशाला में अपनी यात्रा शुरू की थी। पिछले दो दशकों में यह संस्था प्रतिवर्ष लगभग 500 सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित बच्चों को मुफ्त शिक्षा, आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन कौशल प्रशिक्षण दे रही है। अब तक लगभग 3000 वंचित बच्चों के जीवन पर अकादमी सकारात्मक प्रभाव डाल चुकी है।

अकादमी के अधिकांश विद्यार्थी गरभंगा आरक्षित वन के 15 से अधिक दूरस्थ गांवों से आते हैं, जो कार्बी, बोडो, गारो, खासी, नेपाली सहित कई स्वदेशी समुदायों के घर हैं। इन गांवों में बुनियादी ढांचे के अभाव को देखते हुए टेरोन ने वहां बालवाड़ी और प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए, ताकि बच्चे अपने ही समुदाय में शिक्षा शुरू कर सकें। बाद में उन्हें पामोही स्थित मुख्य परिसर में निःशुल्क छात्रावास सहित सभी सुविधाएं दी जाती हैं।

इस पहल का परिणाम यह रहा कि जिन बच्चों की शिक्षा तक पहुंच नहीं थी, वे आज उच्च शिक्षा प्राप्त कर सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर रहे हैं और देश-विदेश में सफल करियर बना रहे हैं।

उत्तम टेरोन को पूर्व में पूर्वी भारत महिला संघ सामाजिक सेवा पुरस्कार (2009), सीएनएन-आईबीएन हीरोज पुरस्कार (2011) और कर्मयोगी पुरस्कार (2017) मिल चुका है।

*अब तक इनको मिल चुका है सम्मान*

समिति के अनुसार इससे पहले शिक्षाविद् डॉ. अरुण प्रकाश, सुपर-30 के आनंद कुमार, संत हरवंश सिंह निर्मल जैसलमेर, रणजीत यादव (खाकी वाले गुरुजी), खान सर पटना, फिफ्टी विलेजर्स के संस्थापक डॉ. भरत सारण बाड़मेर को यह पुरस्कार मिल चुका है।

*पुरस्कार स्वरूप* उत्तम टेरोन को सनद के साथ 10 हजार रुपये नगद, स्वामी ब्रह्मानन्द जी की कांस्य प्रतिमा, कांस्य पदक और अंगवस्त्र प्रदान किया जाएगा।
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हर पत्रकार को बिकाऊ साझे हो का, भ्रष्टाचारियों, जालौन जिले सेकड़ो फर्जी आय निवास लगा के आवास हथियाने वाले लोग जरा इंतजार करो अभी शुरू भी नहीं हुई कहानी 

आय बना ही नहीं लेकिन फर्जी प्रमाण पत्र से जालौन जिले में 500 आवास हथियाने की खबर सूत्रों से

परियोजना निदेशक जी निवेदन है आय प्रमाण पत्र ऑनलाइन पोर्टल पर चेक करके ही आवास जारी कीजियेगा , जांच के दायरे  आय निवास आवास वाले
अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के बलिदान दिवस पर उरई में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

*राम चन्द्र राजपूत जालौन*
​उरई (जालौन), 23 अगस्त 2026
​आज 23 अगस्त को 'लोधी क्षत्रिय एम्प्लॉईज़ एसोसिएशन, लक्ष्य इकाई उरई जालौन' के तत्वावधान में अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी का बलिदान दिवस श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। 

​कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम में शहीद गुलाब सिंह लोधी के अद्वितीय योगदान और वीरता को याद किया गया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वर्ष 1935 में चले 'झंडा सत्याग्रह' के समय उन्नाव जनपद के चन्द्रिका खेड़ा गाँव के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे वीर सपूत गुलाब सिंह लोधी ने लखनऊ के अमीनाबाद में सरकारी इमारत के पास एक पेड़ पर चढ़कर तिरंगा फहरा दिया था। यह दृश्य देखकर अंग्रेज अफसर ने उन पर गोली चलाने का आदेश दे दिया, जिसमें वे देश के लिए शहीद हो गए। झंडा सत्याग्रह में अपना बलिदान देने वाले इस महान व्यक्तित्व को नमन करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनका बलिदान देशवासियों के हृदय में हमेशा अमर रहेगा।
​इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से भगवान दास नेता जी, भगवत शरण, नीरज, मनोज, रणजीत सिंह, मलखान सिंह, सुशील राजपूत, लोकेश राजपूत जैसारी, राजेंद्र राजपूत, जुझार सिंह प्रधान, रवींद्र राजपूत, डॉ. प्रज्ञा राजपूत, यशा राजपूत, मंजू राजपूत (सभासद), कल्पना, इंदु राजपूत, राजकुमारी, गयाप्रसाद धमनी, नवल राजपूत, अमर सिंह लोधी, रामचंद्र और लक्ष्य स्वयंसेवक धर्मेंद्र राजपूत सहित कई लोग मौजूद रहे।
माधौगढ़ में 2027 की सियासी बाजी: कौन किसकी राह रोकेगा, किसे मिलेगा टिकट?

माधौगढ़। विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर माधौगढ़ की सियासत में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा, सपा और बसपा के संभावित चेहरों के बीच अब आजाद समाज पार्टी/भीम आर्मी की ओर से अजय योगा महाराज की संभावित दावेदारी की चर्चा ने चुनावी समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि, जब तक संबंधित दलों की ओर से आधिकारिक टिकट की घोषणा नहीं होती, इन नामों को संभावित दावेदारों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा के मूलचंद्र निरंजन ने 1,05,231 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। बसपा को 70,257 और सपा प्रत्याशी राघवेंद्र प्रताप सिंह को 63,035 वोट मिले थे। ऐसे में यदि 2027 में चार प्रमुख चेहरे मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला पिछले चुनाव की तुलना में और अधिक बहुकोणीय हो सकता है।

भाजपा के सामने जीत का सिलसिला कायम रखने की चुनौती

भाजपा की ओर से मूलचंद्र निरंजन का नाम प्रमुख चर्चाओं में है। लगातार चुनावी अनुभव और पिछले चुनाव में मिले मजबूत जनसमर्थन के चलते उनकी संभावित दावेदारी को अहम माना जा रहा है। हालांकि, 2027 में पार्टी किसे प्रत्याशी बनाएगी, इसका अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व को ही करना है।

यदि मूलचंद्र निरंजन को दोबारा टिकट मिलता है तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पिछले प्रदर्शन और जीत के अंतर को बरकरार रखने की होगी। साथ ही विपक्षी दलों के बीच संभावित वोट बंटवारे का समीकरण भी भाजपा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

सपा के सामने वापसी की चुनौती

सपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह पिछले विधानसभा चुनाव में 63 हजार से अधिक वोट हासिल कर चुके हैं। ऐसे में उनकी संभावित दावेदारी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, टिकट का अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा।

सपा यदि अपने पिछले वोट आधार को सुरक्षित रखने के साथ नए मतदाताओं को अपने पक्ष में जोड़ने में सफल रहती है तो वह मुकाबले को काफी कड़ा बना सकती है।

बसपा के सामने वोट आधार बचाने की चुनौती

बसपा की ओर से आशीष पांडे की संभावित उम्मीदवारी को लेकर भी चर्चा है। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पिछले चुनाव में मिले 70,257 वोटों के आधार को बनाए रखने की होगी।

यहीं आजाद समाज पार्टी की संभावित एंट्री बसपा के लिए अहम राजनीतिक चुनौती बन सकती है। यदि दोनों दलों के बीच समान सामाजिक आधार वाले मतदाताओं का प्रभावी विभाजन होता है तो इसका सीधा असर चुनावी गणित पर पड़ सकता है।
माधौगढ़ में 2027 की सियासी बाजी: कौन किसकी राह रोकेगा, किसे मिलेगा टिकट?

माधौगढ़। विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर माधौगढ़ की सियासत में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा, सपा और बसपा के संभावित चेहरों के बीच अब आजाद समाज पार्टी/भीम आर्मी की ओर से अजय योगा महाराज की संभावित दावेदारी की चर्चा ने चुनावी समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि, जब तक संबंधित दलों की ओर से आधिकारिक टिकट की घोषणा नहीं होती, इन नामों को संभावित दावेदारों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा के मूलचंद्र निरंजन ने 1,05,231 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। बसपा को 70,257 और सपा प्रत्याशी राघवेंद्र प्रताप सिंह को 63,035 वोट मिले थे। ऐसे में यदि 2027 में चार प्रमुख चेहरे मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला पिछले चुनाव की तुलना में और अधिक बहुकोणीय हो सकता है।

भाजपा के सामने जीत का सिलसिला कायम रखने की चुनौती

भाजपा की ओर से मूलचंद्र निरंजन का नाम प्रमुख चर्चाओं में है। लगातार चुनावी अनुभव और पिछले चुनाव में मिले मजबूत जनसमर्थन के चलते उनकी संभावित दावेदारी को अहम माना जा रहा है। हालांकि, 2027 में पार्टी किसे प्रत्याशी बनाएगी, इसका अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व को ही करना है।

यदि मूलचंद्र निरंजन को दोबारा टिकट मिलता है तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पिछले प्रदर्शन और जीत के अंतर को बरकरार रखने की होगी। साथ ही विपक्षी दलों के बीच संभावित वोट बंटवारे का समीकरण भी भाजपा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

सपा के सामने वापसी की चुनौती

सपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह पिछले विधानसभा चुनाव में 63 हजार से अधिक वोट हासिल कर चुके हैं। ऐसे में उनकी संभावित दावेदारी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, टिकट का अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा।

सपा यदि अपने पिछले वोट आधार को सुरक्षित रखने के साथ नए मतदाताओं को अपने पक्ष में जोड़ने में सफल रहती है तो वह मुकाबले को काफी कड़ा बना सकती है।

बसपा के सामने वोट आधार बचाने की चुनौती

बसपा की ओर से आशीष पांडे की संभावित उम्मीदवारी को लेकर भी चर्चा है। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पिछले चुनाव में मिले 70,257 वोटों के आधार को बनाए रखने की होगी।

यहीं आजाद समाज पार्टी की संभावित एंट्री बसपा के लिए अहम राजनीतिक चुनौती बन सकती है। यदि दोनों दलों के बीच समान सामाजिक आधार वाले मतदाताओं का प्रभावी विभाजन होता है तो इसका सीधा असर चुनावी गणित पर पड़ सकता है।

अजय योगा महाराज की एंट्री से कितना बदलेगा गणित?

यदि आजाद समाज पार्टी/भीम आर्मी अजय योगा महाराज को माधौगढ़ से टिकट देती है तो चुनाव में एक नया कोण जुड़ सकता है। उनके सामने अपनी व्यक्तिगत पहचान, संगठनात्मक नेटवर्क और मतदाताओं के बीच स्वीकार्यता को चुनावी वोट में बदलने की चुनौती होगी।

हालांकि, उनका वास्तविक प्रभाव कितना होगा, यह चुनावी मैदान में उतरने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। सबसे अहम सवाल यह रहेगा कि उनकी मौजूदगी किन राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों के पारंपरिक वोट आधार को प्रभावित करती है।

बसपा और आजाद समाज पार्टी के बीच वोटों की खींचतान?

यदि बसपा और आजाद समाज पार्टी दोनों मजबूत तरीके से चुनाव मैदान में उतरती हैं तो संभावित वोट बंटवारा मुकाबले की दिशा को प्रभावित कर सकता है। विपक्षी मतों के विभाजन की स्थिति भाजपा के लिए चुनावी तौर पर फायदेमंद हो सकती है।

इसके विपरीत, यदि किसी एक विपक्षी प्रत्याशी के पक्ष में मजबूत लामबंदी बनती है और वोटों का बिखराव सीमित रहता है तो भाजपा के सामने मुकाबला चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है।

कौन किसकी राह रोकेगा?

2027 में माधौगढ़ का मुकाबला केवल भाजपा बनाम सपा या भाजपा बनाम बसपा तक सीमित रहने के बजाय बहुकोणीय रूप ले सकता है।

भाजपा के सामने अपना मजबूत वोट आधार बनाए रखने की चुनौती होगी। सपा को पिछले प्रदर्शन से आगे बढ़ने के लिए अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे। बसपा को अपना पारंपरिक वोट आधार सुरक्षित रखना होगा, जबकि अजय योगा महाराज के सामने संभावित दावेदारी को प्रभावी चुनावी ताकत में बदलने की चुनौती होगी।

बाजी किसके हाथ?

फिलहाल किसी भी दल या प्रत्याशी को विजेता मानना जल्दबाजी होगी। टिकट वितरण, प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़, बूथ स्तर का संगठन, स्थानीय मुद्दे, जातीय-सामाजिक समीकरण और चुनाव के अंतिम दौर में बनने वाली राजनीतिक परिस्थितियां परिणाम पर निर्णायक असर डाल सकती हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या भाजपा अपना किला बचा पाएगी? क्या सपा वापसी करेगी? क्या बसपा फिर मुकाबले में मजबूती से लौटेगी? या फिर अजय योगा महाराज की संभावित एंट्री चुनावी गणित को नए सिरे से परिभाषित करेगी?

माधौगढ़ में 2027 की सियासी बाजी का असली खेल अभी बाकी है। टिकट की घोषणा से लेकर चुनावी मैदान में उतरने तक बदलते समीकरण ही तय करेंगे कि किसकी राह आसान होती है और किसके सामने सबसे बड़ी चुनौती खड़ी होती है।
छतरपुर जिले के लवकुशनगर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला ने चार हाथ और चार पैर वाले बच्चे को जन्म दिया। नवजात के जन्म की खबर फैलते ही अस्पताल में उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह मामला जुड़वां भ्रूण के अधूरे विकास से जुड़ा है। गर्भ में दो भ्रूण विकसित हो रहे थे, लेकिन चिकित्सीय जटिलता के कारण दूसरा भ्रूण पूरी तरह विकसित नहीं हो सका और उसके हाथ-पैर मुख्य बच्चे के शरीर से जुड़े रह गए। जन्म के समय बच्चे का वजन करीब 3 किलो बताया गया है। फिलहाल डॉक्टर नवजात की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अतिरिक्त अंगों को सर्जरी के जरिए अलग किया जा सकता है या नहीं, इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह ली जा रही है। बच्चे की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

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उरई के वार्ड नंबर 6 में जलभराव का जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी जालौन।

जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जलभराव और नहर की स्थिति का किया निरीक्षण।

डीएम ने नहर विभाग के अधिकारियों को जलभराव का पानी जल्द निकालने के दिए निर्देश।

डीएम ने कहा—पंपिंग सेट लगाकर जल्द से जल्द जलभराव का पानी निकाला जाए।

मौके पर तीन पंपिंग सेट लगाकर खेतों से आया पानी नहर में डाला जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान नहर के डायवर्ट होने और जगह-जगह कटाव के चलते नहर के ओवरफ्लो होने की जानकारी सामने आई।

खेतों का पानी नहर में आने से बढ़ी जलभराव की समस्या।

नहर के आसपास अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम ने अपर जिलाधिकारी को दिए निर्देश।

नहर को पक्का कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश।

डीएम ने अधिकारियों को जल्द जलभराव खत्म कर क्षेत्र की व्यवस्थाएं सुचारू कराने के निर्देश दिए।

मौके पर अपर जिलाधिकारी, नहर विभाग के अधिकारी और नगर पालिका ईओ रहे मौजूद।

जालौन के उरई नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 6 का मामला।
बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने चखा भोजन, परखी गुणवत्ता

बच्चों के साथ बैठकर जिलाधिकारी ने किया भोजन, परखी खाने की गुणवत्ता

जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जवाहर नवोदय विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी।
 निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर पढ़ाई, रहन-सहन और विद्यालय में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।

जिलाधिकारी अचानक विद्यालय की रसोई में पहुंचे और वहां साफ-सफाई से लेकर तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को बारीकी से परखा। 
इसके बाद उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी और प्रधानाचार्य के साथ बच्चों के बीच बैठकर भोजन किया।
 डीएम ने बच्चों से भोजन के स्वाद, गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया।

जिलाधिकारी के इस सहज अंदाज से छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। 
उन्होंने विद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

डीएम ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य की नींव हैं। 
उनकी शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित वातावरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
 उन्होंने विद्यालय प्रशासन को बच्चों की समस्याओं और सुझावों को प्राथमिकता से सुनकर उनके सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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उरई में गांधी चबूतरे पर आरक्षण हटाओ आंदोलन के तहत रविवार को अनशन किया गया। 

आंदोलनकारियों ने जातिगत आरक्षण की व्यापक समीक्षा कर इसे चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की दिशा में नीति बनाने की मांग उठाई। साथ ही UGC के वर्ष 2026 में जारी नए नियमों एवं विनियमों की पुनर्समीक्षा और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए कानूनी सुधार की मांग की गई। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी जाति या समुदाय का विरोध करना नहीं, बल्कि समान नागरिक अधिकार, योग्यता आधारित अवसर और कानून के समान अनुपालन की मांग करना है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल बुलाने तथा मांगों पर उच्चस्तरीय समिति गठित करने की अपील की।

V/O:- उरई के गांधी चबूतरे पर रविवार को आरक्षण हटाओ आंदोलन के तहत अनशन किया गया। आंदोलनकारियों ने जातिगत आरक्षण की व्यापक समीक्षा, UGC के नए नियमों की पुनर्समीक्षा और SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कानूनी सुधार की मांग की। आंदोलनकारियों का कहना है कि शिक्षा और रोजगार में अवसर तय करने में जाति के साथ आर्थिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियों और वास्तविक जरूरत को भी आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से वार्ता कर मांगों पर सार्थक पहल की अपील की और सकारात्मक कार्रवाई होने तक आंदोलन को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखने की बात कही।