हमीरपुर में कूटरचित ई-केवाईसी से सिम फार्मिंग गिरोह का खुलासा, दो गिरफ्तार, 48 सिम कार्ड बरामद
105 सिम कार्ड से जुड़े साइबर अपराधों की जांच में कई राज्यों में शिकायतें दर्ज, लाखों की ठगी का आरोप
हमीरपुर। जनपद हमीरपुर की साइबर क्राइम पुलिस ने कूटरचित ई-केवाईसी के माध्यम से सिम कार्ड सक्रिय कर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने वाले एक कथित गिरोह का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 48 ब्लैंक सिम कार्ड, दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन तथा दो आधार कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा सक्रिय किए गए कुल 105 सिम कार्ड विभिन्न राज्यों में साइबर अपराधों में प्रयुक्त होने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान इन सिम कार्डों से जुड़े मामलों में विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
दो मुकदमों की विवेचना के दौरान सामने आए आरोपी
पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को थाना साइबर क्राइम में सुमेरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भौनिया, चन्दपुरवा निवासी एक महिला की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 25 अगस्त 2026 को थाना सिसोलर क्षेत्र के ग्राम भुलसी निवासी एक अन्य महिला की शिकायत पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
पुलिस अधीक्षक हमीरपुर के निर्देश पर दोनों मामलों के शीघ्र खुलासे के लिए टीमों का गठन किया गया। विवेचना के दौरान दीपक कुमार पुत्र रामखिलावन, निवासी ग्राम भौरा डाण्डा, थाना सुमेरपुर तथा विक्रान्त सिंह पुत्र बलवान सिंह, निवासी ग्राम देवपुरा, थाना कालपी, जनपद जालौन के नाम प्रकाश में आए।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को निर्माणाधीन पुल, सिटी फॉरेस्ट के पास, कोतवाली नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
लोन केवाईसी के नाम पर निकालते थे सिम
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पीओएस एजेंट के रूप में कार्य करते थे। पुलिस के अनुसार, विक्रान्त सिंह एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी में फील्ड ऑफिसर के रूप में कार्यरत था, जबकि दीपक उसका सहयोगी था।
आरोप है कि समूह लोन दिलाने और केवाईसी कराने के नाम पर लोगों की जानकारी अथवा सहमति के बिना उनके नाम से सिम कार्ड सक्रिय कराए जाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को ऊंचे दामों पर साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
19 और 16 राज्यों में साइबर फ्रॉड से जुड़े सिम
पुलिस के मुताबिक NCRP और समन्वय पोर्टल की जांच में पाया गया कि आरोपी दीपक कुमार द्वारा निकाले गए 69 सिम कार्डों से जुड़े मामलों में 19 राज्यों में 114 साइबर फ्रॉड की घटनाएं सामने आई हैं।
वहीं, आरोपी विक्रान्त सिंह द्वारा निकाले गए 36 सिम कार्डों से जुड़े मामलों में 16 राज्यों में 56 साइबर फ्रॉड की घटनाएं दर्ज पाई गई हैं। पुलिस के अनुसार, इन मामलों के माध्यम से लाखों रुपये की साइबर ठगी किए जाने की जांच की जा रही है।
बरामदगी और विवेचना के आधार पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा टेलीकॉम एक्ट की धारा 42(3)(e) सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई बढ़ाई गई है। पुलिस ने विधिक कार्रवाई पूरी कर दोनों अभियुक्तों को न्यायालय भेजने की कार्रवाई की है।
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