फोटो में दिख रही चार मंजिला इमारत जो गरीबों का खून चूस कर तैयार की गई जो का #उर्मिला_हॉस्पिटल है।
#डॉ_विवेक_निरंजन है जिस पर एक महिला का लापरवाही से ऑपरेशन करने के बाद उसकी मौत का आरोप है। डॉ विवेक पर लापरवाही का आरोप लगना कोई पहली मर्तबा नहीं है। इन पर पहले भी ऐसे तमाम आरोप लग चुके हैं। लेकिन पैसों के रसूख और खुद की जाति के सीएमओ ऑफिस के एक कर्मचारी के भरोसे इन्हें क्राइम करने में कोई डर नहीं रहता है। और पैसों के रसूख के दम पर ये बड़े बड़े मामले सैटल कर लेते हैं।
वहीं इनकी अगर भाषा शैली की बात करें तो सड़कछाप भाषा शैली इनकी पहचान है।
हमीरपुर के #राठ क्षेत्र से एक परिवार ने अपनी मां को कूल्हे के इलाज के लिए #उरई के #उर्मिला_हॉस्पिटल लेकर गया था। परिजनों के अनुसार, 8 सितंबर को भर्ती करने के बाद ऑपरेशन हुआ। हालत नहीं सुधरी तो दूसरा ऑपरेशन किया गया। करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए, फिर महिला को झांसी रेफर किया गया, जहां उनकी #मौत हो गई। परिजन अच्छे इलाज के लिए पहुंचे लेकिन उन्हें बदले में क्या मिला ?
उस बेटे से पूछिए, जिसने इलाज के लिए रुपये जुटाए और अंत में अपनी मां को खो दिया। परिवार ने हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ये परिवार इस सड़क छाप डाक्टर के रसूख के आगे पता नहीं टिक पायेगा या नहीं, इसे न्याय मिल भी पाएगा या नहीं ये बड़ा सवाल है।
लेकिन इसकी लापरवाही से इलाज करने वाले पीड़ितों की लिस्ट देखकर तो बस आप सब से ये कहना चाहूंगा कि अगर आपका कोई जानने वाला उर्मिला हॉस्पिटल जाए तो बड़ा सोच समझकर ही उसे वहां जाने दें।
इस परिवार को अकेला मत छोड़िए। उनकी आवाज़ उठाइए, ताकि जांच फाइलों में दबे नहीं और एक बेटे को अपनी मां के साथ क्या हुआ, इसका सच जानने के लिए दर-दर न भटकना पड़े। बाकी खबर कमेंट बॉक्स में है आप पढ़ सकते हैं। और डॉ विवेक निरंजन की पटकथा अब मैं सही से लिखना शुरू करूंगा।
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Jalaun, Jalaun | Oct 7, 2026