जालौन से बड़ी खबर
श्मशान घाट बना ‘मौत का मैदान’! 40°C की आग में अंतिम संस्कार, बुजुर्ग बेहाल — प्रशासन बेखबर?
कदौरा (जालौन) के ग्राम महमूद नगर डाले का पुरवा में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां एक तरफ अंतिम संस्कार जैसा संवेदनशील कार्य, वहीं दूसरी तरफ 40 डिग्री की भीषण गर्मी में बिना टीनशेड, बिना पानी और बिना किसी सुविधा के लोगों को झुलसने के लिए छोड़ दिया गया।
शनिवार को मिश्रीलाल शर्मा के अंतिम संस्कार के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि कई बुजुर्गों को चक्कर आने लगे, महिलाएं बेहोशी की कगार पर पहुंच गईं — और जिम्मेदार सिस्टम कहीं नजर नहीं आया!
बड़े सवाल जो प्रशासन से जवाब मांगते हैं:
क्या श्मशान घाट में छाया और पानी जैसी बुनियादी सुविधा देना भी सरकार के बस में नहीं?
क्या किसी की जान जाने के बाद ही अधिकारी जागेंगे?
मधुमक्खी हमले के बाद भी क्यों नहीं हुई स्थायी व्यवस्था?
क्या कागजों में ही विकास हो रहा है?
ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला प्रशासन आखिर कर क्या रहा है?
क्या बुजुर्गों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं?
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा:
हर बार सिर्फ आश्वासन, जमीनी काम शून्य!
श्मशान घाट नहीं, यह खतरे का अड्डा बन चुका है!
अबकी बार आंदोलन होगा, चुप नहीं बैठेंगे!
जिम्मेदार कौन? (सीधे सवाल)
ग्राम प्रधान
सचिव, ग्राम पंचायत
खंड विकास अधिकारी (BDO) कदौरा
उपजिलाधिकारी (SDM)
जिलाधिकारी जालौन
पंचायतीराज विभाग
ग्रामीण विकास विभाग
जहां अंतिम यात्रा में शामिल लोग खुद ‘मरीज’ बन जाएं।
जहां बुजुर्गों को छांव के लिए पेड़ों का सहारा लेना पड़े।
वहां विकास नहीं, लापरवाही का राज है!
चेतावनी: ग्रामीणों ने साफ कहा — अगर जल्द टीनशेड, पानी, बैठने और सुरक्षा की व्यवस्था नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा!
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Kalpi, Jalaun | Jun 7, 2026