ग्रामीण स्वच्छता में छिंदवाड़ा की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर
जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार को मिला प्रतिष्ठित ISC-FICCI WASH Champion पुरस्कार
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छिंदवाड़ा जिले ने ग्रामीण स्वच्छता एवं पेयजल प्रबंधन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नई दिल्ली में आयोजित 10वें ISC-FICCI सैनिटेशन अवार्ड्स-2026 में जिला पंचायत छिंदवाड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री अग्रिम कुमार (आईएएस) को ग्रामीण स्वच्छता, नवाचार एवं प्रभावी नेतृत्व के लिए प्रतिष्ठित “Category 6B – WASH Champion (Special Jury Recognition)” पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान छिंदवाड़ा जिले द्वारा स्वच्छता एवं जल प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान है।
विशेष बात यह है कि WASH Champion श्रेणी के लिए सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार द्वारा कोई व्यक्तिगत आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया था। पुरस्कार चयन प्रक्रिया के दौरान मुख्य जूरी के अध्यक्ष प्रो. आर.ए. माशेलकर एवं कार्यकारी जूरी ने विभिन्न नामांकनों का मूल्यांकन करते हुए छिंदवाड़ा में किए गए अभिनव कार्यों और उनके प्रभावी नेतृत्व को देखते हुए सर्वसम्मति से उन्हें विशेष जूरी सम्मान प्रदान करने का निर्णय लिया।
‘वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ को भी मिला राष्ट्रीय सम्मान - इसी समारोह में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), मध्यप्रदेश को भी छिंदवाड़ा जिले से प्रारंभ हुई अभिनव पहल ‘वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ के लिए श्रेणी-7 के अंतर्गत प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जिले में विकसित मॉडल अब राज्य और देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन चुका है।
नवाचार बना ग्रामीण स्वच्छता का नया मॉडल - कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रिम कुमार के नेतृत्व में जिला पंचायत छिंदवाड़ा ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 2.0 एवं जल जीवन मिशन के अभिसरण से ‘वॉश ऑन व्हील्स’ और ‘वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ जैसी अभिनव पहल शुरू की। यह एक डिजिटल सर्विस सिस्टम एवं एंटरप्राइज आधारित मॉडल है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षित ‘स्वच्छता साथी’ आधुनिक प्रेशर वाशर मशीनों तथा सुरक्षा उपकरणों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की सफाई एवं पेयजल अवसंरचनाओं के रखरखाव का कार्य कर रहे हैं।
इस पहल के अंतर्गत घरेलू एवं संस्थागत शौचालयों की नियमित सफाई के साथ-साथ स्कूलों के ओवरहेड टैंकों की सफाई, पाइपलाइन मरम्मत तथा पेयजल व्यवस्थाओं के रखरखाव जैसी सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिली है।
76 हजार से अधिक शौचालयों की सफाई, स्वच्छता साथियों को मिला रोजगार - ‘वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ मॉडल के माध्यम से अब तक 76 हजार से अधिक घरेलू एवं संस्थागत शौचालयों की सफाई तथा 1,300 से अधिक स्कूलों के ओवरहेड टैंकों की सफाई की जा चुकी है। इस पहल से न केवल स्वच्छता सेवाओं का विस्तार हुआ है, बल्कि स्वच्छता साथियों के लिए लगभग 1.20 करोड़ रुपये का राजस्व भी सृजित हुआ है, जिससे ग्रामीण युवाओं एवं सफाई मित्रों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्राप्त हुए हैं।
यह राष्ट्रीय सम्मान छिंदवाड़ा जिले के नवाचार, जनभागीदारी और सुशासन आधारित कार्यप्रणाली की बड़ी उपलब्धि है, जो ग्रामीण स्वच्छता एवं जल प्रबंधन के क्षेत्र में जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा।