#बलरामपुर; #उतरौला में गूंजा या हुसैन: मरहूम यावर हुसैन के अज़ाखाने में मजलिस का आयोजन, 18 बनी हाशिम के ताबूत की ज़ियारत में उमड़ा मोमिनीन का सैलाब...
रिपोर्ट इमरान अली शाह
बलरामपुर; उतरौला स्थित मरहूम यावर हुसैन के अज़ाखाने में 6 रबीउलअव्वल (गुरुवार) को एक अज़ीमुश्शान 'मजलिस-ए-अज़ा' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अकीदतमंदों और ज़ायरीन की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा माहौल इमाम हुसैन की याद में गमगीन हो गया।
मजलिस की ज़ाकिरी आली जनाब मौलाना सदाक़त हुसैन साहब ने की, जबकि नक़ाबत का फ़र्ज़ मौलाना शबाब हैदर जलालपुरी ने अंजाम दिया। मजलिस के खत्म होने पर 18 बनी हाशिम की शबीह-ए-ताबूत बरामद की गई, जिसके दर्शन (ज़ियारत) के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी।
इस दौरान आलमी शोहरत याफ़्ता नौहाख्वान अली हसन, हसन जाफ़र व अन्य नौहाख्वानों ने बारगाह-ए-इमाम हुसैन में मर्सिया और नौहाख्वानी पेश कर इमाम हुसैन व उनके वफादार साथियों को खिराज-ए-अक़ीदत पेश किया।
कार्यक्रम को देर रात 1 बजे तक सुचारू रूप से चलाने में इमामिया ट्रस्ट के कोऑर्डिनेटर मुसाय्यब जाफरी, शहंशाह जाफ़री, इफ्फू जाफ़री, अहसन जाफ़री, अलहम्द, अब्बास अली, काशान, फहद, ज़ेन रिज़वी और अबुल फ़ज़ल ने अहम भूमिका निभाई। वहीं फैज़ जाफरी ने सबील-ए-इमाम हुसैन लगाकर देर रात तक ज़ायरीन की खिदमत की।
प्रोग्राम के दौरान इमामिया ट्रस्ट के सदर अली मुर्तज़ा जैन जाफरी, महासचिव अम्बर जाफरी, हसनैन अली अब्दी, अनीसुल हसन एडवोकेट, सैयद नुसरत हुसैन, मोहर्रम कमेटी के सचिव मोनू रिज़वी, अहसन रिज़वी और पूर्व ट्रस्ट अध्यक्ष अयमन रिज़वी समेत बड़ी संख्या में इलाके के गणमान्य नागरिक और अकीदतमंद मौजूद रहे।
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