शिक्षकों ने न्याय, अधिकार एवं सम्मान को लेकर भगवान के चरणों में प्रस्तुत की सामूहिक अर्जी
मंडी प्रांगण से निकाली न्याय यात्रा, पिपलेश्वर मंदिर में TET से मुक्ति, समान वेतन और पुरानी पेंशन सहित विभिन्न मांगें उठाईं
अनोखा तीर, हरदा। शिक्षकों के सम्मान, अधिकार, अस्तित्व एवं परिवार की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर रविवार, 13 सितंबर 2026 को शिक्षकों एवं न्याय यात्रा में शामिल सहभागियों ने सामूहिक रूप से भगवान शिव के चरणों में न्यायपूर्ण अर्जी प्रस्तुत की। पीएम यूएम जिला प्रभारी राजेश गुर्जर के नेतृत्व में शिक्षकों ने मंडी प्रांगण से रैली निकाली, जो पिपलेश्वर मंदिर पहुंची। यहां भगवान शंकर एवं नंदीश्वर के समक्ष शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर सामूहिक अर्जी प्रस्तुत की गई।
अर्जी के माध्यम से शिक्षकों ने शासन से न्यायपूर्ण निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनके अधिकारों, सम्मान और सेवा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का शीघ्र निराकरण किया जाना आवश्यक है।
TET से स्थायी मुक्ति की मांग
सामूहिक अर्जी में शिक्षकों ने TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से स्थायी मुक्ति की मांग प्रमुखता से उठाई। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने तत्कालीन नियमों एवं निर्धारित पूर्ण पात्रता के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की थी। ऐसे में वर्षों की सेवा के बाद बदले हुए नियमों के आधार पर TET लागू करना उचित नहीं है। शिक्षकों ने ‘गो बैक TET’ का नारा भी उठाया।
केंद्रीय वेतनमान और समान वेतन की मांग
शिक्षकों ने मध्यप्रदेश में कार्यरत शिक्षकों को केंद्रीय वेतनमान तथा समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने की मांग रखी। अर्जी में कहा गया कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनके कार्य एवं दायित्व के अनुरूप सम्मानजनक वेतनमान मिलना चाहिए।
प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता एवं सेवा गणना
शिक्षकों ने प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता एवं सेवा की गणना किए जाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि वर्षों की पूर्व सेवा को समाप्त मानकर नई सेवा अवधि के आधार पर वरिष्ठता निर्धारित करना न्यायसंगत नहीं है। शिक्षकों ने वास्तविक नियुक्ति तिथि से पूर्ण वरिष्ठता बहाल करने की मांग की।
पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग
अर्जी में शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। शिक्षकों ने कहा कि जीवनभर सेवा करने वाले कर्मचारियों के बुढ़ापे की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन महत्वपूर्ण है। इसलिए शासन को इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
ईश्वर से न्यायपूर्ण सफलता की प्रार्थना
शिक्षकों ने भगवान से नीति-निर्माताओं को सद्बुद्धि एवं संवेदनशीलता प्रदान करने तथा शिक्षकों के संघर्ष को न्यायपूर्ण सफलता मिलने की प्रार्थना की। अर्जी में कहा गया कि “शिक्षकों के साथ न्याय हो।”
इस अवसर पर मनीष नेमा, प्रदीप पस्तारिया, विजय व्यास, गोपाल दुबे, बालकृष्ण सांखला, मनीष सोनकिया, राजेंद्र दीक्षित, सुनील कुमार उइके, रामशंकर मालवीय, अनिल सर्वर एवं मुकेश शर्मा सहित शिक्षक एवं न्याय यात्रा में शामिल सहभागी उपस्थित रहे।
Harda, Harda | Sep 13, 2026