सफाई कर्मचारी सुपरवाइजर की बेटी ने किया नाम रोशन : नीट पास कर बनी समाज की प्रेरणा, बोलीं- डॉक्टर बनकर गरीबों का करूंगी मुफ्त इलाज
उरई (जालौन)। मेहनत, लगन और बुलंद हौसलों के आगे कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। इस बात को जनपद जालौन के उरई की बेटी रूपल बाल्मीकि ने सच साबित कर दिखाया है। राजेंद्र नगर निवासी रूपल बाल्मीकि, पुत्री विक्रम बाल्मीकि, ने नीट (NEET) परीक्षा में 720 में से 520 अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे बाल्मीकि समाज और जनपद का नाम रोशन किया है।
रूपल के पिता विक्रम बाल्मीकि नगर पालिका परिषद उरई में सफाई कर्मचारी सुपरवाइज़र के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी परिवार की पहली सदस्य होगी जो डॉक्टर बनेगी। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद रूपल ने कभी हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रही, जिसका परिणाम आज पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय बन गया है।
रूपल की इस शानदार उपलब्धि पर मोहल्ले और परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों और परिजनों ने फूल-मालाएं पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर उनका सम्मान किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
रूपल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को देते हुए कहा कि उनका सपना एक सफल डॉक्टर बनना है। उन्होंने कहा, "मैं डॉक्टर बनकर गरीब और जरूरतमंद लोगों का यथासंभव निःशुल्क इलाज करना चाहती हूं, ताकि आर्थिक तंगी किसी के इलाज में बाधा न बने।"
रूपल की सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग से हर सपना साकार किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि आज हजारों युवाओं, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई है।
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Orai, Jalaun | Jul 19, 2026