भिवानी में श्री अग्रसेन रामलीला महोत्सव
सातवें दिन अशोक वाटिका उजाडऩे और लंका दहन के जीवंत मंचन से गूंजा जय श्रीराम का जयकारा
कर्तव्यनिष्ठा, मर्यादा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है भगवान श्रीराम का जीवन : सांसद धर्मबीर सिंह
मानव जीवन के आदर्शों की एक खुली पाठशाला है रामलीला मंचन : विधायक घनश्याम सर्राफ
भिवानी, 18 अक्तूबर : स्थानीय रेलवे रोड स्थित सेठ किरोड़ीमल पार्क में श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी (रजि.) के तत्वावधान में आयोजित 11 दिवसीय संपूर्ण रामलीला महोत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के 7वें दिन दर्शकों का भारी उत्साह देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत प्रसंगों ने दर्शकों को पूरी तरह भावविभोर कर दिया। मंच पर सीता माता के दर्शन, अशोक वाटिका, लंका दहन और विभीषण की राम शरणागत जैसे प्रमुख प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया। 7वें दिन के मंचन का मुख्य आकर्षण अशोक वाटिका का उजाडऩा और लंका दहन रहा, जिसके दौरान पूरा माहौल जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारों से गुंजायमान हो गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ भिवानी-महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद चौ. धर्मबीर सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि पहुंचकर किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय विधायक घनश्याम सर्राफ ने की। वही विशिष्ट अतिथि के तौर पर डा. शिवकांत, डा. विनोद अंचल, डा. त्रिलोकी, डा. केएम गोयल, डा. आरबी गोयल, डा. बीएस गुप्ता, सुरेश सर्राफ, प्रेमचंद पैट्रोलपंप वाले पहुंचे। श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैणी और प्रवक्ता अभिषेक बंसल ने अतिथियों का स्वागत किया और रामलीला के प्रमुख प्रसंगों की रूपरेखा साझा की। प्रधान विजय बंसल टैणी व प्रवक्ता अभिषेक बंसल ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से अवगत कराना है। अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के माध्यम से इस बार रामलीला को एक नया और भव्य स्वरूप दिया गया है, जिसे भिवानी की जनता का अभूतपूर्व प्यार मिल रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा सांसद चौ. धर्मबीर सिंह ने कहा कि धार्मिक आयोजन हमारी प्राचीन संस्कृति और संस्कारों को जीवंत रखने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र हमें कर्तव्यनिष्ठा, मर्यादा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आज के समय में युवाओं को इन आयोजनों से जुडक़र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझना चाहिए। विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि रामलीला केवल एक मंचन नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के आदर्शों की एक खुली पाठशाला है। रावण दहन और लंका दहन जैसे प्रसंग हमें सिखाते हैं कि अहंकार और बुराई का अंत निश्चित है। कमेटी के सभी पदाधिकारी बधाई के पत्र हैं जो इस प्रकार के भव्य आयोजनों के जरिए समाज को एकजुट कर रहे हैं।
इस मौके पर कमेटी के महासचिव अधिवक्ता अजय सर्राफ, सह संयोजक प्रवीण गर्ग, उप प्रधान पवन भरतिया व सुरेश डब्बेवाला, कोषाध्यक्ष मामनचंद अग्रवाल तथा सदस्य पवन बुवानीवाला, मुरालीलाल तौला, विनोद गोयल, प्रमोद मिंडूका, उमाकान्त भोली एवं विनोद जैन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।