माइनस 5 डिग्री में भी जमीन पर बैठकर लोगों से मिले CM सुक्खू, गोद में सो गई नन्ही बच्ची; स्पीति में सादगी की चर्चा
रंगरिक में रात्रि प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री का सहज अंदाज आया नजर, कड़ाके की ठंड के बीच डेढ़ घंटे तक स्थानीय लोगों से किया आत्मीय संवाद
हिमाचल 84 टीवी ब्यूरो स्पीति, 15 अक्टूबर।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति घाटी के रंगरिक में रात्रि प्रवास के दौरान स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय संवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। माइनस 5 डिग्री सेल्सियस तापमान और कड़ाके की ठंड के बीच मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के लोगों के बीच जमीन पर बैठकर बातचीत की। इस दौरान एक छोटी बच्ची का मुख्यमंत्री की गोद में ही सो जाना वहां मौजूद लोगों के लिए खास पल बन गया।
जानकारी के अनुसार, रात करीब नौ बजे मुख्यमंत्री जब स्थानीय लोगों से मिलने पहुंचे, तो बड़ी संख्या में लोग उनसे संवाद करने के लिए एकत्रित हुए। मुख्यमंत्री ने सहज अंदाज में लोगों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं और उनके साथ समय बिताया। ठंड के बावजूद स्थानीय लोग करीब डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री के साथ बैठे रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री स्थानीय वेशभूषा में आयोजित पारंपरिक नृत्य में भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री की गोद में सो गई मासूम, भावुक पल ने खींचा ध्यान
लोगों से बातचीत के दौरान एक छोटी बच्ची मुख्यमंत्री के पास आई और उनकी गोद में बैठ गई। कुछ ही देर बाद बच्ची उनकी गोद में ही सो गई। मुख्यमंत्री ने उसे सहजता से गोद में सुलाए रखा। बच्ची के जागने पर उन्होंने उसे उसकी माता को सौंप दिया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
स्थानीय लोगों ने बताया आत्मीय व्यवहार
स्थानीय निवासी पद्मा ने मुख्यमंत्री के व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके आने पर किसी तरह का औपचारिक माहौल या तामझाम महसूस नहीं हुआ। ऐसा लगा, मानो परिवार का ही कोई सदस्य मिलने आया हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का जनजातीय क्षेत्र के लोगों के साथ विशेष जुड़ाव रहा है।
पद्मा ने यह भी याद दिलाया कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद पहला राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह मनाने के लिए भी मुख्यमंत्री स्पीति घाटी पहुंचे थे।
रंगरिक में मुख्यमंत्री का जमीन पर बैठकर लोगों से बातचीत करना, उनकी बातें सुनना और पारंपरिक नृत्य में शामिल होना इस दौरे के प्रमुख आकर्षण रहे। माइनस 5 डिग्री तापमान के बीच हुई इस मुलाकात ने स्पीति घाटी में मुख्यमंत्री के संवाद के अंदाज को चर्चा में ला दिया।