पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि पर गूंजा संघर्ष का संदेश, हजारों बाइक सवारों ने गहलौर घाट की ओर भरी हुंकार
मानपुर से निकली विशाल मोटरसाइकिल रैली, मंत्री संतोष कुमार सुमन ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना; दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग फिर हुई बुलंद
गया: पर्वत पुरुष बाबा दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को दोपहर में गया शहर में संघर्ष, साहस और सामाजिक जागरण का संदेश गूंज उठा। मानपुर क्षेत्र स्थित गया जी पशु मेला मैदान से हजारों मोटरसाइकिल सवारों की विशाल रैली निकाली गई। रैली गहलौर घाट स्थित बाबा दशरथ मांझी के समाधि स्थल के लिए रवाना हुई, जहां पहुंचकर लोगों ने उनके समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
विशाल मोटरसाइकिल जुलूस को बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, जनप्रतिनिधि और समाज के लोग मौजूद रहे। रैली में शामिल लोगों में बाबा दशरथ मांझी के संघर्ष और उनके ऐतिहासिक योगदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
रैली को रवाना करने के बाद मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि पर्वत पुरुष दशरथ मांझी किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरी मानव जाति के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी ने अभाव और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प से पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर संघर्ष से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।
बिहार सरकार के मंत्री ने समाज के लोगों और खासकर युवाओं से दशरथ मांझी के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में मानसिक जागरण की जरूरत है। कठिनाइयां जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उनसे घबराने के बजाय अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित होकर आगे बढ़ना चाहिए। जिस तरह दशरथ मांझी ने छेनी और हथौड़ी के बल पर पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया, उसी तरह आज के युवाओं को भी शिक्षा, मेहनत और संघर्ष के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी ने सिर्फ पहाड़ नहीं काटा, बल्कि विकास का रास्ता बनाया। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। अभाव में रहकर भी उन्होंने जो असंभव दिखाई देने वाला काम संभव कर दिखाया, वह मानव इच्छाशक्ति की अद्भुत मिसाल है।
भारत रत्न देने की मांग को लेकर फिर मुखर हुए मंत्री
बाबा दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग को लेकर भी मंत्री संतोष कुमार सुमन ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति से मिलने के दौरान भी इस मांग को रखा गया था। उन्होंने बताया कि दशरथ मांझी को भारत रत्न दिलाने के लिए उनके साथियों की ओर से पैदल यात्रा तक की गई है और वे हर स्तर पर इस मांग को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। मंत्री ने कहा कि यदि दशरथ मांझी को भारत रत्न मिलता है तो इससे समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होगा। लोग उनके जीवन को देखकर कठिन परिस्थितियों में भी कुछ बड़ा करने का जज्बा हासिल करेंगे।
अशोक धाम की घटना पर जताया दुख
लखीसराय के अशोक धाम में हुई दर्दनाक घटना पर भी मंत्री संतोष कुमार सुमन ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि भीड़ वाले धार्मिक स्थलों पर अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से मृतकों और घायलों के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर अतरी विधायक रोमित कुमार, जिला अध्यक्ष टूटू खां, पूर्व जिला अध्यक्ष नारायण मांझी, नंदलाल मांझी, प्रफुल्ल मांझी, शंकर मांझी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रैली के दौरान पूरा माहौल बाबा दशरथ मांझी के संघर्ष और उनके विचारों से ओत-प्रोत रहा। हजारों बाइक सवारों की यह यात्रा केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास, सामाजिक जागरण और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने का संदेश भी देती नजर आई। गहलौर घाट की ओर बढ़ता यह काफिला एक बार फिर यह याद दिलाता रहा कि मजबूत इरादों के सामने पहाड़ जैसी मुश्किलें भी छोटी पड़ सकती हैं।
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