
Nitish Kumar vs Upendra Kushwaha: बेटे की सियासी स्थिति मजबूत होते ही फिर मुखर हुए कुशवाहा, अब ‘लव-कुश’ हिस्सेदारी का नया फॉर्मूला
बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर खुलकर अपनी राजनीतिक दावेदारी पेश कर रहे हैं। हाल तक अपेक्षाकृत शांत रहे कुशवाहा अब लगातार नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत और सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर बयान दे रहे हैं। उनके ताजा बयान ने बिहार के चर्चित ‘लव-कुश’ समीकरण को फिर सियासी बहस के केंद्र में ला दिया है।
उपेंद्र कुशवाहा का तर्क है कि बिहार में करीब 20 वर्षों तक ‘लव’ यानी कुर्मी नेतृत्व के दौर के बाद अब ‘कुश’ यानी कुशवाहा समाज को भी सत्ता में बराबर की भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने इस सोच को एक तरह के ‘20 बनाम 20’ फॉर्मूले के रूप में पेश किया है। कुशवाहा का कहना है कि उनकी पार्टी केवल सत्ता की चाबी नहीं, बल्कि बिहार की जिम्मेदारी संभालने की भी दावेदार है।
इस पूरे घटनाक्रम को उनके बेटे दीपक प्रकाश की मजबूत होती राजनीतिक स्थिति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हाल के दिनों में उपेंद्र कुशवाहा के तेवरों में बदलाव और सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर उनकी मुखरता ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, यह कहना कि बेटे की राजनीतिक स्थिति मजबूत होने के कारण ही उनका रुख बदला है, फिलहाल राजनीतिक विश्लेषण और अटकल का विषय है।
अब बड़ा सवाल यह है कि उपेंद्र कुशवाहा की यह मांग केवल सामाजिक और राजनीतिक हिस्सेदारी की बहस है या फिर नीतीश कुमार के बाद बिहार की सत्ता में बड़ी भूमिका के लिए भविष्य की दावेदारी। फिलहाल इतना तय है कि ‘लव-कुश’ फॉर्मूले को लेकर कुशवाहा के नए तेवरों ने एनडीए के भीतर भी राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है।
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Chapra, Saran | Aug 23, 2026