नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जिले में 4,073 प्रकरणों का निराकरण
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आपसी राजीनामे के आधार पर हुआ प्रकरणों का निराकरण, 10 करोड़ 4 लाख 23 हजार 506 रुपये की समझौता राश
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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शेख सलीम के मार्गदर्शन एवं विशेष न्यायाधीश तथा नेशनल लोक अदालत के समन्वयक श्री जी.सी. शर्मा के निर्देशन में 12 सितंबर को जिला मुख्यालय विदिशा सहित जिले के विभिन्न तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का आपसी सहमति एवं राजीनामे के आधार पर त्वरित निराकरण किया गया।
जिला मुख्यालय विदिशा में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शेख सलीम द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री आशुतोष मिश्र, विशेष न्यायाधीश (एट्रासिटी) एवं नेशनल लोक अदालत समन्वयक श्री जी.सी. शर्मा, समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव श्री राजनारायण तिवारी, अधिवक्तागण, न्यायालयीन स्टॉफ एवं पक्षकारगण उपस्थित रहे।
28 खण्डपीठों का किया गया गठन -
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विदिशा श्री नितेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 28 खण्डपीठों का गठन किया गया था। इन खण्डपीठों के समक्ष आपराधिक शमनीय प्रकरण, सिविल प्रकरण, धारा 138 एनआई एक्ट के प्रकरण, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, राजस्व प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, विद्युत, जल एवं संपत्तिकर संबंधी प्रकरण, बीएसएनएल तथा बैंकों की वसूली से संबंधित प्रकरण निराकरण के लिए प्रस्तुत किए गए।
न्यायालयीन एवं प्रीलिटिगेशन सहित 4,073 प्रकरणों का निराकरण -
नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के 40, धारा 138 एनआई एक्ट के 205, फौजदारी/फौजदारी अपील के 202, वैवाहिक प्रकरणों के 51, दीवानी प्रकरणों के 26 तथा अन्य 145 प्रकरणों सहित विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके अतिरिक्त 2,427 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया गया। इस प्रकार न्यायालयों में लंबित एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों सहित कुल 4,073 प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे एवं सहमति के आधार पर किया गया। इन प्रकरणों में कुल 10,04,23,506 रुपये की समझौता राशि निर्धारित हुई। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के निराकरण से पक्षकारों को त्वरित न्याय प्राप्त हुआ तथा आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवादों का समाधान संभव हुआ। #Vidisha