तीन दशक की सरकारी सेवा पूरी, लेकिन लोगों के दिलों में बनाई ऐसी जगह जो कभी रिटायर नहीं होगी!
कुछ लोग अपनी जिम्मेदारियों से पहचान बनाते हैं, तो कुछ अपने व्यवहार से लोगों के दिलों में हमेशा के लिए जगह बना लेते हैं। रईस अहमद भाई ऐसी ही शख्सियत हैं।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग में करीब 30 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद रईस अहमद सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में विभाग की ओर से विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने रईस अहमद के लंबे सेवाकाल, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
लेकिन रईस अहमद की उपलब्धि सिर्फ तीन दशक की सरकारी नौकरी नहीं है। उनकी सबसे बड़ी पूंजी वह अपनापन है, जो उन्होंने विभाग और पत्रकारिता जगत के लोगों के बीच कमाया है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव से उत्तराखंड तक का सफर तय करने वाले रईस भाई ने अपने सरल स्वभाव, हंसमुख अंदाज और बेझिझक संवाद से पत्रकारों के बीच एक अलग पहचान बनाई। उनके साथ जुड़ाव कभी पद या काम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसमें हमेशा आत्मीयता और भाईचारे की झलक रही।
उनकी सेवानिवृत्ति पर उत्तरांचल प्रेस क्लब में भी जिस गर्मजोशी के साथ सम्मान और विदाई दी गई, वह इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने लोगों के बीच कितने मजबूत रिश्ते बनाए हैं।
रईस भाई, सरकारी सेवा की एक पारी जरूर समाप्त हुई है, लेकिन आपकी जिंदगी की नई पारी अब शुरू हो रही है। उम्मीद है कि अब मुलाकातों में काम की व्यस्तता कम और चाय की चुस्कियों के साथ गपशप ज्यादा होगी।
आपको स्वस्थ, सुखी और खुशहाल जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं।
क्योंकि असली रईसी धन-दौलत या ओहदे में नहीं, बल्कि उस सम्मान और प्यार में होती है, जो इंसान अपने व्यवहार से दूसरों के दिलों में कमाता है।
रईस अहमद भाई, आपने नौकरी के तीन दशक पूरे किए हैं, लेकिन लोगों के दिलों में आपकी मौजूदगी का कोई रिटायरमेंट नहीं है। ❤️🙏
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