*संकटमोचन हनुमान मंदिर पर भक्तों का मन मोहा आकर्षक विद्युतचलित झांकियों ने*
*मंदिर पर फूलों से सजावट, हनुमानजी महाराज को चढ़ाया गया डायमंड का चोला*
*भगवान कृष्ण की झांकिया देखने उमड़ा जनसैलाब, गूंजते रहे जयकारे*
भीलवाड़ा :निलेश कांठेड़ ( वरिष्ठ पत्रकार ),4 सितम्बर। नगर निगम चौराहे से लेकर गोलप्याउ चौराहे तक जहां भी नजर पहुंचे दर्शनों के लिए कृष्ण भक्तों की लंबी-लंबी कतारे लगी हुई थी। सबको बस इन्तजार था भगवान के जीवन प्रसंगों से जुड़ी आकर्षक झांकियों के दर्शन हो जाए। हर तरफ भगवान के जयकारे गूंज रहे थे। कोई भी भक्त झांकियों के दर्शन से वंचित नहीं रहे इसके लिए महामंडलेश्वर बाबूगिरीजी महाराज घूम-घूमकर पूरी व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहे थे। ये नजारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर शुक्रवार रात भीलवाड़ा शहर में मुख्य डाकघर के पास स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर के बाहर दिखा। मंदिर पर झांकियों के दर्शन के लिए जनसैलाब इस कदर उमड़ा की रात 8 बजे बाद आधे किलोमीटर से भी अधिक लंबी कतारे लग गई। समय के साथ कतारे भी लंबी होती गई।
हरिशेवाधाम के महामंडलेश्वर हंसरामजी महाराज झांकियों के दर्शन के लिए संकटमोचन हनुमान मंदिर पहुंचे तो उनका स्वागत महामंडलेश्वर बाबू गिरी महाराज ने किया। भक्तों के लिए भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी आकर्षक झांकियां सजाने के साथ मंदिर पर फूलों से एवं रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक सजावट की गई थी। इस अवसर पर हनुमानजी महाराज को डायमंड का चोला चढ़ाया गया। मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी सांवरमल बंसल, महावीर अग्रवाल एवं रमेशचन्द्र बंसल ने बताया कि मध्यरात्रि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही जयकारों के बीच महन्त बाबूगिरीजी महाराज ने महाआरती की एवं भगवान लड्डु गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर पंजीरी व माखन-मिश्री का भोग लगाया गया। शाम को सूर्यास्त बाद आरती होते ही झांकियों के दर्शन शुरू हो गए। दर्शन शुरू होने से पूर्व ही भक्तों की लंबी कतारे लगने लगी थी। झांकियों में इस बार विशेष आकर्षण ‘‘महाभारत’’ के विभिन्न प्रसंगों की झलक दिखाने वाली झांकी रही। ‘‘कालियादेह नागलीला, गोवर्धन पर्वत को अंगुली पर उठाना, भगवान कृष्ण द्वारा माखन चोरी, राधा कृष्ण सखियों के संग रासलीला, कृष्ण के द्वार पर सुदामा का आगमन, राधा कृष्ण द्वारा बैलगाड़ी की सवारी, नौका विहार, हनुमानजी द्वारा लंका दहन, समुद्र मंथन, भगवान नृसिंह द्वारा हिरण्यकश्यप वध, बेल का वध, भगवान शिव, भक्तिमति मीरा, योगमाया जैसी करीब दो दर्जन विद्युतचलित झांकियों ने भक्तों का दिल जीत लिया। मंदिर परिसर में बाल कृष्ण के नौकायन से जुड़ी झांकियां भी भक्तों को आकर्षित करती रही। अधिकांश झांकिंया हवा में उड़ते हुई दिख रही थी जो भक्तों को आकर्षित कर रही थी। इन झांकियों को दिल्ली, आगरा, मथुरा आदि स्थानों से आए करीब 20 कारीगरों की टीम ने तैयार किया था। झांकियों के संग सेल्फी लेने के लिए भक्तों में होड़ रही। झांकियां देखने आए भक्तगण परिजनों व मित्रों के साथ झांकियों के समक्ष सेल्फी लेने में जुटे रहे।