बारह ज्योतिर्लिंगों की महिमा का हुआ गुणगान, श्री शिव महापुराण कथा का भव्य समापन
बीकानेर। शिवबाड़ी स्थित श्री ज्योत भारती जी के धूणे में पिछले कई दिनों से चल रही श्री शिव महापुराण कथा का आज श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ विराम हुआ। कथा के अंतिम दिवस कथा वाचक संतोष सागर जी महाराज ने भगवान शिव के पवित्र बारह ज्योतिर्लिंगों की महिमा एवं उनसे जुड़ी कथाओं का विस्तार से वर्णन किया।
महाराज श्री ने श्रद्धालुओं को बताया कि भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग देश के विभिन्न पवित्र स्थलों पर विराजमान हैं और प्रत्येक ज्योतिर्लिंग की अपनी विशेष महिमा एवं धार्मिक मान्यता है। कथा के दौरान सोमनाथ सहित सभी बारह ज्योतिर्लिंगों के प्राकट्य, उनकी महिमा तथा भगवान शिव की आराधना से मिलने वाले आध्यात्मिक लाभों का वर्णन किया गया। ज्योतिर्लिंगों की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
कथा स्थल पर अंतिम दिवस भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भजनों और भगवान शिव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा के समापन अवसर पर आयोजन से जुड़े श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों ने कथा वाचक संतोष सागर जी महाराज का आभार व्यक्त किया। कई दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय सहित शिव महापुराण के अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का श्रवण श्रद्धालुओं ने किया।
अंतिम दिवस बारह ज्योतिर्लिंगों की कथा के साथ श्री शिव महापुराण कथा का विधिवत विराम हुआ। समापन के दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से कथा स्थल गूंज उठा तथा श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। समापन पर समाज सेवी नित्यानंद पारीक ने समस्त श्रद्धालुओं का आभार प्रकट किया पारीक ने धोरे के समस्त सहयोगियों उद्योग पति माधो सिंह जी, किशन जी , शिव भेरू , राजू कुमावत , गोपाल ,उमाराम चौधरी, सादुल सिंह , वेद जी का विशेष सात दिनों तक सेवा देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया ।