नगर:श्री रामलीला कला मंडल, ब्रजनगर
द्वारा आयोजित ब्रजनगर रामलीला महोत्सव - 2026
द्वितीय दिवस मंचन में राजा दशरथ द्वारा विचार करना की चौथापन आगया है लेकिन संतान प्राप्ति नहीं हुई है तो समाधान हेतु गुरु वशिष्ठ के पास जाते हैं वो पुत्रेष्टि यज्ञ से उत्पन्न हवी राजा को देते हैं और कहते हैं इसे रानियों को खिला देना उसके बाद रानी कौशल्या, सुमित्रा और कैकेई को पुत्र रत्न प्राप्त होते है।
राम जन्म लेते ही माता कौशल्या को विराट रूप में दर्शन देते हैं। मंच पर विराट रूप में महा आरती की गई जिसकी भव्य झांकी देखकर दर्शक आनंदित हो गियर। इसके बाद माता कौशल्या कहती है आप बालरूप धारण कर अपनी बाल सुलभ क्रीड़ाओं से आनंदित करो। बाल स्वरूप में चारों पुत्रों राम लखन भरत शत्रुघ्न की क्रीड़ाओं को देखकर राजा दशरथ और संपूर्ण प्रजा प्रसन्न होती है । इसके बाद वशिष्ठ द्वारा चारों पुत्रों का नामकरण,
विश्वामित्र द्वारा राम लक्ष्मण को वन लेजाना ,ताड़का वध,सुबाहु-मारीचि वध,अहिल्या उद्धार
,जनकपुर भ्रमण,गौरी पूजन आदि प्रसंगों का बहुत ही सुंदर मंचन किया गया।
प्रथम आरती में काशीराम गर्ग भगत समाजसेवी एवं
मुकेश मित्तल उपाध्यक्ष जिला अग्रवाल महासभा भरतपुर यजमान के रूप में उपस्थित रहे।