एजीआईएफ ऋण पर लाखों की सब्सिडी दिलाने का झांसा देकर सेना कर्मी से 10 लाख रुपये का फ्रॉड करने वाला आरोपी पंचकूला पुलिस की गिरफ्त में
सेना से भगौड़ा घोषित आरोपी के खिलाफ 6 राज्यों में 12 मामले दर्ज, आरोपी 1 दिन के पुलिस रिमांड पर
पंचकूला/ 16 सितंबर:- पंचकूला पुलिस द्वारा वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना चण्डीमन्दर में दर्ज वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में पंचकूला पुलिस ने आरोपी सागर गुलेरिया निवासी जालंधर, पंजाब को गिरफ्तार किया है।
आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी तजिन्द्र पाल सिंह के अनुसार 1 मई 2026 को चण्डीमंदिर कैंट में तैनात आर्मी के जवान ने पुलिस को शिकायत दी कि दिनांक 06 फरवरी 2026 को जोशी एन्क्लेव के पास आरोपी सागर गुलेरिया ने उसे रोककर स्वयं को सेना कर्मी व एजीआईएफ में क्लर्क बताया। आरोपी ने 10 लाख रुपये के ऋण पर 7 लाख रुपये सब्सिडी तथा 20 लाख रुपये के ऋण पर 15 लाख रुपये सब्सिडी दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने शिकायतकर्ता से आधार कार्ड, पैन कार्ड, कैंटीन कार्ड, वेतन पर्ची व अन्य दस्तावेज व्हाट्सएप पर मंगवाए तथा ऑनलाइन ऋण प्रक्रिया के नाम पर ओटीपी भी हासिल कर लिए।
दिनांक 09 फरवरी 2026 को शिकायतकर्ता के एसबीआई वेतन खाते में करीब ऋण राशि जमा हुई। इसके बाद आरोपी ने योनो खाते की जानकारी व ओटीपी हासिल कर शिकायतकर्ता के खाते से रुपये अपने जानकार लोगों के खातों में 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। आरोपी द्वारा रकम वापस करने का झांसा दिया गया, लेकिन बाद में वह संपर्क से बचने लगा।
डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह के अनुसार जांच के दौरान संबंधित बैंकों से रिकॉर्ड प्राप्त किया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद आज कोर्ट में पेश कर 1 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। आरोपी के खिलाफ गुजरात, मध्यप्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान व हरियाणा में इसी प्रकार की धोखाधड़ी से संबंधित कुल 12 मामले दर्ज हैं। आरोपी सेना से भगौड़ा घोषित है। आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी से धोखाधड़ी से प्राप्त रकम बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि ऋण, सब्सिडी या सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के साथ आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी साझा न करें। वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत बैंक को सूचित करें तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं।
Uklana, Hissar | Sep 16, 2026