प्रेस नोट
मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्तियों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
चम्बा, 21 अगस्त, 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्बा के तत्वावधान में तथा हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के निर्देशानुसार आज डी.सी.एम. गुरुकुल पब्लिक स्कूल, लाचोरी, जिला चम्बा में NALSA Scheme “Legal Services to Persons with Mental Illness and Persons with Intellectual Disabilities Scheme, 2024” के अंतर्गत एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में श्री नवीन सिंह ठाकुर, सहायक विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता (Assistant Legal Aid Defence Counsel), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्बा ने विद्यार्थियों को मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्तियों के अधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मानसिक बीमारी या बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्ति भी समाज के समान एवं सम्मानित सदस्य हैं और उन्हें सम्मान, गरिमा, समानता तथा अपने कानूनी अधिकारों की सुरक्षा प्राप्त है। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने तथा किसी भी व्यक्ति की मानसिक स्थिति अथवा दिव्यांगता के कारण उसका मज़ाक न उड़ाने एवं उसके साथ भेदभाव न करने के लिए प्रेरित किया।
श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों को भारत के संविधान के महत्वपूर्ण प्रावधानों, विशेष रूप से अनुच्छेद 12 से 52 के अंतर्गत निहित मौलिक अधिकारों एवं राज्य के नीति निदेशक तत्वों के बारे में भी जानकारी प्रदान की। उन्होंने अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार, अनुच्छेद 21 के तहत जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार, अनुच्छेद 32 के तहत संवैधानिक उपचारों के अधिकार तथा अनुच्छेद 39A के तहत समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डॉ. सोनाली गर्ग, अंजलि शर्मा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि श्री कादम्बरी भी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं मानसिक बीमारी से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्रदान की गई तथा विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील रहने के लिए प्रेरित किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरणों एवं स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना तथा मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्तियों को आवश्यक सहायता, सम्मान और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
श्री ठाकुर ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरणों का उद्देश्य समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना तथा पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क एवं प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे एक समावेशी, संवेदनशील, सम्मानजनक एवं भेदभाव-मुक्त समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता करने तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव, हिंसा अथवा दुर्व्यवहार की जानकारी जिम्मेदार व्यक्तियों एवं संबंधित प्राधिकरणों को देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सभी व्यक्तियों के साथ सम्मान एवं समानता का व्यवहार करने तथा मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील रहने का संकल्प लिया।
जारीकर्ता
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्बा
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Chamba, Chamba | Aug 21, 2026