लगे रहो आईना देखया तो बुरा लग गया इनके बाप दादा भी ब्रिटिश इण्ड़िया खड़े रहते होगे
#जालौन
ये लोक सेवक वो सुनना चाहते जो इन्हें पंसद मगर भगत सिंह, आजाद सहित तमाम गुमनामी ब्यक्ति जिन्होने बगैर परवाह किए बिट्रिश इण्ड़िया सरकार को आयना दिखाने के काम किए उस समय की सरकार उनके अनुसार सभी आंतकवादी थे लेकिन जब कुछ सुधार हुआ तो सरकारी आॅफिस और प्रतिमा स्थल बनाये गये । वर्तमान मे अभी नैतिक सिद्धांतो का पतन हो चुका है आर्थिक युग सिर्फ अर्थ से मतलब है। बस जिन लोग का जमीर जिंदा वो सच से सामना कराते रहते तो उन देश भक्त क्रांतिकारियों आत्मा शांती जरूर मिलेगी तथा यह संविधान निर्माताओ ने कभी नही सोचा होगा । जो गुलाम रहे वो आज पुन: कमजोर गुलाम बनायेंगे खैर उन्हे भी अच्छा लगेगा देंश तरक्की करेगा पर उससे ज्यादा (नेता की तरक्की अधिकारी की तरक्की- दोनो रिश्वत से) लेकिन आम जनता जो लोक तंत्र के अंतिम छोर वो ब्यक्ति कभी लाभ न ले पायेंगा जलवा जमीदारो के भी रहे। अधीन रियासतो सिधिंया घराने के भी रहे तय कर लो कैसा रहना पसंद वैसा ही मिल जायेंगा
Orai, Jalaun | Jul 20, 2026