ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों का एक दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण संपन्न
जल संरक्षण, पौधारोपण, जैविक खेती, सर्पदंश से बचाव एवं समितियों के दस्तावेजीकरण पर दी गई जानकारी
=================================
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला छिंदवाड़ा के विकासखंड बिछुआ अंतर्गत सेक्टर क्रमांक 03 खमारपानी में नवांकुर संस्था ज्ञान मल्टीपरपस वेलफेयर सोसायटी डोकलीकला के माध्यम से ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों का एक दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक श्री दीपक गेडाम उपस्थित थे। साथ ही परामर्शदाता श्री विशाल बघेले एवं नवांकुर संस्था ज्ञान मल्टीपरपस वेलफेयर सोसायटी डोकलीकला के सचिव श्री भजन लाल वर्मा की उपस्थिति रही। प्रशिक्षण में नवांकुर संस्था के प्रतिनिधियों, परामर्शदाताओं, बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राओं तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्यों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण के दौरान समितियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, पदाधिकारियों को उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करने तथा जनभागीदारी के माध्यम से ग्राम विकास की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया। समितियों की कार्यप्रणाली, कार्ययोजना निर्माण, आपसी समन्वय एवं सामुदायिक सहभागिता के महत्व की जानकारी भी दी गई।
मुख्य अतिथि श्री दीपक गेडाम ने कहा कि ग्राम विकास में प्रस्फुटन समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समितियों के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्य आपसी सहयोग से गांव की आवश्यकताओं को पहचानें तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं।
परामर्शदाता श्री विशाल बघेले ने समितियों को दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बैठक रजिस्टर, उपस्थिति पंजी, कार्यवाही विवरण, प्रस्ताव, कार्ययोजना एवं गतिविधियों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित करने के बारे में बताया। उन्होंने समितियों को अपने कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा नियमित रूप से गतिविधियों का विवरण तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
नवांकुर संस्था के सचिव श्री भजन लाल वर्मा ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की सुरक्षा, जल का उचित उपयोग तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित सदस्यों से अपने-अपने गांवों में जल संरक्षण संबंधी गतिविधियां संचालित करने का आह्वान किया।
आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह से जुड़ी माया दीदी ने पौधारोपण एवं पौधों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने की बात कही।
प्रशिक्षण में सर्प मित्र श्री दुर्गेश सोनी ने सर्पदंश की घटनाओं से बचाव एवं सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सर्पदंश की घटना होने पर प्रभावित व्यक्ति को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर आवश्यक उपचार एवं एंटी-स्नेक वेनम वैक्सीन उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने किसानों को रात्रि में सिंचाई के दौरान टॉर्च एवं बड़े जूतों का उपयोग करने की सलाह दी, ताकि सर्पदंश की घटनाओं से बचाव किया जा सके। इसके साथ ही जैविक खेती के महत्व, जैविक खाद तैयार करने की विधि, गोबर खाद एवं कम्पोस्ट खाद के उपयोग तथा कृषि अपशिष्ट के सदुपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। जैविक खेती के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने एवं पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राओं को ग्रामीण विकास, सामाजिक सहभागिता, समुदाय के साथ कार्य करने की प्रक्रिया तथा ग्राम स्तर पर संचालित विकास गतिविधियों को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने प्रस्फुटन समितियों के कार्यों एवं ग्रामीण विकास में उनकी भूमिका के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
#procwa #छिन्दवाड़ा
#JansamparkMP
Jansampark Madhya Pradesh
Chhindwara, Madhya Pradesh | Oct 30, 2026