सूरज की रोशनी बनी राधेश्याम की खेती की ताकत
कुसुम-बी योजना से मिला 3 हॉर्सपावर का सोलर पंप,
अब सिंचाई के लिए न बिजली की चिंता, न बिल का बोझ
खेती में सबसे बड़ी जरूरत पानी की होती है। बारिश अनिश्चित हो तो किसान की चिंता और बढ़ जाती है। खेत में कुआं होने के बावजूद यदि सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भर रहना पड़े, तो फसल की लागत और परेशानी दोनों बढ़ जाती हैं। बालाघाट जिले की खैरलांजी तहसील के ग्राम सावरी के किसान राधेश्याम पताहे भी लंबे समय तक ऐसी ही परिस्थितियों से जूझते रहे। लेकिन अब उनकी खेती की तस्वीर बदल गई है। प्रधानमंत्री कृषक मित्र कुसुम-बी योजना के माध्यम से खेत के कुएं में 3 हॉर्सपावर का सोलर पंप स्थापित होने के बाद राधेश्याम सिंचाई के मामले में आत्मनिर्भर बन गए हैं।
1 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Oct 8, 2026