Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
Gujarat
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Bhopal
सपा
Uttarpradesh
Haryana
No video available

#ग्राम मुड़की में हर घर तिरंगा यात्रा निकाली गयी और लोगों को जागरूक किया गया#

Dindori, Dindori | Aug 14, 2022

MORE NEWS

डिंडौरी का ऋण मुक्तेश्वर महादेव: जहां आस्था के साथ जुड़ी है ऋणमुक्ति की अनूठी मान्यता

कुकर्रामठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, वफादार कुत्ते की लोककथा आज भी सुनाई जाती है

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर ग्राम कुकर्रामठ में स्थित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोकविश्वास का अद्भुत संगम है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव काल से माना जाता है, जबकि वर्तमान में इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन किया जा रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।

मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान ऋण मुक्तेश्वर आर्थिक संकट और ऋण संबंधी परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के चलते महाकौशल अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं।

इस मंदिर की पहचान उससे जुड़ी एक मार्मिक लोककथा से भी है। मान्यता है कि एक व्यापारी ने कर्ज के बदले अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में उसी कुत्ते ने चोरी गए सामान का पता लगाकर साहूकार की संपत्ति वापस दिला दी। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर साहूकार ने व्यापारी का पूरा ऋण माफ कर दिया और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से भेजी। लेकिन व्यापारी ने बिना सच्चाई जाने अपने प्रिय कुत्ते की हत्या कर दी। जब उसे अपनी भूल का पता चला तो पश्चाताप स्वरूप उसने भगवान शिव की आराधना कर इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से भगवान शिव यहां ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से पूजे जाने लगे।

सावन के पवित्र महीने में मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और ऋणमुक्त जीवन की कामना करते हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोककथाओं का यह संगम कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को डिंडौरी ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है।

#RinMukteshwarMahadev #Kukarramath #Dindori #HarHarMahadev #Sawan2026 #Mahadev #ShivTemple #MadhyaPradesh #ReligiousTourism #SpiritualIndia #Mahakaushal #Faith #TempleStory #HindiNews #Halchal24News Part 4

डिंडौरी का ऋण मुक्तेश्वर महादेव: जहां आस्था के साथ जुड़ी है ऋणमुक्ति की अनूठी मान्यता कुकर्रामठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, वफादार कुत्ते की लोककथा आज भी सुनाई जाती है मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर ग्राम कुकर्रामठ में स्थित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोकविश्वास का अद्भुत संगम है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव काल से माना जाता है, जबकि वर्तमान में इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन किया जा रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान ऋण मुक्तेश्वर आर्थिक संकट और ऋण संबंधी परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के चलते महाकौशल अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं। इस मंदिर की पहचान उससे जुड़ी एक मार्मिक लोककथा से भी है। मान्यता है कि एक व्यापारी ने कर्ज के बदले अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में उसी कुत्ते ने चोरी गए सामान का पता लगाकर साहूकार की संपत्ति वापस दिला दी। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर साहूकार ने व्यापारी का पूरा ऋण माफ कर दिया और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से भेजी। लेकिन व्यापारी ने बिना सच्चाई जाने अपने प्रिय कुत्ते की हत्या कर दी। जब उसे अपनी भूल का पता चला तो पश्चाताप स्वरूप उसने भगवान शिव की आराधना कर इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से भगवान शिव यहां ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से पूजे जाने लगे। सावन के पवित्र महीने में मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और ऋणमुक्त जीवन की कामना करते हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोककथाओं का यह संगम कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को डिंडौरी ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है। #RinMukteshwarMahadev #Kukarramath #Dindori #HarHarMahadev #Sawan2026 #Mahadev #ShivTemple #MadhyaPradesh #ReligiousTourism #SpiritualIndia #Mahakaushal #Faith #TempleStory #HindiNews #Halchal24News Part 4

Dindori, Dindori | Aug 4, 2026

डिंडौरी का ऋण मुक्तेश्वर महादेव: जहां आस्था के साथ जुड़ी है ऋणमुक्ति की अनूठी मान्यता

कुकर्रामठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, वफादार कुत्ते की लोककथा आज भी सुनाई जाती है

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर ग्राम कुकर्रामठ में स्थित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोकविश्वास का अद्भुत संगम है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव काल से माना जाता है, जबकि वर्तमान में इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन किया जा रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।

मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान ऋण मुक्तेश्वर आर्थिक संकट और ऋण संबंधी परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के चलते महाकौशल अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं।

इस मंदिर की पहचान उससे जुड़ी एक मार्मिक लोककथा से भी है। मान्यता है कि एक व्यापारी ने कर्ज के बदले अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में उसी कुत्ते ने चोरी गए सामान का पता लगाकर साहूकार की संपत्ति वापस दिला दी। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर साहूकार ने व्यापारी का पूरा ऋण माफ कर दिया और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से भेजी। लेकिन व्यापारी ने बिना सच्चाई जाने अपने प्रिय कुत्ते की हत्या कर दी। जब उसे अपनी भूल का पता चला तो पश्चाताप स्वरूप उसने भगवान शिव की आराधना कर इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से भगवान शिव यहां ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से पूजे जाने लगे।

सावन के पवित्र महीने में मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और ऋणमुक्त जीवन की कामना करते हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोककथाओं का यह संगम कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को डिंडौरी ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है।

#RinMukteshwarMahadev #Kukarramath #Dindori #HarHarMahadev #Sawan2026 #Mahadev #ShivTemple #MadhyaPradesh #ReligiousTourism #SpiritualIndia #Mahakaushal #Faith #TempleStory #HindiNews #Halchal24News Part 8

डिंडौरी का ऋण मुक्तेश्वर महादेव: जहां आस्था के साथ जुड़ी है ऋणमुक्ति की अनूठी मान्यता कुकर्रामठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, वफादार कुत्ते की लोककथा आज भी सुनाई जाती है मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर ग्राम कुकर्रामठ में स्थित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोकविश्वास का अद्भुत संगम है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव काल से माना जाता है, जबकि वर्तमान में इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन किया जा रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान ऋण मुक्तेश्वर आर्थिक संकट और ऋण संबंधी परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के चलते महाकौशल अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं। इस मंदिर की पहचान उससे जुड़ी एक मार्मिक लोककथा से भी है। मान्यता है कि एक व्यापारी ने कर्ज के बदले अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में उसी कुत्ते ने चोरी गए सामान का पता लगाकर साहूकार की संपत्ति वापस दिला दी। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर साहूकार ने व्यापारी का पूरा ऋण माफ कर दिया और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से भेजी। लेकिन व्यापारी ने बिना सच्चाई जाने अपने प्रिय कुत्ते की हत्या कर दी। जब उसे अपनी भूल का पता चला तो पश्चाताप स्वरूप उसने भगवान शिव की आराधना कर इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से भगवान शिव यहां ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से पूजे जाने लगे। सावन के पवित्र महीने में मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और ऋणमुक्त जीवन की कामना करते हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोककथाओं का यह संगम कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को डिंडौरी ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है। #RinMukteshwarMahadev #Kukarramath #Dindori #HarHarMahadev #Sawan2026 #Mahadev #ShivTemple #MadhyaPradesh #ReligiousTourism #SpiritualIndia #Mahakaushal #Faith #TempleStory #HindiNews #Halchal24News Part 8

Dindori, Dindori | Aug 4, 2026

डिंडौरी का ऋण मुक्तेश्वर महादेव: जहां आस्था के साथ जुड़ी है ऋणमुक्ति की अनूठी मान्यता

कुकर्रामठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, वफादार कुत्ते की लोककथा आज भी सुनाई जाती है

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर ग्राम कुकर्रामठ में स्थित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोकविश्वास का अद्भुत संगम है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव काल से माना जाता है, जबकि वर्तमान में इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन किया जा रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।

मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान ऋण मुक्तेश्वर आर्थिक संकट और ऋण संबंधी परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के चलते महाकौशल अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं।

इस मंदिर की पहचान उससे जुड़ी एक मार्मिक लोककथा से भी है। मान्यता है कि एक व्यापारी ने कर्ज के बदले अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में उसी कुत्ते ने चोरी गए सामान का पता लगाकर साहूकार की संपत्ति वापस दिला दी। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर साहूकार ने व्यापारी का पूरा ऋण माफ कर दिया और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से भेजी। लेकिन व्यापारी ने बिना सच्चाई जाने अपने प्रिय कुत्ते की हत्या कर दी। जब उसे अपनी भूल का पता चला तो पश्चाताप स्वरूप उसने भगवान शिव की आराधना कर इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से भगवान शिव यहां ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से पूजे जाने लगे।

सावन के पवित्र महीने में मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और ऋणमुक्त जीवन की कामना करते हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोककथाओं का यह संगम कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को डिंडौरी ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है।

#RinMukteshwarMahadev #Kukarramath #Dindori #HarHarMahadev #Sawan2026 #Mahadev #ShivTemple #MadhyaPradesh #ReligiousTourism #SpiritualIndia #Mahakaushal #Faith #TempleStory #HindiNews #Halchal24News Part 10

डिंडौरी का ऋण मुक्तेश्वर महादेव: जहां आस्था के साथ जुड़ी है ऋणमुक्ति की अनूठी मान्यता कुकर्रामठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, वफादार कुत्ते की लोककथा आज भी सुनाई जाती है मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर ग्राम कुकर्रामठ में स्थित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोकविश्वास का अद्भुत संगम है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव काल से माना जाता है, जबकि वर्तमान में इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन किया जा रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान ऋण मुक्तेश्वर आर्थिक संकट और ऋण संबंधी परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के चलते महाकौशल अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं। इस मंदिर की पहचान उससे जुड़ी एक मार्मिक लोककथा से भी है। मान्यता है कि एक व्यापारी ने कर्ज के बदले अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में उसी कुत्ते ने चोरी गए सामान का पता लगाकर साहूकार की संपत्ति वापस दिला दी। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर साहूकार ने व्यापारी का पूरा ऋण माफ कर दिया और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से भेजी। लेकिन व्यापारी ने बिना सच्चाई जाने अपने प्रिय कुत्ते की हत्या कर दी। जब उसे अपनी भूल का पता चला तो पश्चाताप स्वरूप उसने भगवान शिव की आराधना कर इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से भगवान शिव यहां ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से पूजे जाने लगे। सावन के पवित्र महीने में मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और ऋणमुक्त जीवन की कामना करते हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोककथाओं का यह संगम कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को डिंडौरी ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है। #RinMukteshwarMahadev #Kukarramath #Dindori #HarHarMahadev #Sawan2026 #Mahadev #ShivTemple #MadhyaPradesh #ReligiousTourism #SpiritualIndia #Mahakaushal #Faith #TempleStory #HindiNews #Halchal24News Part 10

Dindori, Dindori | Aug 4, 2026

डिंडौरी का ऋण मुक्तेश्वर महादेव: जहां आस्था के साथ जुड़ी है ऋणमुक्ति की अनूठी मान्यता

कुकर्रामठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, वफादार कुत्ते की लोककथा आज भी सुनाई जाती है

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर ग्राम कुकर्रामठ में स्थित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोकविश्वास का अद्भुत संगम है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव काल से माना जाता है, जबकि वर्तमान में इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन किया जा रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।

मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान ऋण मुक्तेश्वर आर्थिक संकट और ऋण संबंधी परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के चलते महाकौशल अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं।

इस मंदिर की पहचान उससे जुड़ी एक मार्मिक लोककथा से भी है। मान्यता है कि एक व्यापारी ने कर्ज के बदले अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में उसी कुत्ते ने चोरी गए सामान का पता लगाकर साहूकार की संपत्ति वापस दिला दी। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर साहूकार ने व्यापारी का पूरा ऋण माफ कर दिया और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से भेजी। लेकिन व्यापारी ने बिना सच्चाई जाने अपने प्रिय कुत्ते की हत्या कर दी। जब उसे अपनी भूल का पता चला तो पश्चाताप स्वरूप उसने भगवान शिव की आराधना कर इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से भगवान शिव यहां ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से पूजे जाने लगे।

सावन के पवित्र महीने में मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और ऋणमुक्त जीवन की कामना करते हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोककथाओं का यह संगम कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को डिंडौरी ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है।

#RinMukteshwarMahadev #Kukarramath #Dindori #HarHarMahadev #Sawan2026 #Mahadev #ShivTemple #MadhyaPradesh #ReligiousTourism #SpiritualIndia #Mahakaushal #Faith #TempleStory #HindiNews #Halchal24News Part 9

डिंडौरी का ऋण मुक्तेश्वर महादेव: जहां आस्था के साथ जुड़ी है ऋणमुक्ति की अनूठी मान्यता कुकर्रामठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, वफादार कुत्ते की लोककथा आज भी सुनाई जाती है मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर ग्राम कुकर्रामठ में स्थित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोकविश्वास का अद्भुत संगम है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव काल से माना जाता है, जबकि वर्तमान में इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन किया जा रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान ऋण मुक्तेश्वर आर्थिक संकट और ऋण संबंधी परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के चलते महाकौशल अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं। इस मंदिर की पहचान उससे जुड़ी एक मार्मिक लोककथा से भी है। मान्यता है कि एक व्यापारी ने कर्ज के बदले अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में उसी कुत्ते ने चोरी गए सामान का पता लगाकर साहूकार की संपत्ति वापस दिला दी। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर साहूकार ने व्यापारी का पूरा ऋण माफ कर दिया और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से भेजी। लेकिन व्यापारी ने बिना सच्चाई जाने अपने प्रिय कुत्ते की हत्या कर दी। जब उसे अपनी भूल का पता चला तो पश्चाताप स्वरूप उसने भगवान शिव की आराधना कर इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से भगवान शिव यहां ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से पूजे जाने लगे। सावन के पवित्र महीने में मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और ऋणमुक्त जीवन की कामना करते हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोककथाओं का यह संगम कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को डिंडौरी ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है। #RinMukteshwarMahadev #Kukarramath #Dindori #HarHarMahadev #Sawan2026 #Mahadev #ShivTemple #MadhyaPradesh #ReligiousTourism #SpiritualIndia #Mahakaushal #Faith #TempleStory #HindiNews #Halchal24News Part 9

Dindori, Dindori | Aug 4, 2026

डिंडौरी का ऋण मुक्तेश्वर महादेव: जहां आस्था के साथ जुड़ी है ऋणमुक्ति की अनूठी मान्यता

कुकर्रामठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, वफादार कुत्ते की लोककथा आज भी सुनाई जाती है

मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर ग्राम कुकर्रामठ में स्थित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोकविश्वास का अद्भुत संगम है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव काल से माना जाता है, जबकि वर्तमान में इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन किया जा रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।

मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान ऋण मुक्तेश्वर आर्थिक संकट और ऋण संबंधी परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के चलते महाकौशल अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं।

इस मंदिर की पहचान उससे जुड़ी एक मार्मिक लोककथा से भी है। मान्यता है कि एक व्यापारी ने कर्ज के बदले अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में उसी कुत्ते ने चोरी गए सामान का पता लगाकर साहूकार की संपत्ति वापस दिला दी। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर साहूकार ने व्यापारी का पूरा ऋण माफ कर दिया और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से भेजी। लेकिन व्यापारी ने बिना सच्चाई जाने अपने प्रिय कुत्ते की हत्या कर दी। जब उसे अपनी भूल का पता चला तो पश्चाताप स्वरूप उसने भगवान शिव की आराधना कर इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से भगवान शिव यहां ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से पूजे जाने लगे।

सावन के पवित्र महीने में मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और ऋणमुक्त जीवन की कामना करते हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोककथाओं का यह संगम कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को डिंडौरी ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है।

#RinMukteshwarMahadev #Kukarramath #Dindori #HarHarMahadev #Sawan2026 #Mahadev #ShivTemple #MadhyaPradesh #ReligiousTourism #SpiritualIndia #Mahakaushal #Faith #TempleStory #HindiNews #Halchal24News Part 2

डिंडौरी का ऋण मुक्तेश्वर महादेव: जहां आस्था के साथ जुड़ी है ऋणमुक्ति की अनूठी मान्यता कुकर्रामठ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन और महाशिवरात्रि पर उमड़ता है आस्था का सैलाब, वफादार कुत्ते की लोककथा आज भी सुनाई जाती है मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से लगभग 13 किलोमीटर दूर ग्राम कुकर्रामठ में स्थित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव का प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और लोकविश्वास का अद्भुत संगम है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध पांडव काल से माना जाता है, जबकि वर्तमान में इसका संरक्षण पुरातत्व विभाग के अधीन किया जा रहा है। सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मंदिर को लेकर प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहां श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने से भगवान ऋण मुक्तेश्वर आर्थिक संकट और ऋण संबंधी परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसी विश्वास के चलते महाकौशल अंचल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं। इस मंदिर की पहचान उससे जुड़ी एक मार्मिक लोककथा से भी है। मान्यता है कि एक व्यापारी ने कर्ज के बदले अपने वफादार कुत्ते को साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में उसी कुत्ते ने चोरी गए सामान का पता लगाकर साहूकार की संपत्ति वापस दिला दी। उसकी ईमानदारी से प्रभावित होकर साहूकार ने व्यापारी का पूरा ऋण माफ कर दिया और इसकी सूचना पत्र के माध्यम से भेजी। लेकिन व्यापारी ने बिना सच्चाई जाने अपने प्रिय कुत्ते की हत्या कर दी। जब उसे अपनी भूल का पता चला तो पश्चाताप स्वरूप उसने भगवान शिव की आराधना कर इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। तभी से भगवान शिव यहां ऋण मुक्तेश्वर महादेव के नाम से पूजे जाने लगे। सावन के पवित्र महीने में मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और ऋणमुक्त जीवन की कामना करते हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोककथाओं का यह संगम कुकर्रामठ स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को डिंडौरी ही नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में विशेष स्थान दिलाता है। #RinMukteshwarMahadev #Kukarramath #Dindori #HarHarMahadev #Sawan2026 #Mahadev #ShivTemple #MadhyaPradesh #ReligiousTourism #SpiritualIndia #Mahakaushal #Faith #TempleStory #HindiNews #Halchal24News Part 2

Dindori, Dindori | Aug 4, 2026

#ग्राम मुड़की में हर घर तिरंगा यात्रा निकाली गयी और लोगों को जागरूक किया गया# - Dindori News