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Chamba Valley News

@adhimachali73
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मामलों को आपसी सहमति से निपटाने का मौका

सर्वोच्च न्यायालय में समाधान समारोह 2026 के तहत लगाई जाएंगी विशेष लोक अदालतें

31 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन 

चम्बा, 13 जुलाई 

सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण चम्बा एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, एकांश कपिल ने बताया कि आम लोगों के लिए न्याय सुलभ बनाने के सर्वोच्च न्यायालय के प्रयासों की कड़ी में सर्वोच्च न्यायालय में समाधान समारोह 2026 का आयोजन शुभारंभ किया गया है। इस विशेष अभियान के दौरान विभिन्न मुकदमों का निपटारा आपसी सहमति संवाद और मध्यस्थता से किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि 21, 22 तथा 23 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय के परिसर में विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समाधान समारोह के तहत 21 अप्रैल 2026 से ही सुलह एवं मध्यस्थता बैठकों का आयोजन प्रारंभ हो चुका है। ये बैठकें राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरणों एवं समितियों के अंतर्गत स्थापित मध्यस्थता केंद्रों में आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी पक्षकारों के बीच सहमति बनाने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। पक्षकार इन बैठकों में व्यक्तिगत रूप से या वर्चुअल माध्यम से भी भाग ले सकते हैं। 
एकांश कपिल ने अधिवक्ताओं एवं सभी संबंधित पक्षकारों से आग्रह किया है कि वे इस विशेष अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और अपने मामलों के समाधान के लिए आगे आएं। उन्होंने बताया कि लंबित मामलों को समाधान समारोह, विशेष लोक अदालत 2026 में शामिल करने के लिए एक सरल गूगल फॉर्म तैयार किया गया है जो सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट https://www.sci.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक पक्षकार दिए गए लिंक https://forms.gle/pRWbif6wAPrcgMsZ8 के माध्यम से फॉर्म भरकर अपने मामले को इस विशेष लोक अदालत में शामिल करवा सकते हैं। गूगल फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए समाधान समारोह हेतु स्थापित वन स्टॉप सेंटर से संपर्क किया जा सकता है जिसके दूरभाष नंबर 011-23115652 तथा 011-23116464 हैं। इसके अतिरिक्त सीआरपी निदेशक से दूरभाष नंबर 011-23116465 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
📰 हिम दृष्टि न्यूज़
रिपोर्ट: ए. डी. हिमाचली, ब्यूरो चंबा (हि.प्र.)
जडेरा–साहो क्षेत्र में मिल्क प्लांट खोलने की उठी मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
चंबा, 13 जुलाई। जिला चंबा के जडेरा एवं साहो क्षेत्र के पशुपालकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकरबड्स  बी डी सी सदस्य नूर दीन नूरानी   स्थानीय निवासी अयूब पुत्र फत्ते मोहम्मद, ग्राम नेणहूई,डाकघर पलयूर, तहसील एवं जिला चंबा ने मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि जडेरा, साहो तथा आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गुर्जर एवं अन्य किसान दुग्ध उत्पादन का कार्य करते हैं। क्षेत्र में दूध की पर्याप्त मात्रा होने के बावजूद दूध की खरीद और विपणन की उचित व्यवस्था नहीं होने से पशुपालकों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई है कि जडेरा एवं साहो क्षेत्र में शीघ्र दुग्ध संग्रहण केंद्र (मिल्क प्लांट) स्थापित किया जाए, ताकि स्थानीय किसानों और पशुपालकों से नियमित रूप से दूध की खरीद सुनिश्चित हो सके। साथ ही संबंधित विभाग को आवश्यक सर्वेक्षण कर जल्द कार्रवाई करने के निर्देश देने का भी आग्रह किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि क्षेत्र में मिल्क प्लांट स्थापित किया जाता है तो इससे हजारों पशुपालक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, उनकी आय में वृद्धि होगी तथा दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की उम्मीद जताई है।
— हिम दृष्टि न्यूज़
रिपोर्ट: ए. डी. हिमाचली, ब्यूरो चंबा (हि.प्र.)
अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला-2026 के तहत सांस्कृतिक उप समिति की बैठक आयोजित

अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने की अध्यक्षता

कलाकारों के चयन को लेकर की गई चर्चा

चंबा, 13 जुलाई 

अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला-2026 की तैयारियों को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त एवं संयोजक सांस्कृतिक उप समिति अमित मैहरा की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के सभागार में समिति की बैठक का आयोजन किया गया। 
बैठक में सांस्कृतिक उप समिति के गैर सरकारी और सरकारी सदस्यों ने हिस्सा लिया । 
बैठक में मिंजर मेले के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न सांस्कृतिक संध्याओं तथा कलाकारों के चयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। 
अमित मैहरा ने कहा कि सांस्कृतिक उप समिति के सदस्य लोगों की रुचि के अनुरूप कलाकारों के चयन को लेकर एक सूची तैयार करें। 
बैठक में स्टेज लाइट एवं साउंड व्यवस्था, स्टेज आर्केस्ट्रा सहित स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में गैर सरकारी सदस्यों ने सांस्कृतिक संध्याओं एवं कलाकारों के चयन से संबंधित अपने सुझाव भी रखे । 
गौरतलब है कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला-2026 का आयोजन 26 जुलाई से 2 अगस्त तक किया जा रहा है।
जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह, ज़िला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा, गैर सरकारी सदस्य , जगदीश हांडा, संजीव सूरी, ललित भूषण, जीवन सालरिया , हेम ठाकुर, उमेश कुमार, नरेश राणा, कपिल भूषण, सहित सांस्कृतिक उप समिति के विभिन्न सदस्य बैठक में उपस्थित रहे।
चंबा में  ठेकेदारों की भुगतान राशि NH द्वारा न दिए जाने पर ठेकेदारों में भारी रोश और आज एक प्रतिनिधि मंडल उपायुक्त चंबा से मिला
📰 हिम दृष्टि न्यूज़
रिपोर्ट: ए. डी. हिमाचली, ब्यूरो चंबा
छात्र हितों को लेकर एबीवीपी ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
चंबा, 13 जुलाई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जिला चंबा ने सोमवार को प्रदेश सरकार से छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से सौंपा।
ज्ञापन में एबीवीपी ने मांग की है कि भलेई महाविद्यालय को बंद करने का निर्णय वापस लिया जाए, तेलका महाविद्यालय में बंद की गई बी.कॉम. कक्षाओं को पुनः शुरू किया जाए, तथा भरमौर महाविद्यालय में बी.एससी. की बंद कक्षाओं को बहाल किया जाए। इसके अलावा जिला चंबा के सभी महाविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को नियमित रूप से भरने की भी मांग उठाई गई है।
विद्यार्थी परिषद का कहना है कि इन मांगों का संबंध सीधे छात्रों के भविष्य और उच्च शिक्षा से है। संगठन ने प्रदेश सरकार से इन मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
एबीवीपी जिला चंबा के जिला संयोजक अंशु नेगी ने कहा कि यदि सरकार ने छात्र हितों से जुड़ी इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो संगठन व्यापक जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
एबीवीपी ने उम्मीद जताई है कि सरकार विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र उचित कदम उठाएगी।
<nis:link nis:type=tag nis:id=abvp nis:value=Abvp nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chamba nis:value=Chamba nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=himachal nis:value=himachal nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=pardesh nis:value=pardesh nis:enabled=true nis:link/> 
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आज चंबा बचत भवन में जनगणना से संबंधित बैठक का आयोजन
ग्राम पंचायत साहू की ग्राम सभा की तस्वीर
आज ग्राम पंचायत साहू (पधर ) में ग्राम सभा में पहुँचे थे BDC सदस्य नूरुद्दीन नूरानी क्या बोले सुनीये
प्रेस नोट 

<nis:link nis:type=tag nis:id=साढ़े nis:value=साढ़े nis:enabled=true nis:link/> तीन वर्षों का संघर्ष लाया ऐतिहासिक सफलता OPS बहाली के बाद कर्मचारियों की एक और बड़ी जीत*

*15 मई 2003 से पूर्व विज्ञापित पदों पर भर्ती कर्मचारियों को NPS से मिलेगी पूर्ण मुक्ति हिमाचल सरकार ने लागू की केंद्र की अधिसूचना* 

<nis:link nis:type=tag nis:id=ठाकुर nis:value=ठाकुर nis:enabled=true nis:link/> सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों को दी OPS के बाद दूसरी बड़ी सौगात*

<nis:link nis:type=tag nis:id=लंबे nis:value=लंबे nis:enabled=true nis:link/> संघर्ष के बाद मिली थी पुरानी पेंशन, अब लगातार साढ़े तीन वर्षों के संघर्ष के बाद NPS से पूर्ण मुक्ति का सपना भी हुआ साकार।"*
— सुनील जरियाल, राज्य अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश JBT बैच 2006-08

चंबा 12 जुलाई।
प्रदेश के हजारों कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित निर्णय लेते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने 9 जुलाई 2026 को वित्त (पेंशन) विभाग द्वारा कार्यालय ज्ञापन जारी कर 15 मई 2003 से पूर्व विज्ञापित/अधिसूचित पदों पर भर्ती कर्मचारियों को CCS (Pension) Rules, 1972 के अंतर्गत आने के लिए वन टाइम ऑप्शन (One Time Option) प्रदान कर दिया है। इस निर्णय के साथ ही वर्षों से NPS से मुक्ति की मांग कर रहे हजारों कर्मचारियों की उम्मीदों को नई दिशा मिली है।
इस ऐतिहासिक निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हिमाचल प्रदेश JBT बैच 2006-08 के राज्य अध्यक्ष सुनील जरियाल ने कहा कि यह निर्णय  उन हजारों कर्मचारियों के धैर्य, एकजुटता और लगातार किए गए संघर्ष की जीत है, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए वर्षों तक लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद रखी।

<nis:link nis:type=tag nis:id=जरियाल nis:value=जरियाल nis:enabled=true nis:link/> ने कहा कि अगस्त 2023 से JBT बैच 2006-08 ने इस विषय को प्रदेश स्तर पर प्रमुखता से उठाया। उस समय से लगातार यह मांग की जाती रही कि 15 मई 2003 से पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान विकल्प देकर NPS से बाहर किया जाए और उन्हें CCS (Pension) Rules, 1972 के अंतर्गत लाया जाए।
उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर दर्जनों ज्ञापन सरकार को सौंपे गए तथा बीसियों बार विभिन्न स्तरों पर बैठकें और मुलाकातें की गईं। इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी से शिमला में 6-7 बार विस्तृत चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त चंबा प्रवास के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह जी, आयुष मंत्री यादविंदर गोमा जी, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान जी, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री जी तथा माननीय विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया जी से भी कई अवसरों पर मुलाकात कर कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखा गया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार प्रयास किए गए। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं निदेशकों, शिक्षा सचिव राकेश कंवर जी तथा वित्त विभाग में विशेष सचिव (वित्त) सौरभ जस्सल जी से  की गई वार्ता में यह आग्रह किया गया कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पात्र कर्मचारियों को विकल्प (Option) देकर NPS से बाहर आने का अवसर प्रदान किया जाए।

सुनील जरियाल ने कहा कि यह लड़ाई केवल ज्ञापनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि लगातार फॉलोअप, विभागीय बैठकों, शिमला के अनेक दौरों और कर्मचारियों की एकजुट आवाज के कारण ही आज यह ऐतिहासिक निर्णय संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि "पुरानी पेंशन की बहाली के बाद यह कर्मचारियों के लिए दूसरा सबसे बड़ा निर्णय है, जिससे हजारों परिवारों का भविष्य सुरक्षित होगा।"
*उन्होंने प्रदेश सरकार, विशेष रूप से माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का इस कर्मचारी हितैषी निर्णय के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित और न्यायोचित मांग को स्वीकार कर सकारात्मक संदेश दिया है।*

जरियाल ने बताया कि इस अधिसूचना के अनुसार पात्र कर्मचारी 31 अक्टूबर 2026 तक अपना वन टाइम ऑप्शन भर सकेंगे। पात्र पाए जाने पर उन्हें CCS (Pension) Rules, 1972 के अंतर्गत लाया जाएगा तथा उनका NPS खाता बंद कर GPF के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।

*सुनील जरियाल का संदेश*

*"यह केवल एक अधिसूचना नहीं, बल्कि हजारों कर्मचारियों के विश्वास, धैर्य और साढ़े तीन वर्षों तक चले निरंतर संघर्ष की जीत है। हमारा संकल्प था कि 15 मई 2003 से पूर्व विज्ञापित पदों पर नियुक्त किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न हो। आज वह संकल्प साकार होता दिखाई दे रहा है*

<nis:link nis:type=tag nis:id=अंत nis:value=अंत nis:enabled=true nis:link/> में उन्होंने सभी पात्र कर्मचारियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना विकल्प पत्र भरने की अपील करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश JBT बैच 2006-08 भविष्य में भी कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष करता रहेगा।

सुनील जरियाल 
राज्य अध्यक्ष HP JBT बैच 
2006-08
Video 9
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"पेपर लीक से लेकर चंदे की चोरी तक, सत्ता का असली चेहरा अब जनता के सामने है!
पिछले कुछ वर्षों में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ (पेपर लीक) और अब आस्था के नाम पर चंदे में हेरफेर—यह कैसा शासन?
कांग्रेस के समय शोर मचाने वाले आज मौन क्यों हैं?
अब जनता और भगवान राम जी ही न्याय करेंगे!
पेपर लीक पर चुप्पी और चंदे में चोरी!
युवाओं के भविष्य और आस्था, दोनों का अपमान।
सत्ता का चाल, चरित्र और चेहरा अब साफ है।
अब न्याय प्रभु श्री राम करेंगे! 

नीट पेपर नीलामी को लेकर कांग्रेस पार्टी का जोरदार प्रदर्शन चम्बा बाजार में निकला मशाल जलूस और मांगा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
इस मौके पर अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी, प्रभारी युवा कांग्रेस अखिल अग्निहोत्री अध्यक्ष युवा कांग्रेस सोनाभ पठानिया, NSUI अध्यक्ष मुकेश शर्मा सहित छात्रों युवाओं व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया
<nis:link nis:type=tag nis:id=chamba nis:value=Chamba nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=himachal nis:value=himachal nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=pardesh nis:value=pardesh nis:enabled=true nis:link/>
ग्राम पंचायत पलयूर की ग्राम सभा हंगामेदार रही
नीट पेपर लीक को लेकर चंबा में जिला कांग्रेस का मशाल रैली निकाल कर प्रदर्शन
"पेपर लीक से लेकर चंदे की चोरी तक, सत्ता का असली चेहरा अब जनता के सामने है!
पिछले कुछ वर्षों में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ (पेपर लीक) और अब आस्था के नाम पर चंदे में हेरफेर—यह कैसा शासन?
कांग्रेस के समय शोर मचाने वाले आज मौन क्यों हैं?
अब जनता और भगवान राम जी ही न्याय करेंगे!
पेपर लीक पर चुप्पी और चंदे में चोरी!
युवाओं के भविष्य और आस्था, दोनों का अपमान।
सत्ता का चाल, चरित्र और चेहरा अब साफ है।
अब न्याय प्रभु श्री राम करेंगे! 

नीट पेपर नीलामी को लेकर कांग्रेस पार्टी का जोरदार प्रदर्शन चम्बा बाजार में निकला मशाल जलूस और मांगा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
इस मौके पर अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी, प्रभारी युवा कांग्रेस अखिल अग्निहोत्री अध्यक्ष युवा कांग्रेस सोनाभ पठानिया, NSUI अध्यक्ष मुकेश शर्मा सहित छात्रों युवाओं व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया
"कुर्सियों की जंग में उलझे नेता, शिक्षा और स्वास्थ्य को किसके भरोसे छोड़ दिया गया डलहौज़ी?"

भलेई कॉलेज पर संकट, स्कूलों के विलय से भविष्य पर प्रश्नचिह्न, सिविल अस्पताल डलहौज़ी से वरिष्ठ चिकित्सकों के तबादले पर सन्नाटा—लेकिन पूरी राजनीतिक ताकत बीडीसी और ज़िला परिषद की कुर्सियां जीतने में लगी : मनीष सरीन

सामाजिक कार्यकर्ता एवं वर्ष 2022 के डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनीष सरीन ने डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों को अब यह समझ आ गया है कि उनकी प्राथमिकताएं और नेताओं की प्राथमिकताएं बिल्कुल अलग हैं।
सरीन ने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार की युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) नीति के चलते अनेक विद्यालयों के विलय को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में लगातार चिंता बनी हुई है। दूसरी ओर राजकीय महाविद्यालय भलेई को बंद अथवा विलय किए जाने की आशंकाओं के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हुए। इसी बीच सिविल अस्पताल डलहौज़ी से दो वरिष्ठ चिकित्सकों के तबादले ने पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी। इन घटनाओं ने आम जनता में शिक्षा और स्वास्थ्य के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल पैदा किए हैं।
उन्होंने कहा कि स्वाभाविक रूप से जनता को उम्मीद थी कि क्षेत्र का पूरा राजनीतिक नेतृत्व दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर इन मुद्दों पर एकजुट होगा। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि जनता को यह संदेश मिल रहा है कि नेताओं की सबसे बड़ी प्राथमिकता बीडीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और ज़िला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनावों में राजनीतिक बढ़त हासिल करना है।
मनीष सरीन ने स्थानीय भाजपा विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि शिक्षा संस्थानों को बचाने और अस्पतालों में डॉक्टर बनाए रखने के लिए भी उतनी ही राजनीतिक सक्रियता दिखाई जाती, जितनी सत्ता के समीकरण साधने में दिखाई देती है, तो शायद आज विद्यार्थियों और मरीजों को अपने अधिकारों के लिए आवाज़ न उठानी पड़ती।
उन्होंने पूर्व कांग्रेस विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस क्षेत्र ने उन्हें शिक्षा विभाग का नेतृत्व करते देखा, उसी क्षेत्र में आज शिक्षा संस्थानों के भविष्य को लेकर लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। जनता यह पूछ रही है कि वर्षों की राजनीतिक पकड़ का लाभ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को आखिर कितना मिला?
सरीन ने व्यंग्य करते हुए कहा, "ऐसा लगता है कि डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र में नया प्रशासनिक सिद्धांत लागू हो गया है—स्कूलों का विलय हो जाए तो कोई राजनीतिक आपातकाल नहीं, कॉलेज संकट में आ जाए तो कोई बेचैनी नहीं, अस्पताल से वरिष्ठ डॉक्टर चले जाएं तो कोई सर्वदलीय बैठक नहीं; लेकिन बीडीसी और ज़िला परिषद की कुर्सियों का चुनाव हो तो पूरा राजनीतिक तंत्र दिन-रात सक्रिय हो जाता है।"
उन्होंने कहा कि जनता अब भाषण नहीं, नेतृत्व की प्राथमिकताओं का हिसाब देख रही है। यदि भलेई कॉलेज बचाने के लिए विद्यार्थी सड़क पर हों, स्कूलों को बचाने के लिए अभिभावक संघर्ष कर रहे हों और अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर लोग चिंतित हों, तो यह किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए आत्ममंथन का विषय होना चाहिए।
सरीन ने कहा कि सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह नहीं है कि शिक्षा और स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं; सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि इन मुद्दों पर राजनीतिक तत्परता उतनी दिखाई नहीं देती, जितनी सत्ता-संतुलन के चुनावों में दिखाई देती है। लोकतंत्र में राजनीतिक पद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे जनता की सेवा का माध्यम हैं, स्वयं लक्ष्य नहीं।
उन्होंने मांग की कि डलहौज़ी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों और महाविद्यालयों से जुड़े सभी निर्णयों की स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों के साथ समीक्षा की जाए, भलेई महाविद्यालय के भविष्य पर स्पष्ट नीति सार्वजनिक की जाए, सिविल अस्पताल डलहौज़ी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा शिक्षा और स्वास्थ्य को राजनीतिक प्राथमिकताओं में सर्वोच्च स्थान दिया जाए।
"डलहौज़ी की जनता अब यह नहीं पूछ रही कि बीडीसी और ज़िला परिषद की कुर्सी पर कौन बैठेगा; जनता यह पूछ रही है कि उसके बच्चे कहाँ पढ़ेंगे और उसके परिवार का इलाज कौन करेगा। जिस दिन राजनीति इस सवाल का जवाब देने लगेगी, उसी दिन जनता का विश्वास भी लौटेगा।"
Video 16
आज ग्राम पंचायत पलयूर ग्राम सभा में मौजूद रहे  बी डी सी सदस्य नूरदीन नुरानी ग्राम सभा में कई मुद्दों पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई देखिए क्या बोले नूरदीन नूरानी
ग्राम पंचायत पलयूर में लियाकत खान जिला परिषद उपाध्यक्ष जिला चंबा ग्राम सभा को संबोधित करते हुए
कार्यालय
ब्राह्मण प्रतिनिधि सभा, चंबा (हि.प्र.)

प्रेस विज्ञप्ति

आज ब्राह्मण प्रतिनिधि सभा, चंबा की मासिक बैठक का आयोजन सभा के प्रधान श्री अजितेश शर्मा की अध्यक्षता में जनसाली स्थित परशुराम भवन में संपन्न हुआ। बैठक का शुभारंभ पिछली मासिक बैठक की कार्यवाही एवं एजेंडा की पुष्टि के साथ किया गया।

बैठक में संगठन के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। निर्णय लिया गया कि सभा की गतिविधियों को ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए समय-समय पर ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। साथ ही हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड द्वारा नामित चंबा जिला के सदस्यों से भी आग्रह किया गया कि वे सभा की मासिक बैठकों में नियमित रूप से भाग लें तथा संगठन को और अधिक सशक्त एवं जनहितकारी बनाने में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भरमौर प्रशासन द्वारा आगामी पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान प्रस्तावित ग्रीन टैक्स (एंट्री टैक्स) श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं एवं जनहित के अनुरूप नहीं है। इस विषय पर सभा द्वारा एक ज्ञापन पारित कर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं परियोजना अधिकारी, जनजातीय विकास, भरमौर को प्रेषित किया गया, जिसमें इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है। ज्ञापन की प्रतिलिपि उपायुक्त, जिला चंबा को भी आवश्यक हस्तक्षेप एवं उचित कार्रवाई हेतु भेजी गई है।

बैठक में श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के बजन्तरियों एवं अन्य अस्थायी कर्मचारियों द्वारा जिला प्रशासन को प्रस्तुत मानदेय वृद्धि संबंधी मांग का भी समर्थन किया गया। सभा का मत था कि वर्तमान महंगाई के दौर में मात्र ₹1,500 प्रतिमाह के मानदेय पर किसी भी कर्मचारी के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन है। अतः जिला प्रशासन से आग्रह किया गया कि कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उन्हें सम्मानजनक मानदेय प्रदान किया जाए।

बैठक में श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर अनियमित ढंग से खड़े किए जाने वाले वाहनों तथा दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर सामान फैलाकर रखने की समस्या पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सभा ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से अनुरोध किया कि मंदिर परिसर के बाहर पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा दुकानदारों को निर्धारित सीमा के भीतर ही सामान रखने के निर्देश दिए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सभा ने यह भी चिंता व्यक्त की कि मंदिर के बाहर स्थित कुछ दुकानों पर अत्यधिक बड़े होर्डिंग एवं साइनबोर्ड लगाए जाने के कारण दूर से दिखाई देने वाले श्री गौरी शंकर भगवान के दिव्य दर्शन अब अवरुद्ध हो गए हैं। इस संबंध में स्थानीय नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी सभा से मिलकर अपनी चिंता व्यक्त की। सभा ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि धार्मिक आस्था एवं मंदिर की गरिमा को ध्यान में रखते हुए ऐसे होर्डिंग हटाने अथवा नियमानुसार व्यवस्थित कराने की कार्रवाई की जाए, ताकि श्रद्धालु पूर्व की भांति बिना किसी अवरोध के श्री गौरी शंकर भगवान के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकें।

बैठक में श्री अजितेश शर्मा, श्री विनय शर्मा, श्री मंगलेश शर्मा, श्री धर्मवीर वेद, श्री देवेंद्र कुमार, श्री सुरेश कश्मीरी, श्री हेमेन्द्र, श्री हरीश, श्री राजकुमार, श्री हिमांशु शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक विषयों  अपने विचार व्यक्त किए।

जारीकर्ता
ब्राह्मण प्रतिनिधि सभा, चंबा (हि.प्र.)
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