#सेवा_संकल्प_अभियान
#कहानी_बदलाव_की
खेती से खाद्य प्रसंस्करण तक का सफर, सीमा पाटीदार ने मूल्य संवर्धन से बढ़ाई आय
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एफपीओ से जुड़कर स्थापित की सीड एवं मिर्ची प्रोसेसिंग यूनिट, 20 लोगों को मिला रोजगार
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पीएमएफएमई योजना से मिला 10 लाख रुपये का अनुदान, व्यवसाय का वार्षिक कारोबार 55 से 60 लाख रुपये तक पहुंचा
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खरगोन 17 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में कृषि आधारित उद्यमिता और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी सामने आई है। ग्राम डलकी, पोस्ट सिरखण्डी, तहसील सेगांव निवासी श्रीमती सीमा बालकृष्ण पाटीदार ने किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़कर पारंपरिक खेती को आधुनिक प्रसंस्करण एवं विपणन से जोड़ा है। उनकी इस पहल से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि 20 लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
उचित बाजार और मूल्य के अभाव से शुरू हुआ बदलाव का सफर
श्रीमती सीमा पाटीदार के अनुसार, पहले वे सामान्य तरीके से खेती करती थीं। फसल तैयार होने के बाद मंडी में मिलने वाले भाव पर ही उपज बेचनी पड़ती थी। कई बार उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण उपज वापस लाने की स्थिति भी बन जाती थी। उस समय उनकी मासिक आय लगभग 20 से 25 हजार रुपये थी। फसल के प्रसंस्करण और बेहतर विपणन की सुविधा नहीं होने से आय बढ़ाने के अवसर सीमित थे।
एफपीओ से जुड़कर शुरू किया मूल्य संवर्धन का कार्य
एफपीओ से जुड़ने और प्रसंस्करण की सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद उन्होंने अपने कृषि व्यवसाय को नया स्वरूप दिया। खेती के साथ सीड प्रोसेसिंग यूनिट और मिर्ची प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की। अब मिर्ची से मिर्च पाउडर और मिर्ची स्नैक्स जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
इन उत्पादों का स्थानीय बाजार में विक्रय करने के साथ एफपीओ के माध्यम से विदेशों में निर्यात भी किया जा रहा है। इससे कृषि उपज को केवल कच्चे माल के रूप में बेचने के बजाय तैयार उत्पादों के रूप में बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिला है।
पीएमएफएमई योजना से मिला आर्थिक संबल
श्रीमती सीमा पाटीदार की मिर्ची प्रोसेसिंग यूनिट प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत स्थापित हुई है। इस इकाई के लिए लगभग 30 लाख रुपये का ऋण और 10 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। योजना से मिले सहयोग ने प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने और कृषि उपज का मूल्य संवर्धन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मासिक आय एक लाख रुपये, वार्षिक कारोबार 60 लाख तक
प्रसंस्करण एवं विपणन गतिविधियों से जुड़ने के बाद श्रीमती सीमा पाटीदार की मासिक आय बढ़कर लगभग एक लाख रुपये हो गई है। उनके व्यवसाय का वार्षिक कारोबार लगभग 55 से 60 लाख रुपये तक पहुंच गया है। वर्तमान में इस व्यवसाय से 20 लोगों को रोजगार मिल रहा है।
एफपीओ के माध्यम से अन्य किसानों की उपज का भी सामूहिक संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन किया जाता है। इससे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने की दिशा में सहायता मिल रही है।
किसानों के लिए बनीं प्रेरणा
श्रीमती सीमा पाटीदार का मानना है कि किसानों की वास्तविक तरक्की केवल उत्पादन बढ़ाने में नहीं, बल्कि उपज के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बेहतर बाजार से जुड़ने में है। उनकी सफलता की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं, एफपीओ के सहयोग और उद्यमशीलता के समन्वय से खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है।
श्रीमती सीमा पाटीदार की यह सफलता ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण और कृषि आधारित रोजगार सृजन की प्रेरक मिसाल है।
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