
पद से हटने के बाद IAS रिंकू सिंह राही के तीखे संदेश: “सिद्धांतों से समझौता नहीं, व्यवस्था में बदलाव जरूरी”
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जालौन तहसील से एसडीएम पद से हटाए जाने के बाद आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लगातार कई पोस्ट साझा कर प्रशासनिक व्यवस्था, सुशासन और व्यक्तिगत सिद्धांतों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उनके संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।
रिंकू सिंह राही ने अपने पोस्ट में कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की तुलना में स्वयं को देखने पर उन्हें आत्मग्लानि होती है। उनका मानना है कि केवल पद पर बने रहने के लिए सिद्धांतों से समझौता करना उचित नहीं है। उन्होंने लिखा कि यदि सभी लोग समझौता कर लेंगे तो व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन संभव नहीं होगा और समाज को ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो अपने आचरण से दूसरों के लिए उदाहरण बन सकें।
उन्होंने आगे कहा कि उनका उद्देश्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना है, जहाँ संविधान और कानून की भावना के अनुरूप बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप के ‘बेसिक गवर्नेंस’ लागू हो सके। यदि ऐसा संभव नहीं होता है तो उन्होंने अपने कैडर परिवर्तन की अनुमति और संस्तुति देने का भी अनुरोध किया है।
रिंकू सिंह राही ने यह भी घोषणा की कि अंतिम निर्णय होने तक वे 22 जुलाई 2026 से अपने कार्य के अनुरूप केवल आधा वेतन स्वीकार करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे अनुशासनहीनता के रूप में नहीं, बल्कि एक सिद्धांत आधारित निर्णय के रूप में देखा जाए। उन्होंने बताया कि आगामी सप्ताह में “Leadership, Ethics and Organisational Effectiveness” विषय पर होने वाले प्रशिक्षण के बाद उन्हें नए अनुभव प्राप्त होंगे, इसलिए आधा वेतन लेने की तिथि प्रशिक्षण के बाद निर्धारित की गई है।
15 जुलाई की एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उनके मन में हमेशा यह द्वंद्व रहता है कि यदि जनता का भला करना है तो पद पर बने रहना आवश्यक है, लेकिन कई बार पद पर बने रहने के लिए सिद्धांतों से समझौता करना पड़ता है। उन्होंने प्रेरणादायक संदेश देते हुए लिखा कि “सद्मार्ग में मात्रा से अधिक गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है, जीवन लंबा नहीं बल्कि महान होना चाहिए।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने व्यवस्था सुधार के लिए संघर्ष कर रहे विद्यार्थियों और आम नागरिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे लोगों का समर्पण उन्हें आत्ममंथन के लिए प्रेरित करता है और स्वयं पर प्रश्न उठाने के लिए मजबूर करता है।
रिंकू सिंह राही की इन पोस्टों ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक उनके बयानों पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। फिलहाल उनके विचार, मांगें और प्रशासनिक सुधार से जुड़े संदेश जनचर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं।
नोट - निजी राय ब्यक्तिगत आग्रह है पूरे उरई समेत जिला जालौन लोगो को रिंकू राही के साथ खड़ा होना चाहिए।
उनका कार्यकाल पूरा तीन बर्ष पूर्ण कोई सीखेगा नजीरे बाकि सिखाया रिश्तवत और काम चोरी कमीशन
Orai, Jalaun | Jul 18, 2026