
IPS अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर ने कार्यालय में किसान नेता को बेरहमी से पीटा! आंख से खून निकलने पर थाने में बुलाया डॉक्टर, नाम सुनते ही भड़के मेरठ SSP!
उत्तर प्रदेश के मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय और सिविल लाइंस थाने के प्रभारी अखिलेश गौड़ पर गंभीर आरोप लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन के बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव ने पिटाई करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, गुरुवार रात अविनाश पांडेय मेरठ एसएसपी के पद से हटा दिए गए। उनको डीजीपी मुख्यालय लखनऊ में एसपी पद पर संबंद्ध कर दिया गया है।
किसान नेता दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाते हुए बताया कि बुधवार रात उनको सिविल लाइंस थाने ले जाया गया। यहां पर मेडिकल के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि वह अपने साथी मोहित जाटव के साथ गैंगस्टर के एक मुकदमे में निष्पक्ष जांच के लिए मेरठ एसएसपी के कार्यालय में गए हुए थे। उस समय एसएसपी अविनाश पांडेय कार्यालय में नहीं थे। उनके पहुंचने के 5 मिनट बाद एसएसपी अविनाश पांडेय आ गए।
दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि एसएसपी अविनाश पांडेय ने एक सिपाही को अंदर बुलाया। दोनों ने अपना परिचय दिया। आरोप है कि दिग्विजय भाटी का नाम सुनते ही एसएसपी अविनाश पांडेय आग बबूला हो गए और भड़कते हुए कहा कि तुम वही हो, जिसने कलेक्ट्रेट गेट पर हंगामा किया था। इसके बाद कार्यालय में एसएसपी ने दोनों को पीटा। फिर सिविल लाइंस प्रभारी अखिलेश गौड़ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और दोनों को एसओजी कार्यालय ले आए।
दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया है कि पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय में अखिलेश गौड़ और उनकी टीम ने उनके और साथी मोहित के साथ मारपीट की गई। पिटाई से आंखों से खून निकल आया, जिसके बाद आंख और दिमाग के डॉक्टर को बुलाया गया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई। जानकारी होते देर रात सपा विधायक अतुल प्रधान परिजनों के साथ थाने पहुंचे। जहां वह दिग्विजय भाटी को अपने साथ लेकर आए। वहीं, गुरुवार रात एएसपी मेरठ को हटा दिया गया। उनको डीजीपी मुख्यालय लखनऊ में एसपी के पद पर संबंद्ध किया गया।