#बालाघाट
राजा भोज कृषि महाविद्यालय में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने अनुसंधान परियोजनाओं का किया निरीक्षण
IRRI फिलीपींस के वैज्ञानिक सहित विशेषज्ञ दल ने चावल, दलहन एवं मशरूम अनुसंधान कार्यों का लिया जायजा
राजा भोज कृषि महाविद्यालय, बालाघाट में मंगलवार को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों का वैज्ञानिक भ्रमण एवं अनुसंधान परियोजनाओं के निरीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के निदेशालय अनुसंधान सेवाएं के निदेशक डॉ. ए.के. जैन के नेतृत्व में पहुंचे वैज्ञानिक दल ने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं, प्रक्षेत्रों, प्रयोगशालाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया।
वैज्ञानिक दल में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI), फिलीपींस के वैज्ञानिक डॉ. जौहर अली, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. आशीष गुप्ता एवं डॉ. शिवरामकृष्णन शामिल रहे। संपूर्ण भ्रमण का आयोजन एवं समन्वय महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. घनश्याम देशमुख के मार्गदर्शन में किया गया।
चावल और दलहन अनुसंधान प्रक्षेत्रों का अवलोकन
वैज्ञानिक दल ने महाविद्यालय के विभिन्न प्रक्षेत्रों में संचालित अनुसंधान गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. उत्तम बिसेन द्वारा संचालित चावल अनुसंधान प्रक्षेत्र में पहुंचकर वैज्ञानिकों ने चावल की फसल में किए जा रहे अनुसंधान एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों की जानकारी ली। फसल विविधीकरण और नवीन कृषि तकनीकों पर भी वैज्ञानिकों ने चर्चा की।
इसके बाद डॉ. प्रतिभा बिसेन, डॉ. अतुल श्रीवास्तव एवं डॉ. राजू पांसे द्वारा संचालित विभिन्न दलहनी फसलों के अनुसंधान प्रक्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। वैज्ञानिकों ने दलहनी फसलों में किए जा रहे अनुसंधान, जर्मप्लाज्म संरक्षण, फसल विविधीकरण एवं उत्पादन संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
मशरूम उत्पादन इकाई भी देखी
वैज्ञानिक दल ने डॉ. श्रद्धा करचो एवं डॉ. रमेश अमूले द्वारा संचालित मशरूम उत्पादन इकाई का भी निरीक्षण किया। यहां मशरूम उत्पादन तथा प्रशिक्षण के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी ली गई। वैज्ञानिकों ने अनुसंधान को व्यावहारिक कृषि, स्वरोजगार तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास से जोड़ने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का किया निरीक्षण
भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों ने महाविद्यालय के संग्रहालय, प्रयोगशालाओं, कक्षाओं एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने उपलब्ध आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों के लिए संचालित शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कृषि अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिकों से हुए संवाद को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताया।
छात्रावास की आवश्यकता पर भी हुई चर्चा
भ्रमण के दौरान महाविद्यालय में छात्राओं के लिए नवीन छात्रावास की आवश्यकता एवं मांग को लेकर भी चर्चा हुई। वैज्ञानिक दल को छात्राओं के लिए छात्रावास सुविधा की आवश्यकता से अवगत कराया गया तथा इस दिशा में उपलब्ध संभावनाओं एवं आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श किया गया।
इसके साथ ही वैज्ञानिक दल ने महाविद्यालय परिसर में नवनिर्मित आवासीय क्वार्टर्स का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अनुसंधान गतिविधियों की सराहना
वैज्ञानिक दल ने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान गतिविधियों और परियोजनाओं का अवलोकन करते हुए उनकी सराहना की। अधिष्ठाता डॉ. घनश्याम देशमुख के मार्गदर्शन में शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रायोगिक गतिविधियों के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की गई।
इस दौरान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समन्वय के माध्यम से अनुसंधान गतिविधियों को और सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में डॉ. विक्रम गौड़, डॉ. सुरेंद्र राय, डॉ. ऋषिकेश ठाकुर सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वैज्ञानिकों के भ्रमण से विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और नवीनतम कृषि अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
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