1. देव आस्था और लोकसंस्कृति के संगम से गूंजा पांगी, तीन दिवसीय फूलयात्रा मेले का विधिवत आगाज
पांगी
हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा की जनजातीय पांगी घाटी में मनाया जाने वाला फूलयात्रा मेला यहां की प्राचीन परंपराओं, देव आस्था और समृद्ध लोकसंस्कृति का प्रतीक है। यह मेला आमतौर पर अक्टूबर महीने में पांगी के मुख्यालय किलाड़ में आयोजित किया जाता है। सर्दियों के आगमन और खेती-बाड़ी के प्रमुख कार्य पूरे होने के समय मनाए जाने वाले इस उत्सव का उद्देश्य देवी-देवताओं के प्रति आस्था प्रकट करना, सुख-समृद्धि की कामना करना और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाना है।
मेले के दौरान पारंपरिक देव पूजा, रथयात्रा, लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होते हैं। स्थानीय लोग पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेते हैं और पंगवाली संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हैं। विभिन्न प्रजामंडलों की सहभागिता इस उत्सव को विशेष पहचान देती है। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां मेले की रौनक बढ़ाती हैं।
फूलयात्रा मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पांगी की ऐतिहासिक विरासत, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को संजोने वाला उत्सव है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही परंपराओं को जीवंत बनाए हुए है। #Cultura #panginabuhi101 #viralreelschallenge #viralpost vedio