जमुई के सदर अस्पताल में हेपेटाइटिस पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही मचा हड़कंप, प्रसव कराने से चिकित्सक ने किया इनकार
सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जिले के एकमात्र सदर अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा व व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ाती दिख रही है। यहां गिद्धौऱ के महुली से नीरज कुमार की पत्नी सोनम कुमारी को प्रसव के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां जांच के बाद हेपेटाइटिस पाजिटिव आने के बाद महिला चिकित्सक ने खुद को गर्भवती से अलग कर लिया और पटना रेफर कर दिया। इसको लेकर परिजन ने आक्रोश जताना शुरू कर दिया और हंगामा भी किया गया। इसकी शिकायत शनिवार की देर रात एसडीओ सौरव कुमार को मिली। इसके बाद उपसमाहर्ता सह सदर अस्पताल के नोडल पदाधिकारी सावन कुमार के साथ एसडीओ सदर अस्पताल पहुंच गए। और शनिवार व रविवार की मध्य रात्रि 12:30 बजे तक स्थिति का जायजा लेते रहे।
इस दौरान उन्होंने सर्वप्रथम इमरजेंसी कक्ष में मौजूद चिकित्सक से स्वास्थ्य संबंधित आवश्यक जानकारी ली और मौजूद रजिस्टर को भी खंगाला। इसके बाद वे प्रसव कक्ष पहुंचे, जहां गर्भवती के स्वजन से मामले की विस्तार पूर्वक जानकारी ली और मौजूद महिला चिकित्सक डा. शालिनी से भी गर्भवती की हालात से अवगत हुए। काफी देर तक एसडीओ की महिला चिकित्सक व मरीज के स्वजन से बातें हुईं। अंत में परिणाम यही निकला की महिला चिकित्सक डाक्टर शालिनी ने सुरक्षा व्यवस्था वह संसाधनों के अभाव का हवाला देते हुए हेपेटाइटिस पाजिटिव गर्भवती को पटना रेफर कर दिया गया।
इसके बाद एसडीओ द्वारा गर्भवती के स्वजन को समझा- बुझाकर एंबुलेंस के माध्यम से पीएमसीएच पटना भेजा गया, जहां पहुंचते ही रविवार की अहले सुबह गर्भवती का नार्मल प्रसव कराया गया और फिलहाल जच्चा- बच्चा सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
विडंबना देखिए कि इतने बड़े सदर अस्पताल की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर सवाल खड़ी कर रही है। यहां गर्भवती को सिजेरियन के लिए सभी प्रकार की तैयारी कर ली गई। यहां तक की स्पाइनल भी दे दिया गया था। यह दिगर बात है कि दूसरी बार रिपोर्ट हेपेटाइटिस पाजिटिव आने के बाद उसे छोड़ दिया गया यानि सिजेरियन नहीं किया गया और पटना रेफर कर दिया गया, लेकिन गर्भवती जब पीएमसीएच पटना पहुंची तो वहां तुरंत ही नार्मल प्रसव हो गया, जो सदर अस्पताल के स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ी कर रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि वही लैब जो कुछ देर पहले रिपोर्ट निगेटिव दिया था और अब वही लैब पॉजिटिब कैसे बता दिया।
इस संबंध में एसडीओ सौरव कुमार ने बताया कि शिकायत के मुताबिक वरीय उप समाहर्ता सावन कुमार के साथ सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष में मरीज के स्वजन से पूछताछ की गई और मौजूद महिला चिकित्सक से भी मामले की जानकारी ली गई। मरीज हेपेटाइटिस पाजिटिव होने की वजह से यहां सुरक्षा और संसाधन के आभाव में चिकित्सक द्वारा रेफर करने की बातें सामने आई हैं। गर्भवती की स्थिति सामान्य रहने के बाद उसे फौरन सदर अस्पताल से सुरक्षित पीएमसीएच भेजा गया है। इसके अलावा इमरजेंसी का भी जायजा लिया गया है। साथ ही अन्य मरीजों की समस्या को देखकर आवश्यक सलाह व कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। सदर अस्पताल की मूलभूत सुविधाएं व आवश्यक संसाधनों की कमी को भी दूर करने के लिए संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों से बात की जाएगी, ताकि व्यवस्था व सुविधा के आभाव में मरीजों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना करना न पड़े।
वहीं प्रसव कक्ष में ड्यूटी पर तैनात डा. शालिनी ने बताया कि गर्भवती हेपेटाइटिस पाजिटिव मरीज थी, मेरे ड्यूटी से पहले ही वह आई थी। लैब से जांच रिपोर्ट आया तो उसमें निगेटिव था तो सिजेरियन की सारी तैयारी कर ली गई थी। स्पाइनल भी दे दिया गया था, लेकिन कुछ ही देर के बाद रिपोर्ट आया था कि निगेटिव नहीं पाजीटिव है तो सिजेरियन के कार्य को रोक दिया गया। चूंकि यहां हेपेटाइटिस के लिए आइसोलेशन वार्ड नहीं है और सर्जन भी नहीं हैं। इसमें बहुत तेज रसक्तस्राव होता है तो ऐसे में यहां सिजेरियन करना संभव नहीं था जिस वजह से रेफर करना पड़ा।
सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉक्टर थनीष कुमार ने कहा कि हेपेटाइटिस पाजिटिव मरीज के प्रसव के लिए संसाधन उपलब्ध नहीं रहने की वजह से चिकित्सक द्वारा रेफर किया गया था। फिलहाल यहां एक भी सर्जन नहीं हैं। डा. नागेंद्र कुमार निलंबित चल रहे हैं तो डा. एजाज अहमद लंबी छुट्टी पर हैं, जबकि मृत्युंजय कुमार का हाल ही तबादला हो चुका है। पटना में उक्त गर्भवती का नार्मल प्रसव कैसे हुआ है यह जानकारी मुझे नहीं है। इस मामले में जो भी कमियां सामने आई हैं उसे जल्द ही दूर करने के लिए वरीय पदाधिकारी को सूचना दी जाएगी। #jamuitopnews #jamuibihar #jamuiPolice #zilaprashasan #sdojamui #viralpost #viral #viralreelsシ #HealthDepartmentBihar
Jamui, Jamui | Aug 31, 2026