
उरई के लाल प्रभात दुबे की शोध यात्रा को मिला "द टाइम्स ऑफ इंडिया" में स्थान
उरई/जालौन। उरई के युवा शोधार्थी प्रभात दुबे की शोध यात्रा ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश के प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी समाचार-पत्र The Times of India (TOI) की चर्चित “Leaders of Change” श्रृंखला में प्रभात दुबे के शोध कार्य और अकादमिक यात्रा को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
“Studying a journalist’s legacy through the lens of Indian media” शीर्षक से प्रकाशित हाफ-पेज की विशेष स्टोरी में प्रभात दुबे के शोध कार्य, उनकी अकादमिक यात्रा, वरिष्ठ पत्रकार श्री आलोक मेहता के साथ उनकी मुलाकात एवं संवाद तथा भारतीय पत्रकारिता में उनके पाँच दशकों के योगदान के अध्ययन को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि एक युवा शोधार्थी के शोध और उसके पीछे की यात्रा को देश के सबसे प्रतिष्ठित और व्यापक रूप से पढ़े जाने वाले अंग्रेज़ी समाचार-पत्रों में से एक के मंच पर प्रमुखता मिलना उनके अकादमिक प्रयासों की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
प्रभात दुबे ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि The Times of India जैसे प्रतिष्ठित मंच पर अपनी शोध यात्रा को स्थान मिलना उनके लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और सदैव स्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें अपने शोध कार्य को और अधिक समर्पण, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।
विशेष स्टोरी में पत्रकारिता की विरासत को शोध के दृष्टिकोण से समझने के उनके प्रयास और वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता के पत्रकारिता जीवन के अध्ययन के महत्व को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। प्रभात दुबे का यह शोध प्रयास भारतीय मीडिया के इतिहास, पत्रकारिता की परंपराओं और उसके बदलते स्वरूप को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रभात दुबे ने The Times of India (TOI), पत्रकार अंकित शर्मा और पूरी संपादकीय टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके शोध को जिस गंभीरता, संवेदनशीलता और सार्थकता के साथ प्रस्तुत किया गया, वह उनके लिए विशेष सम्मान की बात है।
उरई से निकलकर शोध के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे प्रभात दुबे की इस उपलब्धि से स्थानीय स्तर पर भी हर्ष का माहौल है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत शोध यात्रा का गौरवपूर्ण पड़ाव है, बल्कि उरई और जालौन के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का संदेश देती है कि निरंतर अध्ययन, शोध और समर्पण के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
प्रभात दुबे की यह उपलब्धि उनकी शोध यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ती है और आने वाले समय में उनके अकादमिक कार्यों से और महत्वपूर्ण उपलब्धियों की उम्मीद जगाती है।
Orai, Jalaun | Aug 15, 2026