#बालाघाट
एपीसी ने कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य एवं पशुपालन विभागों की समीक्षा की
खरीफ फसलों के उत्पादन बढ़ाने एवं विभागीय योजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश
कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) श्री के.सी. गुप्ता ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों, किसानों को उर्वरक उपलब्धता, मत्स्य उत्पादन, पशुपालन योजनाओं एवं विभागीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बालाघाट जिला मुख्यालय से आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर श्री मृणाल मीना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री क्षितिज कराड़े, सहायक संचालक मत्स्य सुश्री पूजा रोगड़े, कॉपरेटिव बैंक के सीईओ श्री अभिनव सिंह बघेल तथा उप संचालक पशुपालन डॉ. घनश्याम परते उपस्थित रहे। इसके अलावा जबलपुर एवं सागर संभाग के कलेक्टर एवं संभागायुक्त भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त श्री गुप्ता ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को समय पर और आवश्यकता अनुसार खाद प्राप्त हो सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि यदि कोई किसान अतिरिक्त उर्वरक की मांग करता है तो उसे रोकने के बजाय उसकी आवश्यकता का कारण जानकर उचित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
श्री गुप्ता ने जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किसानों को सोयाबीन जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे धान आधारित खेती के क्षेत्रफल में संतुलन आएगा तथा जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने मत्स्य अधिकारियों को मछली उत्पादन गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मत्स्य उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है और बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करना चाहते हैं। ऐसे में पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं की जानकारी एवं लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभिन्न जिलों में संचालित केज कल्चर परियोजनाओं की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान श्री गुप्ता ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लक्ष्यों की शीघ्र पूर्ति के निर्देश दिए। कुछ जिलों में लखपति गौपालक दीदी योजना एवं क्षीरधारा ग्राम योजना की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को इन योजनाओं पर विशेष ध्यान देने और परिणामोन्मुखी कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए तथा विभागीय गतिविधियों में तेजी लाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि खरीफ सीजन प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है l वहीं सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें।
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13 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 22, 2026