प्रेस विज्ञप्ति
स्थान- नालन्दा
दिनांक : 08 अगस्त 2026
जिला जनसंपर्क कार्यालय, नालंदा
*‘आवाज़ उठाइए, समाधान का रास्ता खोजिए—सिस्टम आपकी मदद के लिए खड़ा है’ : जिला पदाधिकारी*
• छात्राओं को निडर होकर अपनी बात रखने, निर्णय लेने, समस्या की पहचान करने और बदलाव की दिशा में पहला कदम उठाने की प्रेरणा मिली।
• जिलाधिकारी ने छात्राओं को संदेश दिया कि “हर समस्या के समाधान की शुरुआत उसकी पहचान से होती है”—आवाज़ उठाइए, समाधान खोजिए और जरूरत पड़ने पर प्रशासन की सहायता लीजिए।
• छात्राओं से यह भी जाना गया कि वे नालंदा एवं समाज के विकास में किस प्रकार योगदान देना चाहती हैं, वहीं उन्हें शिक्षा, करियर और जीवन में आने वाले भटकाव से बचने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
• छात्राओं को "ईश्वर उसी की मदद करता है जो अपनी मदद खुद करते हैं का मूल मंत्रा मिला
*बिहारशरीफ (नालंदा):* सप्ताह का वह दिन, जब नालंदा की जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह केवल एक प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका में नहीं, बल्कि एक अभिभावक, मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत की भूमिका में छात्राओं से रूबरू होती हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत एस.एम.पी.डी. बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मथुरिया की छात्राओं का जिला पदाधिकारी के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। संवाद के दौरान छात्राओं ने न केवल विद्यालय एवं आसपास की समस्याओं को खुलकर साझा किया, बल्कि अपने सपनों, करियर की आकांक्षाओं और जीवन में आने वाली चुनौतियों पर भी जिला पदाधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
*छात्राओं ने खुलकर रखीं समस्याएं और अपने सपने*
संवाद के दौरान छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार के आसपास असामाजिक तत्वों के जमावड़े एवं छात्राओं पर कमेंटबाजी/टीजिंग, स्कूल परिसर एवं आसपास साफ-सफाई की समस्या, स्ट्रीट लाइट की कमी, पर्याप्त CCTV कैमरों की आवश्यकता, पेयजल की व्यवस्था, शिक्षकों एवं क्लासरूम की कमी जैसी समस्याओं को सामने रखा।
कक्षा 12 की छात्रा नीलिमा कुमारी ने विद्यालय में भूगोल एवं हिंदी विषय के शिक्षकों की कमी तथा क्लासरूम की कमी की ओर जिला पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने जीवन में पढ़ाई के दौरान आने वाले भटकाव से बचने का उपाय पूछते हुए कहा कि उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का है और उन्होंने जिला पदाधिकारी से मार्गदर्शन मांगा।
कक्षा 9 की छात्रा शिवानी कुमारी ने अपनी भविष्य की आकांक्षाओं को साझा करते हुए कहा कि जिला पदाधिकारी से मिलना उनके लिए प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने विद्यालय के आसपास स्ट्रीट लाइट एवं साफ-सफाई जैसी समस्याओं को भी उठाया।
*‘समस्या की पहचान से समाधान और फिर बदलाव की ओर बढ़ें’*
छात्राओं की बात सुनने के बाद जिला पदाधिकारी ने मुस्कुराते हुए उनसे संवाद को परिचर्चा का रूप दिया। उन्होंने पूछा कि “मेरे सामने अपनी समस्या रखने से पहले क्या आपने कभी सोचा कि इस समस्या से कैसे निकला जा सकता है?”
उन्होंने टीजिंग जैसी घटना की स्थिति में छात्राओं से पूछा कि वे किस प्रकार प्रतिक्रिया देंगी। छात्राओं ने क्रमशः बताया कि ऐसी स्थिति में पहले स्थिति को समझना, आवश्यकता पड़ने पर अभिभावकों एवं शिक्षकों को बताना, स्कूल प्रबंधन को सूचित करना तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस-प्रशासन की मदद लेना चाहिए।
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं के जवाबों को सराहते हुए कहा कि जीवन में किसी भी समस्या के समाधान के लिए पहला चरण समस्या की पहचान है। इसके बाद यह तय करना जरूरी है कि जो हो रहा है वह सही है या गलत। यदि गलत है तो उसे बदलने के लिए निर्णय लेना होगा। उन्होंने कहा कि “जब आप स्वयं निर्णय लेना और उसके लिए आगे बढ़ना सीखती हैं, तभी नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।”
*‘ईश्वर उसी की मदद करता है, जो अपनी मदद खुद करता है’*
छात्राओं को प्रेरित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि अंग्रेजी की प्रसिद्ध उक्ति “God helps those who help themselves” का सीधा अर्थ है कि ईश्वर उसी की मदद करता है जो अपनी मदद स्वयं करने का प्रयास करता है।
उन्होंने कहा कि छात्राएं किसी भी समस्या को छोटा समझकर नजरअंदाज न करें। मोबाइल या कोई सामान खो जाने पर लोग तुरंत शिकायत करते हैं, लेकिन टीजिंग या छेड़खानी की घटनाओं की शिकायत कई बार नहीं की जाती। इससे प्रशासन को यह पता ही नहीं चल पाता कि किस स्थान पर ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि “आपकी शिकायत प्रशासन के लिए केवल शिकायत नहीं है, बल्कि समस्या वाले स्थान की पहचान करने में मदद है।”
जिला पदाधिकारी ने बताया कि पूर्व में छात्राओं द्वारा बताई गई संवेदनशील जगहों पर 112 की गाड़ियों एवं पुलिस प्रशासन की टीम की तैनाती की गई है। साथ ही विद्यालयों के स्तर पर नियमित फॉलोअप एवं निगरानी की व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया गया है।
*‘आवाज़ उठाइए, Vocal बनिए—आप ही भविष्य हैं’*
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को निडर होकर अपनी बात रखने की सलाह देते हुए कहा कि “मौन मत रहिए, Vocal बनिए। आपकी Presence सबको पता होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि छात्राएं नालंदा, बिहार और देश का भविष्य हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने आसपास होने वाली गलत चीजों के प्रति सजग रहें और सही समय पर आवाज उठाएं।
उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि जब आप भविष्य में इस कुर्सी पर बैठें, तब आपको इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े। इसका अर्थ होगा कि समाज में बदलाव आया है।”
*तकनीक और AI को बनाएं समाधान का माध्यम*
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को वर्तमान समय को तकनीक एवं AI का दौर बताते हुए कहा कि यदि किसी समस्या का समाधान समझ में नहीं आ रहा है तो इंटरनेट एवं AI की सहायता से समाधान के विकल्प खोजे जा सकते हैं।
उन्होंने छात्राओं के सामने एक छात्रा को बुलाकर AI से सवाल पूछवाया और उसका लाइव डेमो प्रस्तुत किया। AI द्वारा दिए गए सुझावों को छात्राओं द्वारा व्यक्त किए गए विचारों से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक समस्या के समाधान के नए रास्ते दिखा सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि AI से प्राप्त हर जानकारी को आंख मूंदकर स्वीकार करने के बजाय उसे समझना, जांचना और अपनी आवश्यकता के अनुसार उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि “आपकी परेशानी का जवाब आपकी fingertips पर है। मदद का रास्ता खोजिए, आपको कई रास्ते दिखाई देने लगेंगे।”
सरकारी प्लेटफॉर्म एवं ‘माई भारत’ पोर्टल से जुड़ने की अपील*
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को जिला प्रशासन, बिहार सरकार एवं भारत सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को फॉलो करने की सलाह दी, ताकि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं, अवसरों एवं महत्वपूर्ण सूचनाओं की अद्यतन जानकारी मिलती रहे।
उन्होंने छात्राओं को ‘माई भारत’ पोर्टल से जुड़ने एवं स्वयं को रजिस्टर करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी एवं उनके विकास के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से उपयोगी मंच है। विभिन्न गतिविधियों एवं क्विज आदि में भाग लेकर छात्राएं नए अनुभव और ज्ञान प्राप्त कर सकती हैं।
*समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश*
संवाद के दौरान छात्राओं द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
विद्यालय में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया। विद्यालय एवं आसपास साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया।
विद्यालय क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। छात्राओं द्वारा बताई गई सुरक्षा संबंधी समस्याओं के स्थानों पर आवश्यक निगरानी एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
*छात्राओं को कराया गया ICCC एवं वन स्टॉप सेंटर का एक्सपोजर विजिट*
संवाद कार्यक्रम के उपरांत छात्राओं को व्यावहारिक जानकारी देने एवं शहर की सुरक्षा व्यवस्था तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए उपलब्ध सहायता तंत्र से परिचित कराने के उद्देश्य से Integrated Command and Control Centre (ICCC) एवं One Stop Centre का एक्सपोजर विजिट कराया गया। ICCC में छात्राओं को शहर में सुरक्षा एवं निगरानी के लिए लगाए गए 491 CCTV कैमरों का लाइव प्रदर्शन दिखाया गया। साथ ही शहर के 15 प्रमुख क्षेत्रों में स्थापित Public Address System तथा 10 प्रमुख स्थानों पर स्थापित Emergency Call Box (ECB) की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि आपात स्थिति में ECB के हेल्प बटन के माध्यम से तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है।
वन स्टॉप सेंटर के भ्रमण के दौरान छात्राओं को पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण, आपातकालीन सहायता, विधिक सहायता, काउंसलिंग एवं चिकित्सा सहायता सहित उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी गई।
इस संवाद एवं एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला परियोजना प्रबंधक (DPM), जिला मिशन समन्वयक, तथा विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने सभी छात्राओं के उज्ज्वल एवं स्वर्णिम भविष्य की कामना की।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Mithilesh Kumar Tiwari
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
ICDS Directorate Bihar
Bihar Education Department
120 views | Nalanda, Bihar | Aug 8, 2026